ये प्रश्न रटने से हल नहीं होते। इनमें आपको सोचना, कारण ढूँढ़ना, किसान की जगह ख़ुद को रखकर देखना, और अपने आसपास देखना पड़ता है।
तीन आयाम —
| आयाम | क्या जाँचा जाता है | भार |
|---|---|---|
| जागरूकता | फसल, जलवायु और मिट्टी के रिश्ते को नयी स्थिति में लगाना | 50% |
| संवेदनशीलता | किसान, खेत-मज़दूर और भूमिहीन के प्रति समझ | 20% |
| सृजनात्मकता | योजना बनाना, कारण जोड़ना, ‘यदि…तो’ सोच | 30% |
उत्तर देखिए
उत्तर लिखने का तरीक़ा: इन प्रश्नों में ‘सही उत्तर’ एक नहीं होता। जो भी लिखें, उसके साथ कारण ज़रूर लिखें, और हो सके तो एक फसल का नाम या एक राज्य का नाम भी दें।
भाग क — जागरूकता (50%)
1कारण ढूँढ़िए 4 अंक
नीचे चार फसलें और चार क्षेत्र दिए हैं। हर जोड़ी के लिए एक वाक्य में कारण लिखिए कि वह फसल वहीं क्यों होती है —
| फसल | क्षेत्र | कारण |
|---|---|---|
| चावल | असम | |
| गेहूँ | पंजाब | |
| बाजरा | पश्चिमी राजस्थान | |
| रबड़ | केरल |
उत्तर देखिए
- चावल-असम — क्योंकि चावल को 100 सेमी. से अधिक वर्षा और 25° सेल्सियस से ऊपर तापमान चाहिए, जो असम में मिलता है।
- गेहूँ-पंजाब — क्योंकि गेहूँ को शीत ऋतु, पकते समय खिली धूप और केवल 50–75 सेमी. वर्षा चाहिए; पंजाब गंगा-सतलुज के मैदान में है।
- बाजरा-राजस्थान — क्योंकि बाजरा बलुआ और उथली काली मिट्टी पर उगता है और उसे बहुत कम पानी चाहिए।
- रबड़-केरल — क्योंकि रबड़ को 200 सेमी. से अधिक वर्षा और 25° सेल्सियस से अधिक तापमान वाली नम-आर्द्र जलवायु चाहिए।
★इस प्रश्न का असली मक़सद यह सिखाना है कि फसल इनसान नहीं चुनता, जलवायु और मिट्टी चुनती है।
2केस-आधारित 4 अंक
नीचे दी गई स्थिति पढ़िए —
पश्चिमी राजस्थान के एक गाँव में किसान पीढ़ियों से बाजरा और ज्वार उगाते आए हैं। पिछले कुछ वर्षों में गाँव तक नहर का पानी पहुँच गया है, और अब कई किसान गेहूँ और सरसों बोने लगे हैं।
(क) यह कौन-सा परिवर्तन है और पाठ्यपुस्तक इसे क्या कहती है? (1 अंक)
(ख) किसानों ने ऐसा क्यों किया होगा? दो कारण लिखिए। (2 अंक)
(ग) इसका एक संभावित नुक़सान भी बताइए। (1 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) यह फसल प्रारूप में परिवर्तन है; पाठ्यपुस्तक कहती है कि “सिंचाई ने कई क्षेत्रों में फसल प्रारूप परिवर्तित कर दिया है।”
- (ख) (1) नहर से पानी मिलने पर अब अधिक पानी माँगने वाली फसलें संभव हो गईं; (2) गेहूँ और सरसों की बाज़ार में क़ीमत और माँग अधिक है, यानी वे वाणिज्यिक फसलें हैं।
- (ग) पाठ्यपुस्तक चेतावनी देती है कि किसान “जलगहन और वाणिज्य फसलों की ओर आकर्षित” होते हैं, जिससे मृदाओं के लवणीकरण जैसे गंभीर पारिस्थितिकीय परिणाम हो सकते हैं। (यह अध्याय 1 और 3 दोनों से जुड़ता है।)
3दावा-कारण 4 अंक
हर जोड़े के लिए बताइए कि (i) दोनों सही और R, A की सही व्याख्या है, (ii) दोनों सही पर R व्याख्या नहीं है, (iii) A सही पर R ग़लत, या (iv) A ग़लत पर R सही।
| # | दावा (A) | कारण (R) |
|---|---|---|
| 1 | दालों को अन्य फसलों के आवर्तन में बोया जाता है। | वे वायु से नाइट्रोजन लेकर भूमि की उर्वरता बनाए रखती हैं। |
| 2 | ज्वार के लिए सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती। | ज्वार देश की तीसरी महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न फसल है। |
| 3 | चाय की पत्तियाँ बागान में ही संसाधित की जाती हैं। | बागान में मज़दूर सस्ते मिलते हैं। |
| 4 | मोटे अनाजों को ‘मोटा’ कहना ठीक नहीं है। | इनमें पोषक तत्त्वों की मात्रा अत्यधिक होती है। |
उत्तर देखिए
- 1 → (i)। यही पाठ्यपुस्तक का दिया हुआ कारण है।
- 2 → (ii)। दोनों कथन सही हैं, पर ‘तीसरी महत्त्वपूर्ण फसल होना’ सिंचाई न चाहने का कारण नहीं है। असली कारण — वह अधिकतर आर्द्र क्षेत्रों में उगाई जाती है और वर्षा पर निर्भर है।
- 3 → (iii)। दावा सही है, पर कारण ग़लत। असली कारण — “इसकी ताज़गी बनाए रखने के लिए।”
- 4 → (i)।
4वर्गीकरण 4 अंक
नीचे बारह फसलें दी गई हैं। इन्हें तीन ख़ानों में बाँटिए — (अ) रबी, (ब) खरीफ, (स) ज़ायद।
- गेहूँ 2. चावल 3. तरबूज 4. चना 5. कपास 6. सरसों
- बाजरा 8. खीरा 9. मटर 10. जूट 11. मूँगफली 12. जौ
उत्तर देखिए
- (अ) रबी — 1, 4, 6, 9, 12
- (ब) खरीफ — 2, 5, 7, 10, 11
- (स) ज़ायद — 3, 8
इसके बाद यह पूछिए“रबी वाली फसलें ज़्यादातर किन राज्यों में होती हैं और खरीफ वाली किनमें?” (रबी — उत्तर-पश्चिम; खरीफ — पूर्व और तट।) और फिर — “ऐसा क्यों?” (वर्षा का अंतर।)
5तालिका पूरी कीजिए 4 अंक
नीचे की तालिका में ख़ाली जगहें भरिए —
| फसल | ऋतु | तापमान | वर्षा | मुख्य मिट्टी |
|---|---|---|---|---|
| चावल | 25° से ऊपर | — | ||
| कपास | खरीफ | हल्की वर्षा | ||
| गन्ना | 21°–27° | अनेक मिट्टियों में | ||
| रबड़ | — | 200 सेमी. से अधिक | — |
उत्तर देखिए
- चावल — खरीफ; 100 सेमी. से अधिक।
- कपास — उच्च तापमान, 210 पाला रहित दिन; काली मिट्टी (दक्कन पठार के शुष्कतर भाग)।
- गन्ना — लगभग एक वर्ष लगता है; 75–100 सेमी.।
- रबड़ — 25° सेल्सियस से अधिक।
6तुलना 4 अंक
नीचे दो स्थितियाँ दी गई हैं —
स्थिति A: रिंझा का परिवार असम में डिफु के पास ज़मीन साफ़ करके अनाज उगाता है, और उर्वरता कम होने पर नया टुकड़ा ढूँढ़ता है। स्थिति B: पंजाब का एक किसान अधिक पैदावार वाले बीज, रासायनिक उर्वरक और नलकूप से सिंचाई करके चावल उगाता है और उसे मंडी में बेचता है।
(क) दोनों किस प्रकार की कृषि हैं? (1 अंक)
(ख) तीन बड़े अंतर बताइए। (3 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) A = प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि (झूम); B = वाणिज्यिक कृषि।
| पक्ष | स्थिति A | स्थिति B |
|---|---|---|
| औज़ार/निवेश | आदिम औज़ार, कोई उर्वरक नहीं | HYV बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई |
| उत्पादन किसके लिए | परिवार के भरण-पोषण के लिए | बेचने के लिए |
| उत्पादकता | कम | अधिक |
| मिट्टी पर असर | खेत बदलने से उर्वरता लौट आती है | लगातार खेती से लवणीकरण का ख़तरा |
7कारण-परिणाम शृंखला 4 अंक
नीचे की शृंखला में तीन कड़ियाँ ग़ायब हैं। उन्हें भरिए —
| क्रम | कड़ी |
|---|---|
| 1 | भूस्वामित्व में विरासत का अधिकार होता है। |
| 2 | __________ |
| 3 | किसान के पास वैकल्पिक रोज़गार नहीं है। |
| 4 | __________ |
| 5 | __________ |
उत्तर देखिए
- 2 — इसलिए पीढ़ी दर पीढ़ी जोतों का आकार छोटा और अलाभप्रद होता जाता है।
- 4 — इसलिए वह सीमित भूमि से अधिकतम पैदावार लेने की कोशिश करता है।
- 5 — जिससे कृषि भूमि पर बहुत अधिक दबाव पड़ता है।
फिर पूछिए“यह चक्र कैसे टूट सकता है?” उत्तर की दिशा — चकबंदी से (जो पाठ्यपुस्तक में है) और वैकल्पिक रोज़गार से (जो अगले साल अर्थशास्त्र में पढ़ेंगे)।
8स्थानीय अनुप्रयोग 4 अंक
अपने गाँव या क्षेत्र के बारे में सोचकर उत्तर दीजिए —
(क) इस समय आपके क्षेत्र में कौन-सी फसल खेतों में खड़ी है? वह किस ऋतु की है? (2 अंक)
(ख) आपके क्षेत्र की मिट्टी कौन-सी है, और वह उस फसल के लिए उपयुक्त क्यों है? (1 अंक)
(ग) आपके घर में इस समय जो रोटी बनती है, वह किस अनाज की है? (1 अंक)
उत्तर देखिए
मूल्यांकन-नियमजो विद्यार्थी अपने आसपास से सही उदाहरण दे और उसे अध्याय 1 की मिट्टी से जोड़ पाए, उसे पूरे अंक दीजिए।
राजस्थान की कक्षा में (ग) का जवाब अकसर बाजरा होता है — और तब यह ज़रूर कहिए कि “यही वह अनाज है जिसके लिए दुनिया ने 2023 को अंतर्राष्ट्रीय वर्ष घोषित किया था।”
भाग ख — संवेदनशीलता (20%)
9दृष्टिकोण-विविधता 4 अंक
एक गाँव में सरकार न्यूनतम सहायता मूल्य पर गेहूँ ख़रीदने की घोषणा करती है। नीचे चार लोग हैं। हर एक की तरफ़ से दो-दो वाक्य लिखिए —
| व्यक्ति | उसका पक्ष |
|---|---|
| छोटा किसान | |
| बिचौलिया / व्यापारी | |
| खेत में काम करने वाला मज़दूर | |
| शहर में रहने वाला उपभोक्ता |
उत्तर देखिए
- छोटा किसान — अब मुझे कम से कम इतनी क़ीमत तो मिलेगी; पाठ्यपुस्तक कहती है कि यह “बिचौलियों और दलालों के शोषण से बचाने” के लिए है।
- बिचौलिया — अब मैं मनमानी क़ीमत नहीं दे पाऊँगा, मेरा मुनाफ़ा घटेगा।
- मज़दूर — मेरी मज़दूरी तो वही रहेगी; क़ीमत बढ़ने का सीधा फ़ायदा ज़मीन वाले को होता है, मुझे नहीं।
- उपभोक्ता — मुझे आटा शायद थोड़ा महँगा मिले, पर किसान को सही दाम मिलना भी ज़रूरी है।
मूल्यांकन-नियमसबसे ज़्यादा अंक उस उत्तर को दीजिए जो मज़दूर वाला पक्ष भी पहचान ले। अकसर बच्चे ‘किसान’ और ‘मज़दूर’ को एक ही मान लेते हैं — जबकि भूमिहीन मज़दूर की स्थिति अलग होती है, और यही भूदान आंदोलन का मूल कारण था।
10भूदान से जुड़ा नैतिक प्रश्न 4 अंक
पाठ्यपुस्तक ईमानदारी से यह भी लिखती है —
“परंतु कुछ ज़मींदारों ने तो भूमि सीमा क़ानून से बचने के लिए अपनी भूमि का एक हिस्सा दान किया था।”
(क) इसका क्या अर्थ है? (2 अंक)
(ख) पाठ्यपुस्तक ने यह बात लिखी ही क्यों? वह इसे छिपा भी सकती थी। (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) इसका अर्थ है कि उनका दान सच्ची उदारता से नहीं, चतुराई से था — क़ानून के अनुसार एक सीमा से ज़्यादा ज़मीन रखना मना था, इसलिए वे कुछ हिस्सा दान करके बाक़ी बचा लेते थे।
- (ख) क्योंकि इतिहास और भूगोल में पूरी सच्चाई लिखी जाती है, आधी नहीं। अगर किताब सिर्फ़ अच्छी बात लिखती तो हमें लगता कि सब कुछ आदर्श था; सच्चाई लिखने से हम समझ पाते हैं कि कोई भी आंदोलन पूरी तरह शुद्ध नहीं होता — फिर भी उसका महत्त्व कम नहीं होता।
शिक्षक के लिएयह प्रश्न कक्षा में ज़रूर पूछिए। बच्चों को यह समझाना कि “किताब ने अपनी ही कहानी की कमज़ोरी क्यों बताई” — उन्हें आलोचनात्मक पढ़ना सिखा देता है।
11‘मोटा अनाज’ शब्द पर सोचिए 4 अंक
पाठ्यपुस्तक कहती है — “यद्यपि इन्हें मोटा अनाज कहा जाता है परंतु इनमें पोषक तत्त्वों की मात्रा अत्यधिक होती है।”
(क) फिर इन्हें ‘मोटा’ क्यों कहा जाने लगा होगा? (2 अंक)
(ख) क्या आपके घर या गाँव में लोग बाजरा-ज्वार को गेहूँ-चावल से कम अच्छा मानते हैं? आपकी क्या राय है? (2 अंक)
उत्तर देखिए
- (क) संभवत: इसलिए कि इनके दाने मोटे और भूसीदार होते हैं, ये सस्ते होते हैं, और इन्हें ग़रीबों का खाना समझा जाने लगा था। यानी यह नाम पोषण से नहीं, सामाजिक सोच से आया।
- (ख) कोई भी ईमानदार राय स्वीकार्य। सबसे अच्छा उत्तर वह होगा जो कहे कि यह सोच ग़लत है, क्योंकि किताब ख़ुद कहती है कि रागी में लोहा, कैल्शियम और सूक्ष्म पोषक प्रचुर मात्रा में होते हैं।
शिक्षक के लिएयहाँ फ़ाइल 07 वाली बात ज़रूर जोड़िए — भारत के प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को ‘अंतर्राष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ घोषित किया और भारत सरकार ने इन्हें ‘श्री अन्न’ नाम दिया।
राजस्थान के बच्चों के लिए यह गर्व की बात है — उनके घर की रोटी अब दुनिया की चर्चा में है।
12सहयोगात्मक बहस 4 अंक
कक्षा को दो दलों में बाँटिए और यह विषय दीजिए —
“किसान को वही फसल बोनी चाहिए जो सबसे ज़्यादा पैसा दे।”
दल अ — पक्ष में। दल ब — विपक्ष में। हर दल को पाठ्यपुस्तक से कम से कम दो प्रमाण देने होंगे।
उत्तर देखिए
| दल अ (हाँ) | दल ब (नहीं) |
|---|---|
| वाणिज्यिक कृषि से उच्च पैदावार और अधिक आय मिलती है | “सिंचाई ने फसल प्रारूप परिवर्तित कर दिया है… इससे मृदाओं के लवणीकरण जैसे गंभीर पारिस्थितिकीय परिणाम हो सकते हैं” |
| किसान की जोत छोटी है, इसलिए उसे अधिकतम पैदावार चाहिए | दालें कम पैसा देती हैं पर भूमि की उर्वरता बनाए रखती हैं — इसीलिए उन्हें आवर्तन में बोया जाता है |
| सरकार भी न्यूनतम सहायता मूल्य देकर कुछ फसलों को बढ़ावा देती है | अगर सब एक ही फसल बोएँगे तो खाद्य विविधता ख़त्म हो जाएगी |
शिक्षक के लिएअंत में विजेता घोषित मत कीजिए। बोर्ड पर सिर्फ़ ‘फसलों का आवर्तन (rotating)’ लिख दीजिए और कहिए — “किताब ने इसी शब्द में जवाब दे दिया है — कुछ फसलें पैसे के लिए, कुछ ज़मीन के लिए।”
भाग ग — सृजनात्मकता (30%)
13अपने ज़िले का फसल-कैलेंडर 5 अंक
अपने ज़िले के लिए एक फसल-कैलेंडर बनाइए —
| ऋतु | महीने | कौन-सी फसलें बोई जाती हैं | कब काटी जाती हैं |
|---|---|---|---|
| रबी | |||
| खरीफ | |||
| ज़ायद |
और नीचे तीन-चार वाक्यों में लिखिए कि आपके ज़िले में कौन-सी ऋतु सबसे महत्त्वपूर्ण है और क्यों।
उत्तर देखिए
मूल्यांकन-संकेतसबसे अच्छा उत्तर वह है जिसमें बच्चा अपने घर या पड़ोस से असली जानकारी लाए — भले ही वह किताब की सूची से थोड़ी अलग हो। स्थानीय सच्चाई को पूरे अंक दीजिए।
14डिज़ाइन-चुनौती: एक फसल का पोस्टर 5 अंक
कोई एक फसल चुनिए और उस पर एक पोस्टर बनाइए, जिसमें ये पाँच चीज़ें दिखें —
- फसल का चित्र
- उसकी ऋतु
- उसे कितना तापमान और वर्षा चाहिए
- वह किस मिट्टी में उगती है
- भारत का छोटा नक़्शा, जिस पर उसके तीन मुख्य राज्य रंगे हों
उत्तर देखिए
मूल्यांकन-संकेतयह असल में पाँच खानों वाली तालिका का ही चित्र-रूप है। जो विद्यार्थी पाँचों सही भर दे, उसे पूरे अंक दीजिए — और उसका पोस्टर कक्षा की दीवार पर लगाइए।
शिक्षक के लिएअगर हर बच्चा एक अलग फसल ले, तो पूरी कक्षा मिलकर पूरे अध्याय की दीवार-तालिका बना देती है। यह इस अध्याय की सबसे कारगर गतिविधि है।
15प्रति-तथ्यात्मक (‘यदि… तो’) 5 अंक
नीचे तीन ‘यदि’ दिए गए हैं। हर एक के लिए दो-दो परिणाम कारण सहित लिखिए —
| # | यदि… | तो क्या होता? |
|---|---|---|
| 1 | यदि दालें वायु से नाइट्रोजन न ले पातीं | |
| 2 | यदि राजस्थान में नहरें न आतीं | |
| 3 | यदि हरित क्रांति न होती |
उत्तर देखिए
- 1 — तब उन्हें फसलों के आवर्तन में बोने का कोई विशेष लाभ न होता, और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए ज़्यादा रासायनिक उर्वरक डालने पड़ते — जिससे लागत और प्रदूषण दोनों बढ़ते।
- 2 — तब वहाँ चावल और गेहूँ की खेती संभव न होती और लोग पूरी तरह बाजरा-ज्वार पर निर्भर रहते; पर दूसरी तरफ़ जलाक्रांतता और लवणीकरण की समस्या भी न आती (अध्याय 1 और 3 देखिए)।
- 3 — तब देश में अनाज की भारी कमी रहती; पर साथ ही कुछ ही क्षेत्रों तक सीमित विकास और अति-सिंचाई से भूमि निम्नीकरण की समस्या भी शायद कम होती।
मूल्यांकन-नियमसबसे ऊँचे अंक उस उत्तर को दीजिए जो दोनों तरफ़ सोचे — “यह न होता तो नुक़सान होता, पर यह फ़ायदा भी होता।”
16विचार-संयोजन: मिट्टी और फसल 5 अंक
अध्याय 1 (संसाधन एवं विकास) की मिट्टियों को इस अध्याय की फसलों से जोड़िए —
| मिट्टी (अध्याय 1) | कौन-सी फसल और क्यों |
|---|---|
| जलोढ़ मृदा | |
| काली मृदा | |
| लेटराइट मृदा | |
| मरुस्थली मृदा |
उत्तर देखिए
- जलोढ़ — चावल, गेहूँ, गन्ना और दालें; क्योंकि यह सबसे उपजाऊ है और पोटाश-फास्फोरस-चूनायुक्त है।
- काली — कपास; क्योंकि इसकी नमी धारण करने की क्षमता बहुत अधिक है और यह दक्कन पठार के शुष्कतर भागों में है।
- लेटराइट — चाय, कॉफी और काजू; क्योंकि यह ढलवाँ, जल-निकास वाले पहाड़ी क्षेत्रों में मिलती है।
- मरुस्थली — बाजरा; क्योंकि यह बलुआ मिट्टी है और बाजरे को बहुत कम पानी चाहिए।
★यह प्रश्न दो अध्याय एक साथ पक्के कर देता है। इसे ज़रूर करवाइए।
17साक्षात्कार-परियोजना 5 अंक
अपने घर या गाँव के किसी बुज़ुर्ग किसान से बात कीजिए और नीचे की तालिका भरिए —
| प्रश्न | उनका उत्तर |
|---|---|
| आपके बचपन में यहाँ कौन-सी फसलें होती थीं? | |
| अब कौन-सी होती हैं? क्या बदला? | |
| यह बदलाव क्यों आया — पानी, बीज, क़ीमत या कुछ और? | |
| क्या आपको अपनी फसल की सही क़ीमत मिलती है? |
फिर पाँच-छह वाक्यों में लिखिए कि इस बातचीत से आपने क्या सीखा।
उत्तर देखिए
शिक्षक के लिएतीसरा और चौथा सवाल सबसे क़ीमती हैं। जब कोई बुज़ुर्ग कहता है कि “पहले ज्वार-बाजरा होता था, अब सब सरसों बो रहे हैं क्योंकि उसका दाम मिलता है” — तो बच्चों को ‘फसल प्रारूप में परिवर्तन’ और ‘वाणिज्यीकरण’ दोनों शब्द रटाने नहीं पड़ते।
18बीज से थाली तक 5 अंक
कोई एक फसल चुनिए (जैसे गेहूँ या बाजरा) और उसका पूरा सफ़र लिखिए —
| चरण | कौन शामिल है | क्या होता है |
|---|---|---|
| 1. बुवाई | ||
| 2. देखभाल और सिंचाई | ||
| 3. कटाई | ||
| 4. मंडी तक | ||
| 5. आपकी थाली तक |
और अंत में यह लिखिए — “इस पूरे सफ़र में सबसे ज़्यादा मेहनत किसने की, और सबसे ज़्यादा पैसा किसे मिला?”
उत्तर देखिए
मूल्यांकन-संकेतसबसे अच्छा उत्तर वह है जो किसान और खेत-मज़दूर की मेहनत को अलग-अलग पहचाने और बिचौलिये की भूमिका पर सवाल उठाए।
यही वह सवाल है जिसके कारण सरकार न्यूनतम सहायता मूल्य घोषित करती है — और यह अगले साल के अर्थशास्त्र की भी तैयारी करा देता है।
अंक-विभाजन
| भाग | प्रश्न | कुल अंक |
|---|---|---|
| क — जागरूकता | 1 से 8 | 32 |
| ख — संवेदनशीलता | 9 से 12 | 16 |
| ग — सृजनात्मकता | 13 से 18 | 30 |
(यह वितरण सुझावात्मक है; परीक्षा में कुछ ही प्रश्न चुनकर पूछे जाएँगे।)
मूल्यांकन रूब्रिक
| स्तर | जागरूकता | संवेदनशीलता | सृजनात्मकता |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक | फसल और राज्य की जोड़ी बता पाता है, पर कारण नहीं। | केवल किसान का पक्ष देख पाता है। | पाठ्यपुस्तक की तालिका ज्यों-की-त्यों उतार देता है। |
| विकासशील | कारण बताता है, पर जलवायु-मिट्टी से नहीं जोड़ पाता। | दो पक्ष देख पाता है, पर मज़दूर या भूमिहीन को भूल जाता है। | अपने क्षेत्र का उदाहरण देता है, पर अधूरा। |
| दक्ष | किसी भी फसल-क्षेत्र की जोड़ी का कारण जलवायु और मिट्टी से समझा पाता है। | किसान, मज़दूर, व्यापारी और उपभोक्ता — चारों के नज़रिये से सोच पाता है। | अपने ज़िले का सही फसल-कैलेंडर बनाकर कारण भी बता पाता है। |
| उन्नत | अध्याय 1 और 3 से जोड़कर बता पाता है कि मिट्टी और पानी ने फसल कैसे तय की। | यह भी पहचानता है कि विकास का फ़ायदा सबको बराबर नहीं मिलता। | ‘बीज से थाली तक’ का पूरा सफ़र लिखकर मौलिक सवाल उठाता है। |
शिक्षक के लिए तीन सुझाव
- इस अध्याय के PARAKH प्रश्नों में ‘क्यों’ सबसे कारगर शब्द है। हर फसल पर बस यही पूछते रहिए — “यह वहीं क्यों होती है?” जिस दिन बच्चा यह समझ गया कि फसल इनसान नहीं, जलवायु और मिट्टी चुनती है — उस दिन उसे सूची रटने की ज़रूरत ही नहीं पड़ेगी।
- प्रश्न 14 (पोस्टर) पूरी कक्षा से करवाइए — हर बच्चे को एक अलग फसल दीजिए। मिलकर वे पूरे अध्याय की दीवार-तालिका बना देंगे, और वह पूरे साल दीवार पर रहेगी।
- प्रश्न 11 (‘मोटा अनाज’) राजस्थान की कक्षा में सबसे ज़्यादा असर करता है। जब बच्चों को पता चलता है कि उनके घर की बाजरे की रोटी के लिए संयुक्त राष्ट्र ने एक पूरा साल समर्पित किया — तो कक्षा का माहौल बदल जाता है। इस मौक़े को मत छोड़िए।