Chapter 1यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय

PARAKH questions13 min

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PARAKH की तीन कसौटियाँ: जागरूकता 50% · संवेदनशीलता 20% · सृजनात्मकता 30%

ये प्रश्न सामान्य प्रश्नों से अलग हैं। सामान्य प्रश्न पूछते हैं “क्या हुआ था?”; ये प्रश्न पूछते हैं “आपको इससे क्या समझ आया?” इसलिए इनके उत्तर रटे नहीं जा सकते — इन्हें सोचकर लिखना पड़ता है।

हर प्रश्न के साथ ‘उत्तर की दिशा’ दी गई है, ताकि विद्यार्थी को पता चले कि किस तरफ़ सोचना है।


भाग क — जागरूकता (50%)

1नीचे दी गई तालिका को देखिए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 4 अंक

उत्तर देखिए
शहरएक ‘ऐले’ कपड़े की लंबाई
फ़्रैंकफ़र्ट54.7 सेंटीमीटर
मेंज़55.1 सेंटीमीटर
न्यूरेम्बर्ग65.6 सेंटीमीटर
फ़्राईबर्ग53.5 सेंटीमीटर

(क) सबसे लंबा और सबसे छोटा ‘ऐले’ किन शहरों में था, और दोनों में कितने सेंटीमीटर का अंतर था? (1) (ख) एक व्यापारी के लिए यह स्थिति क्यों परेशानी की थी? (2) (ग) इस समस्या को हल करने के लिए 1834 में क्या किया गया? (1)

उत्तर की दिशा (क) सबसे लंबा न्यूरेम्बर्ग में (65.6 सेमी) और सबसे छोटा फ़्राईबर्ग में (53.5 सेमी); अंतर 12.1 सेंटीमीटर। (ख) क्योंकि एक ही नाम के पैमाने से हर शहर में अलग-अलग मात्रा में कपड़ा मिलता था, इसलिए दाम तय करना, हिसाब लगाना और भरोसा करना मुश्किल हो जाता था। (ग) 1834 में प्रशा की पहल पर ज़ॉल्वेराइन नामक शुल्क संघ बनाया गया, जिसने शुल्क अवरोध समाप्त किए और मुद्राओं की संख्या तीस से घटाकर दो कर दी।


2नीचे दो कथन दिए गए हैं। दोनों को पढ़कर बताइए कि इनमें विरोधाभास कहाँ है। 3 अंक

उत्तर देखिए

कथन क उदारवाद का मतलब था व्यक्ति के लिए आज़ादी और क़ानून के समक्ष सबकी बराबरी।

कथन ख क्रांतिकारी फ़्रांस में मत देने और चुने जाने का अधिकार केवल संपत्तिवान पुरुषों को ही हासिल था।

उत्तर की दिशा विद्यार्थी को यह पहचानना चाहिए कि कहने और करने में अंतर था। उदारवाद ने सिद्धांत में सबकी बराबरी की बात की, पर व्यवहार में संपत्ति-विहीन पुरुषों और सभी महिलाओं को राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखा। उन्नत उत्तर वह होगा जो यह भी जोड़े कि इसी कारण पूरी उन्नीसवीं सदी में महिलाओं और संपत्ति-विहीन पुरुषों को समान अधिकारों के लिए आंदोलन चलाने पड़े।


3नीचे दी गई घटनाओं को सही क्रम में लगाइए और हर घटना के आगे उसका वर्ष लिखिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

फ़्रैंकफ़र्ट संसद · वियना संधि · जर्मन साम्राज्य की घोषणा · फ़्रांसीसी क्रांति · ज़ॉल्वेराइन की स्थापना · यूनान को स्वतंत्रता

उत्तर: फ़्रांसीसी क्रांति (1789) → वियना संधि (1815) → यूनान को स्वतंत्रता (1832) → ज़ॉल्वेराइन की स्थापना (1834) → फ़्रैंकफ़र्ट संसद (1848) → जर्मन साम्राज्य की घोषणा (1871)


4फ़्रैंकफ़र्ट संसद असफल क्यों हुई? तीन कारण लिखिए और बताइए कि इनमें से कौन-सा कारण आपको सबसे महत्त्वपूर्ण लगता है और क्यों। 4 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशा तीन कारण — (1) प्रशा के राजा फ़्रेडरीख विल्हेम चतुर्थ ने ताज अस्वीकार कर दिया; (2) कुलीन वर्ग और सेना का विरोध बढ़ गया; (3) मध्य वर्गों ने मज़दूरों और कारीगरों की माँगों का विरोध किया, जिससे वे उनका समर्थन खो बैठे। उन्नत उत्तर वह है जो तीसरे कारण को सबसे महत्त्वपूर्ण बताए और तर्क दे कि जिस आंदोलन के पीछे आम लोग नहीं होते, वह सेना के सामने टिक नहीं पाता।


5पाठ्यपुस्तक कहती है कि 1848 की क्रांति में “रूढ़िवादी ताक़तें उदारवादी आंदोलनों को दबा पाने में कामयाब हुईं, किंतु वे पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं कर पाईं।” इस कथन का क्या अर्थ है? 3 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशा इसका अर्थ है कि क्रांति हार गई, पर बेकार नहीं गई। राजाओं को समझ आ गया कि रियायतें देकर ही क्रांति और दमन का चक्र समाप्त किया जा सकता है। इसीलिए 1848 के बाद हैब्सबर्ग क्षेत्रों और रूस में भूदासत्व तथा बंधुआ मज़दूरी समाप्त कर दी गई और हंगरी को ज़्यादा स्वायत्तता दी गई।


6नीचे दी गई तालिका पूरी कीजिए। 4 अंक

व्यक्तिदेशयोगदान (एक वाक्य में)
ऑटो वॉन बिस्मार्क
ज्युसेपे मेत्सिनी
काउंट कावूर
ज्युसेपे गैरीबॉल्डी
उत्तर देखिए
व्यक्तिदेशयोगदान (एक वाक्य में)
ऑटो वॉन बिस्मार्क??
ज्युसेपे मेत्सिनी??
काउंट कावूर??
ज्युसेपे गैरीबॉल्डी??

उत्तर: बिस्मार्क — जर्मनी; प्रशा की सेना और नौकरशाही की मदद से तीन युद्धों के ज़रिए जर्मनी का एकीकरण किया। मेत्सिनी — इटली; ‘यंग इटली’ बनाकर एकीकृत इतालवी गणराज्य का विचार दिया। कावूर — इटली; फ़्रांस से कूटनीतिक संधि करके 1859 में ऑस्ट्रिया को हराया। गैरीबॉल्डी — इटली; 1860 में ‘हज़ार लोगों का अभियान’ चलाकर दक्षिण इटली को जोड़ा।


7ब्रिटेन और जर्मनी में राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में क्या अंतर था? दो अंतर लिखिए। 3 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशापहला अंतर — ब्रिटेन में राष्ट्र-राज्य किसी क्रांति से नहीं, एक लंबी चलने वाली प्रक्रिया से बना, जबकि जर्मनी में वह तीन युद्धों और सेना की ताक़त से बना। दूसरा अंतर — ब्रिटेन में आंग्ल संसद ने 1688 में राजतंत्र से ताक़त छीनी, जबकि जर्मनी में 1848 की जनता की संसद असफल रही और राजतंत्र ही एकीकरण का नेता बना। तीसरा अंतर (यदि चाहें) — ब्रिटेन में राष्ट्र-निर्माण के साथ स्कॉटलैंड और आयरलैंड की संस्कृति को दबाया गया।

भाग ख — संवेदनशीलता (20%)

8सिलेसिया के बुनकरों के विद्रोह (1845) का विवरण पढ़िए और उत्तर दीजिए।
(क) बुनकरों की मुख्य माँग क्या थी? (1)
(ख) ठेकेदार सेना बुलाकर लौटा और ग्यारह बुनकरों को गोली मार दी गई। इस अंत से आपको क्या समझ आता है? (3) 4 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशा (क) बुनकर ज़्यादा मज़दूरी की माँग कर रहे थे। (ख) प्रारंभिक उत्तर केवल यह कहेगा कि सेना ने अन्याय किया। दक्ष उत्तर यह पहचानेगा कि ग़रीब लोगों के पास संगठित ताक़त नहीं थी, जबकि ठेकेदार के पास राज्य की ताक़त तक पहुँच थी। उन्नत उत्तर यह भी जोड़ेगा कि इसी असंतुलन के कारण 1848 में मज़दूर और मध्यवर्ग अलग-अलग रह गए, और यही फ़्रैंकफ़र्ट संसद की असफलता का एक कारण बना।


9स्रोत-ग में तीन लोगों की राय दी गई है — कार्ल वेल्कर, लुइज़े ऑटो-पीटर्स और एक अनाम पाठक। तीनों की राय पढ़कर बताइए कि उदारवादी विचारधारा के भीतर महिलाओं के अधिकारों पर क्या मतभेद था। 4 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशाकार्ल वेल्कर, जो स्वयं फ़्रैंकफ़र्ट संसद के निर्वाचित सदस्य थे, मानते थे कि महिला “कमज़ोर, निर्भर और दब्बू है” और उसका क्षेत्र “घर, बच्चों की देखभाल और परिवार का पालन-पोषण” है। इसके विपरीत लुइज़े ऑटो-पीटर्स ने कहा कि “स्वतंत्र पुरुषों को परतंत्रता से घिरे रहना मंज़ूर नहीं होना चाहिए।” और अनाम पाठक ने और तीखा सवाल उठाया कि “सबसे मूर्ख मवेशी-पालक को मत देने का अधिकार सिर्फ़ इसलिए है क्योंकि वह एक पुरुष है”, जबकि क़ाबिल महिलाओं को नहीं। उन्नत उत्तर यह निष्कर्ष निकालेगा कि ‘उदारवादी’ होने का मतलब सबके लिए एक जैसा नहीं था — एक ही आंदोलन के भीतर आज़ादी की परिभाषा पर गहरा मतभेद था।


10पोलैंड का नक़्शे से नाम मिट गया था, फिर भी वहाँ के लोगों ने अपनी पहचान बनाए रखी। उन्होंने ऐसा कैसे किया, और इससे आपको क्या सीख मिलती है? 60–80 शब्दों में लिखिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

उत्तर की दिशा उत्तर में संगीत (कैरोल कुर्पिंस्की के पोलोनेस और माजुरका), भाषा (चर्च और धार्मिक शिक्षा में पोलिश का प्रयोग), और उसकी क़ीमत (पादरियों और बिशपों का जेल जाना तथा साइबेरिया भेजा जाना) — तीनों बातें आनी चाहिए। उन्नत उत्तर यह सीख निकालेगा कि राष्ट्र केवल ज़मीन नहीं होता; वह भाषा, संगीत और स्मृति में भी ज़िंदा रह सकता है। (शिक्षक इसे विद्यार्थी की अपनी भाषा और लोक-परंपरा से जोड़ सकते हैं।)

भाग ग — सृजनात्मकता (30%)

11आप 1848 के फ़्रैंकफ़र्ट में रहने वाले एक विद्यार्थी हैं। 18 मई 1848 को आपने 831 प्रतिनिधियों का जुलूस सेंट पॉल चर्च की ओर जाते देखा। उस दिन अपनी डायरी में 100 शब्द लिखिए। 6 अंक

उत्तर देखिए

लिखने के निर्देश:

  • कम से कम तीन ऐतिहासिक तथ्य आने चाहिए (तारीख़, प्रतिनिधियों की संख्या, स्थान, संविधान का प्रारूप)
  • एक उम्मीद और एक डर दोनों लिखिए
  • भाषा एक किशोर की हो, इतिहासकार की नहीं

मूल्यांकन: प्रारंभिक — केवल तथ्य लिखे हैं, डायरी का रूप नहीं। दक्ष — तीन तथ्य सही ढंग से आए हैं और डायरी जैसी लगती है। उन्नत — उम्मीद और डर दोनों दिखते हैं, और लेखक यह भी महसूस करता है कि महिलाओं को केवल दर्शक-दीर्घा में खड़े होने दिया गया था।


12अपने राष्ट्र का रूपक बनाइए। 6 अंक

उत्तर देखिए

यूरोप में कलाकारों ने राष्ट्र को नारी रूप में दिखाया — फ़्रांस की मारीआन और जर्मनी की जर्मेनिया। अब आप कल्पना कीजिए कि आपको अपने राज्य या अपने विद्यालय का एक रूपक बनाना है।

(क) आप उसे कैसा रूप देंगे? (2) (ख) आप उसे चार प्रतीक देंगे। हर प्रतीक और उसका अर्थ तालिका में लिखिए। (3) (ग) आपने ये चार प्रतीक ही क्यों चुने? एक वाक्य में बताइए। (1)

उदाहरणके लिए तालिका का ढाँचा:

प्रतीकअर्थ
??

मूल्यांकन: उन्नत उत्तर वह है जिसमें प्रतीक अपने आसपास की असली चीज़ों से लिए गए हों (जैसे खेजड़ी का पेड़, ऊँट, पानी की मटकी) और हर प्रतीक का अर्थ स्पष्ट रूप से बताया गया हो। (यह ठीक वैसा ही है जैसे जर्मनी ने अपने आसपास के बलूत के पेड़ को बहादुरी का प्रतीक बनाया।)


13दो पत्र। 6 अंक

उत्तर देखिए

नेपोलियन की सेना जब आपके शहर पहुँची, तो कुछ लोग ख़ुश थे और कुछ नाराज़। दो छोटे पत्र लिखिए —

(क) एक किसान का पत्र, जो ख़ुश है (3) (ख) एक व्यापारी का पत्र, जो नाराज़ है (3)

संकेत: किसान के पत्र में भू-दासत्व और जागीरदारी शुल्कों से मुक्ति आनी चाहिए। व्यापारी के पत्र में बढ़े हुए कर, सेंसरशिप और जबरन भर्ती आनी चाहिए।

मूल्यांकन: उन्नत उत्तर वह है जिसमें दोनों पत्र ईमानदारी से मज़बूत हों — यानी दोनों की बात सही लगे। यह सिखाता है कि एक ही घटना अलग-अलग लोगों के लिए अलग-अलग होती है।


14(समूह प्रोजेक्ट) 10 अंक

शीर्षक:“मेरे गाँव की पहचान”

इस अध्याय में आपने पढ़ा कि ग्रिम बंधुओं ने छह साल तक गाँव-गाँव जाकर लोक कथाएँ इकट्ठी कीं, क्योंकि उनका मानना था कि राष्ट्र की सच्ची आत्मा लोकगीतों, जन-काव्य और लोकनृत्यों में बसती है।

अब आपको वही काम अपने इलाक़े में करना है।

कार्य के चरण

  1. अपने गाँव, मोहल्ले या क़स्बे के किसी बुज़ुर्ग से बातचीत कीजिए और एक लोककथा, एक लोकगीत या एक कहावत लिखकर लाइए। (3 अंक)
  2. बताइए कि आपने यह किससे सुनी — उनका नाम, उम्र और आपसे उनका रिश्ता। (2 अंक)
  3. लिखिए कि यह कहानी या गीत क्या सिखाता है और वह किस बात को महत्त्वपूर्ण मानता है। (3 अंक)
  4. अंत में एक पैराग्राफ़ में उत्तर दीजिए — “अगर ये कहानियाँ किसी ने लिखी न होतीं, तो क्या खो जाता?” (2 अंक)

शिक्षक के लिए निर्देश विद्यार्थियों को ज़रूर बताइए कि जिनसे वे बात कर रहे हैं, वे केवल जानकारी देने वाले नहीं, ज्ञान रखने वाले लोग हैं। उनका नाम और अनुमति लेकर ही कहानी लिखी जाए। यही बात ग्रिम बंधुओं ने भी की थी — “वे लोगों से बात करते थे और पीढ़ियों से चली आ रही जो भी लोक कथा उनकी जानकारी में आती, उसे लिखकर रख लेते थे।”

अंक-विभाजन

भागप्रश्नकुल अंकभार
क — जागरूकता1–725~50%
ख — संवेदनशीलता8–1012~20%
ग — सृजनात्मकता11–1428~30%

मूल्यांकन रूब्रिक

कसौटीप्रारंभिकदक्षउन्नत
तथ्यकुछ नाम और तारीख़ें याद हैंसही तथ्य सही जगह लिखता हैतथ्यों को आपस में जोड़ पाता है
समझघटना बता देता हैकारण भी बता देता हैकारणों में से सबसे महत्त्वपूर्ण चुनकर तर्क देता है
संवेदनशीलता‘अच्छा-बुरा’ कहकर छोड़ देता हैदोनों पक्ष समझता हैताक़त के असंतुलन को पहचानता है
सृजनात्मकताकल्पना है पर तथ्य नहींकल्पना तथ्यों पर टिकी हैकल्पना से कोई नयी बात निकलती है
भाषाबहुत छोटे-अधूरे वाक्यपूरे वाक्य, सही क्रमस्पष्ट, सुगठित और अपनी भाषा