Chapter 1विकास

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NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1

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कुल 66 प्रश्न

तारों का मतलब: ★ज़रूरी · ★★बहुत ज़रूरी; समय कम हो तो पहले ये प्रश्न और ये बातें दोहराइए।


खण्ड क — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक) — 20 प्रश्न

पृष्ठ संख्याएँ NCERT की किताब “आर्थिक विकास की समझ” (कक्षा 10) के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।

1विकास के लक्ष्यों के बारे में किताब पहली बात क्या निकालती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) अलग-अलग लोगों के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं

व्याख्या: किताब दो बातें निकालती है: पहली, “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं”; दूसरी, एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है। जैसे भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी चाहता है, और पंजाब का समृद्ध किसान अपनी उपज के लिए ज़्यादा समर्थन मूल्य।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4, 5

2उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं। इससे किनका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) बाँध के इलाके के आदिवासियों का

व्याख्या: बाँध से ज़मीन जलमग्न हो सकती है, और जो लोग बेघर हों, जैसे आदिवासी, उनका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। वे इसका विरोध कर सकते हैं और सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं। यानी एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5

3ज़्यादा आय के अलावा लोग और क्या चाहते हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) बराबरी का व्यवहार

व्याख्या: ज़्यादा वेतन, बेहतर मज़दूरी और उपज की अच्छी कीमत, तीनों का मतलब ज़्यादा आय है। इसके अलावा लोग बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर भी चाहते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5

4देशों की तुलना के लिए कौन-सी विशिष्टता सबसे महत्त्वपूर्ण समझी जाती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) आय

व्याख्या: किताब कहती है: “देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।” ज़्यादा आय वाले देशों को कम आय वाले देशों से ज़्यादा विकसित समझा जाता है। आगे किताब दिखाती है कि अकेली आय काफ़ी नहीं; शिक्षा और स्वास्थ्य भी देखने होते हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8

5औसत आय कैसे निकाली जाती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) कुल आय ÷ कुल जनसंख्या

व्याख्या: औसत आय देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकाली जाती है; इसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं। अकेली कुल आय से तुलना ठीक नहीं होती, क्योंकि देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8

6विश्व बैंक देशों का वर्गीकरण किस मापदंड से करता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) प्रतिव्यक्ति आय

व्याख्या: विश्व बैंक की विश्व विकास रिपोर्ट देशों को प्रतिव्यक्ति आय से उच्च आय, मध्य आय और निम्न आय वाले वर्गों में बाँटती है। मानव विकास सूचकांक यू.एन.डी.पी. की मानव विकास रिपोर्ट से आता है, विश्व बैंक से नहीं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8

7विश्व बैंक के वर्गीकरण में भारत किस वर्ग में आता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) मध्य आय वाले देश

व्याख्या: 2024 में भारत की प्रतिव्यक्ति आय लगभग US $11,000 प्रति वर्ष थी। US $66,500 या ज़्यादा वाले देश उच्च आय के गिने गए, और लगभग US $2,300 या कम वाले निम्न आय के। भारत इन दोनों के बीच है, इसलिए मध्य आय वर्ग में।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8

8तुलना में औसत आय की सबसे बड़ी कमी क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) इससे असमानताओं का पता नहीं चलता

व्याख्या: किताब कहती है: “यद्यपि ‘औसत आय’ तुलना के लिए उपयोगी हैं, परंतु इनके द्वारा असमानताओं की जानकारी नहीं मिलती”। दो देशों की औसत मासिक आय बराबर, 10,000 रुपये हो सकती है, फिर भी एक में सबकी आय लगभग बराबर हो, और दूसरे में पाँच में से चार नागरिकों की आय 500-500 रुपये हो और एक की 48,000 रुपये।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 9

9शिशु मृत्यु दर किस आयु से पहले मरने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) एक वर्ष

व्याख्या: शिशु मृत्यु दर किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक वर्ष की आयु से पहले मर जाने वाले बच्चों का अनुपात दिखाती है। सात वर्ष की आयु साक्षरता दर की परिभाषा में आती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10

10साक्षरता दर किस आयु और उससे ज़्यादा के लोगों में गिनी जाती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) 7 वर्ष

व्याख्या: साक्षरता दर 7 वर्ष और उससे ज़्यादा आयु के लोगों में साक्षर जनसंख्या का अनुपात है। इससे छोटे बच्चे इसमें नहीं गिने जाते।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10

11हरियाणा से कम औसत आय होने पर भी केरल में शिशु मृत्यु दर कम क्यों है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हैं

व्याख्या: किताब कहती है कि केरल में शिशु मृत्यु दर कम है, क्योंकि वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। शिशु मृत्यु दर केरल में 6 है और हरियाणा में 28। जेब का पैसा ये सुविधाएँ अपने आप नहीं ख़रीद सकता।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10, 12

12किताब के अनुसार जीवन की बहुत सी ज़रूरी चीज़ें पाने का सबसे अच्छा और सस्ता तरीका क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) इन्हें सामूहिक रूप से उपलब्ध कराया जाए

व्याख्या: किताब कहती है: “वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।” जैसे पूरे इलाके के लिए सामूहिक सुरक्षा, हर घर के लिए अलग सुरक्षा गार्ड रखने से सस्ती पड़ती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 11

13मानव विकास रिपोर्ट कौन प्रकाशित करता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) यू.एन.डी.पी.

व्याख्या: मानव विकास रिपोर्ट यू.एन.डी.पी. प्रकाशित करता है। विश्व बैंक की रिपोर्ट विश्व विकास रिपोर्ट है, जो देशों को प्रतिव्यक्ति आय से बाँटती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13

14मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना किन आधारों पर करती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय

व्याख्या: रिपोर्ट लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय, तीनों से तुलना करती है। विकल्प (द) वे सूचक हैं जिनसे किताब ने हरियाणा, केरल और बिहार की तुलना की; उनमें आय नहीं है। (स) में जनसंख्या है, जो रिपोर्ट का आधार नहीं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13

15भार किलोग्राम में और ऊँचाई मीटर में हो, तो बी.एम.आई. कैसे निकाला जाता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) भार ÷ ऊँचाई का वर्ग

व्याख्या: किलोग्राम में भार को ऊँचाई के वर्ग से भाग दीजिए। सेंटीमीटर में नापी ऊँचाई पहले मीटर में बदलिए: भार 45 किलोग्राम और ऊँचाई 150 सेंटीमीटर (1.5 मीटर) हो, तो बी.एम.आई. = 45 ÷ (1.5 × 1.5) = 45 ÷ 2.25 = 20।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13, 17

16बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक क्या चेतावनी देते आ रहे हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) विकास का वर्तमान प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है

व्याख्या: वैज्ञानिकों की चेतावनी यही है कि विकास का वर्तमान प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है। वे विकास रोकने को नहीं कहते, और भूमिगत जल नवीकरणीय साधन है। भूमिगत जल इसका उदाहरण है: भारत के 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में इसका स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 14

17भूमिगत जल के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) यह नवीकरणीय है, पर इसका अति-उपयोग हो सकता है

व्याख्या: भूमिगत जल नवीकरणीय साधन है; फसल और पौधों की तरह इसकी पुनः पूर्ति प्रकृति करती है। पर बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा पानी निकालें, तो इसका अति-उपयोग होता है। कच्चा तेल गैर नवीकरणीय साधन है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 15

18सामान्यतः किसी देश का विकास किस आधार पर निर्धारित किया जा सकता है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) उपरोक्त सभी

व्याख्या: यह किताब की प्रश्नावली का प्रश्न 1 है। देशों की तुलना में आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता मानी जाती है, इसलिए (अ) खिंचता है; पर अकेली आय काफ़ी नहीं। केरल और हरियाणा की तुलना में साक्षरता और शिशु मृत्यु दर भी देखी गईं, और मानव विकास रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और आय, तीनों से तुलना करती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 16

19निम्नलिखित पड़ोसी देशों में से मानव विकास के लिहाज़ से किस देश की स्थिति भारत से बेहतर है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) श्रीलंका

व्याख्या: यह किताब की प्रश्नावली का प्रश्न 2 है। तालिका 1.6 में श्रीलंका का क्रमांक 89 है और भारत का 130; श्रीलंका हर मद में भारत से आगे है। बांग्लादेश की संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा है, पर उसकी आय और स्कूली पढ़ाई के वर्ष कम हैं, और उसका क्रमांक भी 130 है, भारत के बराबर। नेपाल (145) और पाकिस्तान (168) भारत से पीछे हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13, 14, 16

20मान लीजिए कि एक देश में चार परिवार हैं। इन परिवारों की प्रतिव्यक्ति आय 5,000 रुपये है। अगर तीन परिवारों की आय क्रमशः 4,000, 7,000 और 3,000 रुपये है, तो चौथे परिवार की आय क्या है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) 6,000 रुपये

व्याख्या: यह किताब की प्रश्नावली का प्रश्न 3 है। औसत 5,000 रुपये है, तो चारों की कुल आय 4 × 5,000 = 20,000 रुपये। तीन परिवारों की आय 4,000 + 7,000 + 3,000 = 14,000 रुपये। चौथे की आय 20,000 − 14,000 = 6,000 रुपये। 3,000 रुपये तीसरे परिवार की आय है, चौथे की नहीं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 16

खण्ड ख — रिक्त स्थान (1 अंक) — 10 प्रश्न

1देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर ______ निकलती है; इसे ______ भी कहते हैं। (पृष्ठ 8)

उत्तर देखिए

देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देने पर औसत आय निकलती है; इसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं। (पृष्ठ 8)

2विश्व बैंक के अनुसार 2024 में जिन देशों की प्रतिव्यक्ति आय ______ प्रति वर्ष या उससे ज़्यादा थी, वे समृद्ध देश कहलाए, और जिनकी लगभग ______ या उससे कम थी, वे निम्न आय वाले देश। (पृष्ठ 8)

उत्तर देखिए

विश्व बैंक के अनुसार 2024 में जिन देशों की प्रतिव्यक्ति आय US $66,500 प्रति वर्ष या उससे ज़्यादा थी, वे समृद्ध देश कहलाए, और जिनकी लगभग US $2,300 या उससे कम थी, वे निम्न आय वाले देश। (पृष्ठ 8)

3समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है, पर ______ के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें नहीं गिने जाते। (पृष्ठ 8)

उत्तर देखिए

समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है, पर मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें नहीं गिने जाते। (पृष्ठ 8)

4पाँच-पाँच नागरिकों वाले दो देशों, क और ख, में से हर एक की कुल मासिक आय 50,000 रुपये है; इसलिए दोनों की औसत आय ______ है। (पृष्ठ 9)

उत्तर देखिए

पाँच-पाँच नागरिकों वाले दो देशों, क और ख, में से हर एक की कुल मासिक आय 50,000 रुपये है; इसलिए दोनों की औसत आय 10,000 रुपये है। (पृष्ठ 9)

5साक्षरता दर ______ और उससे बड़े लोगों में साक्षर लोगों का अनुपात है। (पृष्ठ 10)

उत्तर देखिए

साक्षरता दर 7 वर्ष और उससे बड़े लोगों में साक्षर लोगों का अनुपात है। (पृष्ठ 10)

6हरियाणा, केरल और बिहार में प्रतिव्यक्ति आय सबसे ज़्यादा ______ की है, पर शिशु मृत्यु दर सबसे कम ______ की। (पृष्ठ 10)

उत्तर देखिए

हरियाणा, केरल और बिहार में प्रतिव्यक्ति आय सबसे ज़्यादा हरियाणा की है, पर शिशु मृत्यु दर सबसे कम केरल की। (पृष्ठ 10)

714 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का संवैधानिक लक्ष्य ______ तक पूरा होना था। (पृष्ठ 12)

उत्तर देखिए

14 वर्ष तक के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देने का संवैधानिक लक्ष्य 1960 तक पूरा होना था। (पृष्ठ 12)

8मानव विकास रिपोर्ट ______ की रिपोर्ट है। (पृष्ठ 13)

उत्तर देखिए

मानव विकास रिपोर्ट यू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट है। (पृष्ठ 13)

9तुलना के लिए प्रतिव्यक्ति आय सब देशों के लिए ______ में गिनी जाती है, और इस तरह कि एक डॉलर हर देश में ______ में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके। (पृष्ठ 13)

उत्तर देखिए

तुलना के लिए प्रतिव्यक्ति आय सब देशों के लिए डॉलर में गिनी जाती है, और इस तरह कि एक डॉलर हर देश में समान मात्रा में वस्तुएँ और सेवाएँ ख़रीद सके। (पृष्ठ 13)

10भारत के ______ ज़िलों में पिछले 20 साल में भूमिगत जल का स्तर ______ से ज़्यादा गिरा है। (पृष्ठ 14)

उत्तर देखिए

भारत के 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में भूमिगत जल का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है। (पृष्ठ 14)

खण्ड ग — सही/ग़लत (1 अंक) — 5 प्रश्न

1एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।

उत्तर देखिए

सही (पृष्ठ 5)

2देशों की तुलना के लिए कुल आय सबसे उपयोगी माप है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है, इसलिए तुलना औसत यानी प्रतिव्यक्ति आय से होती है; पृष्ठ 8)

3मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना केवल प्रतिव्यक्ति आय के आधार पर करती है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(वह लोगों के शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय, तीनों के आधार पर तुलना करती है; पृष्ठ 13)

4भूमिगत जल नवीकरणीय साधन है, फिर भी उसका अति-उपयोग हो सकता है।

उत्तर देखिए

सही (पृष्ठ 15)

5नए तेल स्रोत मिलते रहें, तो कच्चा तेल कभी ख़त्म नहीं होगा।

उत्तर देखिए

ग़लत

(नए स्रोत भण्डार बढ़ाते हैं, पर समय के साथ वे भी ख़त्म होंगे; पृष्ठ 15)

खण्ड घ — अति लघूत्तरीय प्रश्न (2 अंक) — 10 प्रश्न

1★भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर और पंजाब के समृद्ध किसान के विकास के लक्ष्य आपस में कैसे टकराते हैं?

उत्तर देखिए

भूमिहीन मज़दूर काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी चाहता है। पंजाब का समृद्ध किसान उपज का ज़्यादा समर्थन मूल्य चाहता है, और मेहनती, सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय, ताकि वह अपने बच्चों को विदेशों में बसा सके। मज़दूर की बेहतर मज़दूरी किसान के सस्ते मज़दूर वाले लक्ष्य से टकराती है: एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विकास न हो।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4

2★★बाँध के उदाहरण से समझाइए कि एक के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।

उत्तर देखिए

उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं। पर बाँध से ज़मीन डूब सकती है और आदिवासी जैसे लोग बेघर हो सकते हैं। वे इसका विरोध कर सकते हैं और सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं। इसीलिए किताब कहती है: “यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5

3★★आय के अलावा लोग और क्या चाहते हैं? किताब इसका क्या कारण देती है?

उत्तर देखिए

लोग नियमित काम, बेहतर मज़दूरी और उपज की अच्छी कीमत जैसे आय वाले लक्ष्यों के साथ बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और दूसरों से आदर भी चाहते हैं; भेदभाव उन्हें बुरा लगता है। कारण किताब के शब्दों में: “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 5

4महिलाओं के उदाहरण से समझाइए कि विकास के लिए लोग मिले-जुले लक्ष्य देखते हैं।

उत्तर देखिए

महिलाएँ वेतन वाला काम करें, तो घर और समाज में उनका आदर बढ़ता है, और आदर हो तो घर के काम में उनका ज़्यादा हाथ बँटाया जाता है। सुरक्षित और संरक्षित माहौल में ज़्यादा महिलाएँ अलग-अलग नौकरियाँ या व्यापार कर सकती हैं। यानी आय, आदर और सुरक्षा साथ-साथ चलते हैं: “इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 6

5★आइवरी कोस्ट की अख़बारी रिपोर्ट में किन लोगों को फ़ायदा हुआ और किनको नहीं?

उत्तर देखिए

फ़ायदा पेट्रोल और धातुओं से जुड़ी उस बहुराष्ट्रीय कंपनी को हुआ, जिसका ज़हरीला कचरा उसके जहाज़ से हट गया, और उस स्थानीय कंपनी को, जिसे फेंकने का ठेका मिला। नुकसान अबिदजान के लोगों का हुआ: 500 टन ज़हरीले तरल कचरे के धुएँ से एक महीने बाद 7 लोग मारे गए, 20 अस्पताल में भरती हुए और 26,000 लोगों का विषाक्तता का इलाज हुआ।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 7

6★★देशों की तुलना के लिए कुल आय की जगह औसत आय क्यों ली जाती है?

उत्तर देखिए

देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है, इसलिए कुल आय से यह पता नहीं चलता कि औसत व्यक्ति कितना कमाता है। इसलिए देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत आय निकालते हैं, जिसे प्रतिव्यक्ति आय भी कहते हैं। विश्व बैंक भी देशों को इसी से बाँटता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8

7★देश क और देश ख की औसत आय बराबर है। देश क में सबकी आय लगभग बराबर है; देश ख में एक नागरिक बहुत अमीर है और बाक़ी चार बहुत गरीब। नागरिकता लॉटरी से तय हो, तो ज़्यादातर लोग देश क क्यों चुनेंगे?

उत्तर देखिए

दोनों देशों की औसत आय 10,000 रुपये है, पर देश ख में चार नागरिकों की आय 500-500 रुपये है और एक की 48,000 रुपये। नागरिकता लॉटरी से तय हो, तो देश ख में गरीब होने की संभावना ज़्यादा है। देश क में कोई न बहुत अमीर है, न बहुत गरीब, इसलिए ज़्यादातर लोग देश क चुनेंगे।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 9

8★★हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर में वह केरल से पीछे क्यों है?

उत्तर देखिए

हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय 3,25,759 रुपये है और केरल की 2,81,001 रुपये, फिर भी शिशु मृत्यु दर हरियाणा में 28 है और केरल में 6, यानी तीन गुना से भी कहीं ज़्यादा (28 ÷ 6, लगभग 4.7 गुना)। कारण: केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, और ऐसी सुविधाएँ जेब के रुपये से नहीं ख़रीदी जा सकतीं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10–12

9★नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधनों में क्या अंतर है?

उत्तर देखिए

नवीकरणीय साधनों की पुनः पूर्ति प्रकृति करती है, जैसे फसल और पौधों की; उदाहरण भूमिगत जल। फिर भी इनका अति-उपयोग हो सकता है। गैर नवीकरणीय साधनों का धरती पर एक निश्चित भण्डार है और उनकी पुनः पूर्ति नहीं हो सकती, जैसे ज़मीन से निकाला जाने वाला कच्चा तेल; नए स्रोत मिलें, तो भी वे समय के साथ ख़त्म होंगे।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 15

10पर्यावरण में गिरावट के कुछ ऐसे उदाहरणों की सूची बनाइए जो आपने अपने आसपास देखे हों।

उत्तर देखिए

किताब के उदाहरणों से शुरू कीजिए: भूमिगत जल का गिरता स्तर (300 ज़िलों में 20 साल में 4 मीटर से ज़्यादा) और आइवरी कोस्ट के अबिदजान में खुले कूड़े घर और समुद्र में डाला गया 500 टन ज़हरीला तरल कचरा। फिर अपने देखे उदाहरण जोड़िए, जैसे कूड़े के ढेर, गंदा नाला, धुआँ, सूखते कुएँ या कटते पेड़, और हर एक के साथ लिखिए कि लोगों पर उसका क्या असर है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 7, 14

खण्ड ङ — लघूत्तरीय प्रश्न (3 अंक) — 8 प्रश्न

1★★विश्व बैंक विभिन्न वर्गों का वर्गीकरण करने के लिए किस प्रमुख मापदंड का प्रयोग करता है? इस मापदंड की, अगर कोई हैं, तो सीमाएँ क्या हैं?

उत्तर देखिए

विश्व बैंक प्रतिव्यक्ति आय को प्रमुख मापदंड मानता है। 2024 में US $66,500 या ज़्यादा वाले देश उच्च आय वाले कहलाए, लगभग US $2,300 या कम वाले निम्न आय वाले; भारत लगभग US $11,000 के साथ मध्य आय वर्ग में है। इसकी सीमाएँ:

1

बँटवारा नहीं दिखता —

तालिका 1.2 में दोनों देशों का औसत 10,000 रुपये है, पर देश ख में चार नागरिकों की आय 500-500 रुपये है और एक की 48,000।

2

स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं दिखते —

हरियाणा की आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर हरियाणा में 28 है और केरल में 6।

3

पैसा हर चीज़ नहीं ख़रीद सकता —

प्रदूषण मुक्त वातावरण और बिना मिलावट की दवाएँ अकेली आय से नहीं मिलतीं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8–11

2★★विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदंड किन पहलुओं में विश्व बैंक के मापदंड से अलग है?

उत्तर देखिए
1

आधार —

विश्व बैंक का एक आधार है, प्रतिव्यक्ति आय। यू.एन.डी.पी. की मानव विकास रिपोर्ट के तीन: लोगों का शैक्षिक स्तर, उनकी स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय।

2

नतीजा —

विश्व बैंक देशों को उच्च, मध्य और निम्न आय वाले वर्गों में बाँटता है; मानव विकास रिपोर्ट हर देश को मानव विकास सूचकांक का क्रमांक देती है, तालिका 1.6 में कुल 193 देशों में से।

3

क्या दिखता है —

बंगलादेश की प्रतिव्यक्ति आय (8,498 डॉलर) भारत (9,047) से कम है, पर संभावित आयु (74.7 वर्ष) भारत (72) से ज़्यादा; यह बात अकेली आय से नहीं दिखती।

इसलिए यू.एन.डी.पी. का मापदंड विकास की ज़्यादा पूरी तस्वीर देता है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8, 13

3★★हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इनके प्रयोग करने की क्या कोई सीमाएँ हैं? विकास से जुड़े अपने उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर देखिए
1

क्यों —

देशों की जनसंख्या अलग-अलग होती है, इसलिए कुल आय से तुलना ठीक नहीं होती। कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर औसत आय निकलती है, और तब तुलना हो पाती है।

2

सीमा —

तालिका 1.2 में देश क और देश ख की औसत आय बराबर, 10,000 रुपये है; पर देश ख में चार नागरिक 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000 रुपये। औसत से बँटवारे का पता नहीं चलता।

3

विकास से जुड़ा उदाहरण —

हरियाणा की औसत आय (3,25,759 रुपये) तीनों राज्यों में सबसे ज़्यादा है, पर यह औसत नहीं बताता कि शिशु मृत्यु दर में हरियाणा (28) केरल (6) से कितना पीछे है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8–10

4भारत के लोगों द्वारा ऊर्जा के किन स्रोतों का प्रयोग किया जाता है? ज्ञात कीजिए। अब से 50 वर्ष पश्चात् क्या संभावनाएँ हो सकती हैं?

उत्तर देखिए
1

पता कैसे करें —

यह प्रश्न आपसे ख़ुद पता लगाने को कहता है। घर, गाँव या मोहल्ले में देखिए कि खाना किससे पकता है, रोशनी किससे होती है, खेत में पानी और सड़क पर गाड़ियाँ किससे चलती हैं; हर स्रोत के आगे लिखिए कि वह नवीकरणीय है या गैर नवीकरणीय।

2

किताब से एक स्रोत —

कच्चा तेल गैर नवीकरणीय है। भारत के पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं, इसलिए वह आयात पर निर्भर है; तेल की कीमतें बढ़ें, तो हर किसी पर भार पड़ता है।

3

50 वर्ष बाद —

तालिका 1.7 के अनुसार मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे। इसलिए 50 वर्ष बाद तेल बहुत कम और महँगा हो सकता है; नए स्रोत मिलें, तो भी वे समय के साथ ख़त्म होंगे।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 15

5★★धारणीयता का विषय विकास के लिए क्यों महत्त्वपूर्ण है?

उत्तर देखिए
1

आने वाली पीढ़ियाँ —

हम चाहते हैं कि विकास का स्तर कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे। पर बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है।

2

भूमिगत जल —

300 ज़िलों में पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है; यही ढंग चला, तो अगले 25 वर्षों में देश का 60 प्रतिशत भाग इसका अति-उपयोग कर रहा होगा।

3

कच्चा तेल —

मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार केवल 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे।

किताब के बॉक्स का वाक्य अंत में लिखिए: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 14, 15

6दूर की नौकरी चुनते समय आप आय के अलावा किन बातों पर ध्यान देंगे?

उत्तर देखिए
1

परिवार —

नई जगह पर परिवार के लिए कैसी सुविधाएँ हैं।

2

काम —

काम का माहौल कैसा है और वहाँ सीखने के अवसर कितने हैं।

3

सुरक्षा और समय —

कम वेतन वाला नियमित रोज़गार सुरक्षा की भावना बढ़ाता है; ज़्यादा वेतन वाली नौकरी में काम की सुरक्षा न हो और परिवार के लिए समय न मिले, तो सुरक्षा और आज़ादी की भावना घटती है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 6

7★राष्ट्रीय विकास के बारे में निर्णय लेना कठिन क्यों है? किताब इसके लिए कौन-से प्रश्न सुझाती है?

उत्तर देखिए

लोगों के लक्ष्य भिन्न हैं, इसलिए राष्ट्रीय विकास के बारे में उनकी धारणा भी भिन्न होगी; उनके विचार परस्पर विरोधी भी हो सकते हैं। किताब ये प्रश्न सोचने को कहती है:

1

क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है, और विचार आपस में विरोधी हों, तो निर्णय कैसे हो?

2

सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी, और क्या काम करने का कोई बेहतर तरीका है?

3

इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा या कुछ को ही?

किताब के शब्दों में: “राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 6

8★★आय, स्वास्थ्य, शिक्षा और मानव विकास क्रमांक में भारत और श्रीलंका की तुलना कीजिए।

उत्तर देखिए
1

आय —

प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय श्रीलंका की 12,616 डॉलर है, भारत की 9,047 डॉलर।

2

स्वास्थ्य और शिक्षा —

जन्म के समय संभावित आयु श्रीलंका में 77.5 वर्ष, भारत में 72; स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष (किताब की तालिका में यह कॉलम “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” नाम से छपा है) श्रीलंका में 10.8, भारत में 6.9।

3

क्रमांक —

मानव विकास सूचकांक में कुल 193 देशों में श्रीलंका 89वें स्थान पर है और भारत 130वें।

यानी छोटा-सा पड़ोसी देश श्रीलंका हर मद में भारत से आगे है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13, 14

खण्ड च — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) — 7 प्रश्न

1★★किताब के उदाहरण देकर समझाइए कि विकास सबके लिए एक जैसा नहीं होता।

उत्तर देखिए

अलग-अलग लोगों की हालत अलग है, इसलिए उनके विकास के लक्ष्य भी अलग हैं।

1

अलग लोग, अलग लक्ष्य —

तालिका 1.1 में हर व्यक्ति कुछ और चाहता है।

उदाहरण भूमिहीन मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, पंजाब का समृद्ध किसान ज़्यादा समर्थन मूल्य, और शहर के अमीर परिवार की लड़की भाई जैसी आज़ादी।

2

लक्ष्यों में टकराव —

एक का लक्ष्य दूसरे के लक्ष्य से टकरा सकता है।

उदाहरण मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, जबकि किसान सस्ते मज़दूर; लड़की चाहती है कि भाई घर के कामकाज में हाथ बँटाए, जो शायद भाई को पसंद न हो।

3

एक का विकास, दूसरे का विनाश —

किसी के लिए जो विकास है, वह दूसरे के लिए नुकसान बन सकता है।

उदाहरण उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं, पर ज़मीन डूबे तो आदिवासी जैसे लोग बेघर हो सकते हैं।

4

आय से आगे के लक्ष्य —

लोग आय के साथ बराबरी का व्यवहार, स्वतंत्रता, सुरक्षा और आदर भी चाहते हैं।

उदाहरण वेतन वाला काम करने से महिलाओं का घर और समाज में आदर बढ़ता है।

5

देश के विकास पर भी अलग विचार —

इसलिए राष्ट्रीय विकास के बारे में भी लोगों के विचार भिन्न या परस्पर विरोधी हो सकते हैं।

उदाहरण तब सोचना पड़ता है कि सभी के लिए न्यायपूर्ण और सही राह क्या होगी।

निष्कर्ष ★ किताब के दो निष्कर्ष: “लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न हो सकते हैं” और “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 4–6

2★★प्रतिव्यक्ति आय क्या है? विकास मापने में इसके उपयोग और सीमाएँ लिखिए।

उत्तर देखिए

देश की कुल आय को कुल जनसंख्या से भाग देकर निकली आय प्रतिव्यक्ति आय या औसत आय कहलाती है।

1

उपयोग: देशों की तुलना —

“देशों की तुलना करने के लिए उनकी आय सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता समझी जाती है।”

उदाहरण विश्व बैंक इसी से देशों को बाँटता है; 2024 में भारत लगभग US $11,000 के साथ मध्य आय वर्ग में था।

2

उपयोग: मानव विकास रिपोर्ट में भी —

रिपोर्ट के तीन आधारों में एक प्रति व्यक्ति आय है।

उदाहरण तालिका 1.6 में भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय 9,047 डॉलर है।

3

सीमा: बँटवारा नहीं दिखता —

औसत बराबर होने पर भी लोगों की हालत बहुत अलग हो सकती है।

उदाहरण तालिका 1.2 में दोनों देशों का औसत 10,000 रुपये है, पर देश ख में चार नागरिक 500-500 रुपये पाते हैं।

4

सीमा: स्वास्थ्य और शिक्षा नहीं दिखते —

ज़्यादा आय वाला राज्य इन बातों में पीछे हो सकता है।

उदाहरण हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर हरियाणा में 28 है और केरल में 6।

5

सीमा: पैसा हर चीज़ नहीं ख़रीद सकता —

“यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।”

उदाहरण प्रदूषण मुक्त वातावरण और बिना मिलावट की दवाएँ।

निष्कर्ष ★ “इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।” इसे दूसरे मापदंडों के साथ देखिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8–13

3★★आय के अलावा विकास मापने के दूसरे मापदंड कौन-से हैं? किताब के उदाहरणों से समझाइए।

उत्तर देखिए

औसत आय उपयोगी है, पर अधूरी; इसलिए किताब ये मापदंड भी देखती है।

1

शिशु मृत्यु दर —

किसी वर्ष में पैदा हुए 1,000 जीवित बच्चों में से एक साल से पहले मरने वाले बच्चे।

उदाहरण केरल 6, बिहार 27, हरियाणा 28।

2

साक्षरता दर —

7 वर्ष और उससे बड़े लोगों में साक्षर लोगों का अनुपात।

उदाहरण केरल 96%, हरियाणा 80%, बिहार 71%।

3

निवल उपस्थिति अनुपात —

किसी आयु-वर्ग के कुल बच्चों में से स्कूल जाने वालों का प्रतिशत; तालिका 1.4 में माध्यमिक स्तर के 15–17 वर्ष के बच्चों का।

उदाहरण बिहार में यह 55 है, यानी 100 में से लगभग 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे।

4

सार्वजनिक सुविधाएँ —

स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन जैसी सुविधाएँ, जो मिलकर देने पर सबसे सस्ती पड़ती हैं।

उदाहरण तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों के 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल में केवल 35 प्रतिशत।

5

मानव विकास रिपोर्ट —

यू.एन.डी.पी. की रिपोर्ट, जो शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय, तीनों से तुलना करती है।

उदाहरण 193 देशों में श्रीलंका 89वें और भारत 130वें स्थान पर है।

निष्कर्ष ★ किताब के शब्दों में: “लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10–14

4★★धारणीयता क्या है? भूमिगत जल और कच्चे तेल के उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर देखिए

किताब धारणीयता की बात एक इच्छा से शुरू करती है: विकास का स्तर और ऊँचा हो, या कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे।

1

वैज्ञानिकों की चेतावनी —

बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध से बहुत से वैज्ञानिक कह रहे हैं कि विकास का मौजूदा प्रकार और स्तर धारणीय नहीं है।

उदाहरण नीचे के दोनों साधन यही दिखाते हैं।

2

भूमिगत जल: नवीकरणीय, फिर भी संकट में —

बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालने पर अति-उपयोग होता है।

उदाहरण 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है।

3

आगे का ख़तरा —

देश का लगभग एक तिहाई भाग भूमिगत जल का अति-उपयोग कर रहा है।

उदाहरण यही ढंग चला, तो अगले 25 वर्षों में देश का 60 प्रतिशत भाग अति-उपयोग कर रहा होगा।

4

कच्चा तेल: गैर नवीकरणीय —

धरती पर इसका एक निश्चित भण्डार है, जिसकी पुनः पूर्ति नहीं होती।

उदाहरण तालिका 1.7 के अनुसार मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार 47 वर्ष चलेंगे; मध्य-पूर्व के 70 वर्ष और संयुक्त राज्य अमरीका के 10.5 वर्ष।

5

देशों पर असर —

जिनके पास तेल कम है, वे दूसरों पर निर्भर होते हैं।

उदाहरण भारत तेल के आयात पर निर्भर है; कीमतें बढ़ें, तो हर किसी पर भार पड़ता है।

निष्कर्ष ★ “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।” पर्यावरण में गिरावट के नतीजे सीमाएँ नहीं मानते: “हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।”

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 14–16

5★★प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। इसलिए प्रतिव्यक्ति आय एक उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है और राज्यों की तुलना के लिए इसका उपयोग नहीं करना चाहिए। क्या आप सहमत हैं? चर्चा कीजिए।

उत्तर देखिए

नहीं, मैं इससे सहमत नहीं हूँ। प्रतिव्यक्ति आय उपयोगी मापदंड है, पर अकेले काफ़ी नहीं।

1

आय क्यों उपयोगी —

ज़्यादा आय का मतलब माना जाता है ज़रूरत की ज़्यादा चीज़ें; इसीलिए तुलना में आय को सबसे महत्त्वपूर्ण विशिष्टता माना जाता है।

उदाहरण विश्व बैंक देशों को प्रतिव्यक्ति आय से ही बाँटता है।

2

मानव विकास रिपोर्ट भी आय गिनती है —

उसके तीन आधारों में एक प्रति व्यक्ति आय है।

उदाहरण तालिका 1.6 के पहले कॉलम में प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय है।

3

आय क्यों अधूरी —

ज़्यादा आय वाला राज्य स्वास्थ्य और शिक्षा में पीछे हो सकता है।

उदाहरण हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय 3,25,759 रुपये है और केरल की 2,81,001, फिर भी तालिका 1.4 में शिशु मृत्यु दर, साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति, तीनों में केरल आगे है।

4

फ़र्क़ का कारण —

केरल में स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हैं।

उदाहरण ऐसी सार्वजनिक सुविधाएँ जेब का पैसा नहीं ख़रीद सकता; ये सामूहिक रूप से मिलती हैं।

5

सही तरीका —

आय को छोड़ना नहीं, उसके साथ दूसरे मापदंड जोड़ना।

उदाहरण शिशु मृत्यु दर, साक्षरता दर और निवल उपस्थिति अनुपात।

निष्कर्ष ★ प्रतिव्यक्ति आय को छोड़ना नहीं चाहिए; उसके साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं के आँकड़े भी देखने चाहिए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 8–13

6★धरती के पास सब लोगों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, लेकिन एक भी व्यक्ति के लालच को पूरा करने के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। यह कथन विकास की चर्चा में कैसे प्रासंगिक है? चर्चा कीजिए।

उत्तर देखिए

यह कथन बताता है कि मुश्किल साधनों की कमी से ज़्यादा उनके बेहिसाब इस्तेमाल की है; इसलिए यह विकास की धारणीयता से जुड़ता है।

1

ज़रूरत और लालच —

धरती के साधन सबकी ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, पर कुछ लोग ज़रूरत से कहीं ज़्यादा लें, तो दूसरों के लिए और आगे की पीढ़ियों के लिए कम पड़ेगा।

उदाहरण हम चाहेंगे कि विकास का स्तर कम से कम भावी पीढ़ी के लिए बना रहे; धारणीयता की बात यहीं से शुरू होती है।

2

भूमिगत जल —

नवीकरणीय होकर भी इसे पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकाला जा रहा है।

उदाहरण 300 ज़िलों में 20 साल में स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है।

3

कच्चा तेल —

इसका भण्डार निश्चित है।

उदाहरण मौजूदा दर पर विश्व के भण्डार 47 वर्षों में ख़त्म हो जाएँगे।

4

एक का विकास, दूसरे का नुकसान —

किसी का फ़ायदा दूसरों के लिए विनाशकारी हो सकता है।

उदाहरण आइवरी कोस्ट के अबिदजान में एक बहुराष्ट्रीय कंपनी के ठेके पर फेंके गए ज़हरीले कचरे के धुएँ से लोग बीमार पड़े और एक महीने बाद 7 लोग मारे गए।

5

साझा भविष्य —

पर्यावरण में गिरावट के नतीजे राष्ट्रीय और राज्य सीमाएँ नहीं मानते।

उदाहरण किताब कहती है: “हम सब का भविष्य परस्पर जुड़ा हुआ है।”

निष्कर्ष ★ विकास ऐसा होना चाहिए जो सबकी ज़रूरतें पूरी करे और साधनों को आगे की पीढ़ियों के लिए भी बचाए।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 7, 14, 15, 16

7★★सार्वजनिक सुविधाएँ क्या हैं? विकास में इनका महत्त्व किताब के उदाहरणों से समझाइए।

उत्तर देखिए

स्कूल, स्वास्थ्य सेवा, सुरक्षा और राशन जैसी सुविधाएँ, जो सबको सामूहिक रूप से दी जाती हैं, सार्वजनिक सुविधाएँ हैं। किताब कहती है: “यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।”

1

पैसा अकेले क्या नहीं दिला सकता —

कुछ चीज़ें तभी मिलती हैं जब पूरा समुदाय मिलकर कदम उठाए।

उदाहरण प्रदूषण मुक्त वातावरण, बिना मिलावट की दवाएँ और संक्रामक बीमारियों से बचाव।

2

सामूहिक तरीका सस्ता —

“वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।”

उदाहरण पूरे इलाके की सामूहिक सुरक्षा, हर घर के अलग सुरक्षा गार्ड से सस्ती है।

3

स्कूल —

आप इसलिए पढ़ पा रहे हैं कि बहुत से लोग मानते हैं कि सरकार स्कूल खोले।

उदाहरण आज भी बहुत से इलाकों में बच्चे, ख़ासकर लड़कियाँ, उच्च विद्यालयी शिक्षा नहीं ले पातीं; 14 वर्ष तक सबको निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का लक्ष्य 1960 तक पूरा होना था।

4

केरल —

यहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त हैं।

उदाहरण इसीलिए केरल की शिशु मृत्यु दर 6 है, हरियाणा की 28।

5

सार्वजनिक वितरण प्रणाली —

जहाँ यह ठीक चलती है, वहाँ स्वास्थ्य और पोषण बेहतर होने की संभावना है।

उदाहरण तमिलनाडु के ग्रामीण क्षेत्रों के 90 प्रतिशत लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल में केवल 35 प्रतिशत।

निष्कर्ष ★ अच्छा जीवन सिर्फ़ ज़्यादा आय से नहीं बनता; उसके लिए अच्छी सार्वजनिक सुविधाएँ भी ज़रूरी हैं।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10–12

खण्ड छ — संख्यात्मक और तालिका-आधारित प्रश्न (3 अंक) — 6 प्रश्न

1★★दो देशों, क और ख, में पाँच-पाँच नागरिक हैं। उनकी मासिक आय (रुपये में) यह है:
देश क: 9,500 · 10,500 · 9,800 · 10,000 · 10,200
देश ख: 500 · 500 · 500 · 500 · 48,000
दोनों देशों की औसत मासिक आय निकालिए। आप किस देश में रहना चाहेंगे, और क्यों?

उत्तर देखिए

देश क 9,500 + 10,500 + 9,800 + 10,000 + 10,200 = 50,000 रुपये; 50,000 ÷ 5 = 10,000 रुपये।

देश ख 500 × 4 + 48,000 = 2,000 + 48,000 = 50,000 रुपये; 50,000 ÷ 5 = 10,000 रुपये।

चुनाव दोनों का औसत बराबर है, पर मैं देश क चुनूँगा, क्योंकि वहाँ आय लगभग बराबर बँटी है। देश ख में चार नागरिक 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000 रुपये; लॉटरी से नागरिकता मिले, तो वहाँ गरीब होने की संभावना ज़्यादा है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 9

2★★तीन राज्यों के ये आँकड़े देखिए (प्रतिव्यक्ति आय 2023-24, रुपये · शिशु मृत्यु दर 2020 · माध्यमिक स्तर पर 15–17 वर्ष के बच्चों का निवल उपस्थिति अनुपात 2019-21):
हरियाणा: 3,25,759 · 28 · 67
केरल: 2,81,001 · 6 · 77
बिहार: 60,337 · 27 · 55
(क) शिशु मृत्यु दर किस राज्य में सबसे कम है और किसमें सबसे ज़्यादा? (ख) हरियाणा की शिशु मृत्यु दर केरल की कितने गुना है? (ग) बिहार के निवल उपस्थिति अनुपात 55 का क्या अर्थ है?

उत्तर देखिए

(क) सबसे कम केरल में (6), सबसे ज़्यादा हरियाणा में (28); बिहार (27) हरियाणा के बहुत क़रीब है।

(ख) तीन गुना से भी कहीं ज़्यादा (28 ÷ 6, लगभग 4.7 गुना)।

(ग) माध्यमिक स्तर के 15–17 वर्ष के 100 में से 55 बच्चे स्कूल जा रहे हैं, यानी लगभग 100 − 55 = 45 बच्चे स्कूल नहीं जा रहे। किताब के पाठ में यहाँ “लगभग एक-तिहाई” छपा है, पर तालिका का 55 लगभग 45 प्रतिशत बताता है।

निष्कर्ष आय में हरियाणा आगे है, पर स्वास्थ्य और शिक्षा में केरल।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 10, 11

3★★भारत और उसके पड़ोसी देशों के ये आँकड़े देखिए (प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय, डॉलर · जन्म के समय संभावित आयु, वर्ष · स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष · मानव विकास सूचकांक क्रमांक):
श्रीलंका: 12,616 · 77.5 · 10.8 · 89
भारत: 9,047 · 72 · 6.9 · 130
म्यांमार: 4,919 · 66.9 · 6.4 · 150
पाकिस्तान: 5,501 · 67.6 · 4.3 · 168
नेपाल: 4,726 · 70.4 · 4.5 · 145
बंगलादेश: 8,498 · 74.7 · 6.8 · 130
हर मद में कौन-सा देश सबसे ऊपर है और कौन-सा सबसे नीचे?

उत्तर देखिए
1

प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय —

सबसे ऊपर श्रीलंका (12,616 डॉलर), सबसे नीचे नेपाल (4,726)।

2

जन्म के समय संभावित आयु —

सबसे ऊपर श्रीलंका (77.5 वर्ष), सबसे नीचे म्यांमार (66.9)।

3

स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष (किताब की तालिका में यह कॉलम “विद्यालयी औसत आयु 25 वर्ष या उसके अधिक” नाम से छपा है) —

सबसे ऊपर श्रीलंका (10.8), सबसे नीचे पाकिस्तान (4.3)।

4

मानव विकास सूचकांक क्रमांक —

सबसे अच्छा श्रीलंका (89), सबसे पीछे पाकिस्तान (168)।

यानी हर मद में श्रीलंका सबसे ऊपर है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13

4उत्तर प्रदेश की ग्रामीण जनसंख्या के ये आँकड़े देखिए (पुरुष · महिला):
ग्रामीण जनसंख्या की साक्षरता दर: 76% · 54%
10–14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में साक्षरता दर: 90% · 87%
10–14 वर्ष के ग्रामीण बच्चों में स्कूल जाने वाले: 85% · 82%
(क) ग्रामीण पुरुषों और महिलाओं की साक्षरता दर में कितना अंतर है? (ख) 10–14 वर्ष के कितने प्रतिशत ग्रामीण लड़के और लड़कियाँ स्कूल नहीं जा रहे? (ग) 10–14 वर्ष के कितने प्रतिशत ग्रामीण लड़के और लड़कियाँ निरक्षर हैं?

उत्तर देखिए

(क) पुरुष 76%, महिलाएँ 54%; अंतर 76 − 54 = 22 प्रतिशत अंक।

(ख) स्कूल जाने वाले लड़के 85% और लड़कियाँ 82%, इसलिए स्कूल न जाने वाले लड़के 100 − 85 = 15% और लड़कियाँ 100 − 82 = 18%।

(ग) साक्षरता लड़कों में 90% और लड़कियों में 87%, इसलिए निरक्षर लड़के 100 − 90 = 10% और लड़कियाँ 100 − 87 = 13%।

निष्कर्ष हर पैमाने पर लड़कियाँ पीछे हैं। किताब कहती है कि स्वतंत्रता के 75 वर्षों के बाद भी 10–14 वर्ष के आयु वर्ग में इतनी निरक्षरता चिंताजनक है।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 12

5★★किताब के प्रश्न 13 की तालिका 2019–21 के एक सर्वेक्षण से है। उसमें 15–49 वर्ष के वयस्कों में सामान्य से कम बी.एम.आई. वालों का प्रतिशत यह है: केरल पुरुष 8.5, महिला 10; कर्नाटक पुरुष 17, महिला 21; मध्य प्रदेश पुरुष 28, महिला 28; सभी राज्य पुरुष 20, महिला 23। (क) केरल और मध्य प्रदेश के लोगों के पोषण स्तरों की तुलना कीजिए। (ख) देश में पर्याप्त खाद्य होने पर भी लगभग हर पाँच में से एक व्यक्ति अल्पपोषित क्यों है?

उत्तर देखिए

(क) केरल का पोषण स्तर मध्य प्रदेश से कहीं बेहतर है। केरल में सामान्य से कम बी.एम.आई. वाले पुरुष 8.5% और महिलाएँ 10% हैं; मध्य प्रदेश में दोनों 28%, यानी लगभग तीन गुना। मध्य प्रदेश में हर चार में से एक से ज़्यादा वयस्क अल्पपोषित है, केरल में लगभग दस में से एक।

(ख) सभी राज्यों में 20% पुरुष और 23% महिलाएँ, यानी लगभग हर पाँच में से एक। इसके संभावित कारण: खाद्य देश में हो, पर हर घर तक न पहुँचे, क्योंकि कुल या औसत से बँटवारे का पता नहीं चलता; कम आय वाले लोग बाज़ार से पूरा भोजन नहीं ख़रीद पाते; और जहाँ सार्वजनिक वितरण प्रणाली कमज़ोर है, वहाँ पोषण भी कमज़ोर हो सकता है। तमिलनाडु के 90% ग्रामीण लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते हैं, पश्चिम बंगाल में केवल 35%।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 12, 17

6★किसी विद्यार्थी का भार 45 किलोग्राम और ऊँचाई 150 सेंटीमीटर है। उसका बी.एम.आई. निकालिए।

उत्तर देखिए

सूत्र बी.एम.आई. = भार (किलोग्राम) ÷ ऊँचाई (मीटर) का वर्ग।

चरण 1 ऊँचाई को मीटर में बदलिए: 150 सेंटीमीटर = 1.5 मीटर।

चरण 2 ऊँचाई का वर्ग: 1.5 × 1.5 = 2.25।

चरण 3 बी.एम.आई. = 45 ÷ 2.25 = 20।

! किताब ऊँचाई सेंटीमीटर में नापने को कहती है; भाग देने से पहले उसे मीटर में ज़रूर बदलिए, वरना उत्तर ग़लत आएगा।

संदर्भ: NCERT, आर्थिक विकास की समझ (कक्षा 10), अध्याय 1, पृष्ठ 13

उत्तर लिखने का तरीक़ा

अंकलंबाईकैसे लिखें
1 अंकएक वाक्यसीधे उत्तर
2 अंक30–40 शब्दउत्तर + कारण या उदाहरण
3 अंक60–80 शब्दतीन बिंदु, पूरे वाक्यों में
5 अंकलगभग 120 शब्दभूमिका + पाँच बिंदु + निष्कर्ष

★इस अध्याय के लिए तीन सलाह —

  1. यहाँ सही उत्तर कम और अच्छे तर्क ज़्यादा हैं, इसलिए हर उत्तर में कारण ज़रूर लिखिए।
  2. जहाँ हो सके, वहाँ किताब का उदाहरण दीजिए: देश क और देश ख, हरियाणा-केरल-बिहार, श्रीलंका-भारत, भूमिगत जल, कच्चा तेल।
  3. उदाहरण के साथ किताब का आँकड़ा भी लिखिए, उत्तर ठोस बनता है: 10,000 · 130 · 300 ज़िले · 47 वर्ष।

तीन नमूना परीक्षा-पत्र

हर पत्र के सभी प्रश्नों के उत्तर इसी पन्ने के ऊपर के खण्डों में हैं। पहले बिना देखे लिखिए, फिर मिलाइए।

नमूना पत्र 1 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1प्रतिव्यक्ति आय किसे कहते हैं?1
2शिशु मृत्यु दर से क्या पता चलता है?1
3मानव विकास रिपोर्ट किस संस्था की रिपोर्ट है?1
4आय के अलावा लोग और क्या चाहते हैं?2
5हरियाणा की प्रतिव्यक्ति आय केरल से ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर में वह पीछे क्यों है?2
6विश्व बैंक देशों का वर्गीकरण किस प्रमुख मापदंड से करता है? इस मापदंड की सीमाएँ बताइए।3
7किताब के उदाहरण देकर समझाइए कि विकास सबके लिए एक जैसा नहीं होता।5
8धरती के पास सबकी आवश्यकताएँ पूरी करने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं, पर एक भी व्यक्ति के लालच के लिए नहीं। विकास की चर्चा में यह कथन कैसे प्रासंगिक है?5

नमूना पत्र 2 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1विश्व बैंक के अनुसार 2024 में किन देशों को निम्न आय वाला देश कहा गया?1
2साक्षरता दर किसे कहते हैं?1
3बी.एम.आई. निकालने का सूत्र क्या है?1
4देशों की तुलना के लिए कुल आय की जगह औसत आय क्यों ली जाती है?2
5नवीकरणीय और गैर नवीकरणीय साधनों में अंतर बताइए।2
6विकास मापने का यू.एन.डी.पी. का मापदंड विश्व बैंक के मापदंड से किन पहलुओं में अलग है?3
7धारणीयता क्या है? भूमिगत जल और कच्चे तेल के उदाहरण देकर समझाइए।5
8सार्वजनिक सुविधाएँ क्या हैं? विकास में इनका महत्त्व समझाइए।5

नमूना पत्र 3 (कुल 20 अंक)

प्र.प्रश्नअंक
1मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना किन तीन आधारों पर करती है?1
2तुलना के लिए प्रतिव्यक्ति आय डॉलर में किस तरह गिनी जाती है?1
3भारत के कितने ज़िलों में पिछले 20 साल में भूमिगत जल का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है?1
4आइवरी कोस्ट की अख़बारी रिपोर्ट में किन लोगों को फ़ायदा हुआ और किनको नहीं?2
5महिलाओं के उदाहरण से समझाइए कि विकास के लिए लोग मिले-जुले लक्ष्य देखते हैं।2
6हम औसत का प्रयोग क्यों करते हैं? इसकी सीमाएँ विकास से जुड़े उदाहरण देकर बताइए।3
7आय के अलावा विकास मापने के दूसरे मापदंड कौन-से हैं?5
8प्रतिव्यक्ति आय कम होने पर भी केरल का मानव विकास क्रमांक हरियाणा से ऊँचा है। क्या इसका मतलब है कि प्रतिव्यक्ति आय उपयोगी मापदंड बिल्कुल नहीं है? चर्चा कीजिए।5