ये प्रश्न रटकर हल नहीं होते। इनमें आपको आँकड़े पढ़ना, तुलना करना, पक्ष लेना और कारण देना है। पहले अपना उत्तर ख़ुद लिखिए, फिर नीचे दिया उत्तर खोलकर मिलाइए। केसों के सारे आँकड़े किताब से हैं, और उत्तरों में उद्धरण-चिह्नों के भीतर किताब के अपने शब्द हैं, पृष्ठ के साथ। अंक सिर्फ़ यह अंदाज़ा देते हैं कि उत्तर कितना लंबा हो।
तारों का मतलब: ★वाली पंक्ति उत्तर की मुख्य बात है; दोहराते समय पहले वही पढ़िए।
भाग क — केस-आधारित प्रश्न
केस 1 — दो देश, एक औसत (पृष्ठ 9)
किताब की तालिका 1.2 में दो देश हैं, हर एक में 5 नागरिक। उनकी मासिक आय (रुपये में):
देश क: 9,500 · 10,500 · 9,800 · 10,000 · 10,200
देश ख: 500 · 500 · 500 · 500 · 48,000
मान लीजिए एक अधिकारी अपनी रिपोर्ट में लिखता है: दोनों देशों की औसत आय 10,000 रुपये है, इसलिए दोनों देश बराबर विकसित हैं और वहाँ के लोग बराबर सुखी हैं। (यह अधिकारी काल्पनिक है; आँकड़े किताब के हैं।)
1अधिकारी की बात में चूक कहाँ है? 2 अंक
उत्तर देखिए
औसत सचमुच बराबर है: दोनों देशों की कुल आय 50,000 रुपये है, और 5 से भाग देने पर औसत 10,000 रुपये आता है।
★पर औसत बराबर होने से आय का बँटवारा बराबर नहीं हो जाता। देश क में कोई न बहुत अमीर है, न बहुत गरीब; देश ख में चार नागरिक 500-500 रुपये पाते हैं और एक 48,000 रुपये। किताब कहती है: “इसलिए यद्यपि औसत आय तुलना के लिए उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि यह आय लोगों में किस प्रकार वितरित है।” (पृष्ठ 9)
2आपको इनमें से एक देश में बसना है, पर आप कौन-से नागरिक बनेंगे, यह लॉटरी से तय होगा। आप कौन-सा देश चुनेंगे? अपनी पसंद का कारण संभावना के हिसाब से दीजिए। 2 अंक
उत्तर देखिए
★देश क। देश ख में 5 में से 4 नागरिक 500 रुपये महीना पाते हैं, यानी लॉटरी में 500 रुपये वाला नंबर आने की संभावना 5 में से 4 है। देश क में सबसे कम आय भी 9,500 रुपये है।
किताब भी यही कहती है कि पाँचवाँ नागरिक बनना पक्का हो, तो शायद कुछ लोग देश ख चुनें, पर नागरिकता लॉटरी से तय हो, तो ज़्यादातर लोग देश क चुनेंगे (पृष्ठ 9)।
3मान लीजिए अगले साल के रिकॉर्ड बताते हैं कि देश ख की औसत आय बढ़ गई है। क्या इससे यह निष्कर्ष निकलता है कि देश के सभी लोगों की हालत बेहतर हो गई? उदाहरण देकर समझाइए। 3 अंक
उत्तर देखिए
(किताब का अपना सवाल इसी पर है, पृष्ठ 9)
ज़रूरी नहीं।
अगर बढ़ोतरी सिर्फ़ पाँचवें नागरिक की आय में हुई हो, तो औसत बढ़ जाएगा, पर बाकी चार नागरिक अब भी 500-500 रुपये पर ही रहेंगे।
आय बढ़ने के साथ स्वास्थ्य और शिक्षा भी सुधरें, यह भी ज़रूरी नहीं। तीनों राज्यों में हरियाणा की आय सबसे ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर में वह केरल से बहुत पीछे है (पृष्ठ 10)।
★बढ़ता औसत यह नहीं बताता कि बढ़ोतरी किसके हिस्से आई। इसलिए औसत के साथ यह भी देखिए कि आय कैसे बँटी है और लोगों को कौन-सी सुविधाएँ मिल रही हैं।
केस 2 — तीन राज्य (पृष्ठ 10–12)
किताब की तालिका 1.3 और 1.4 से तीन राज्यों के आँकड़े:
हरियाणा: प्रतिव्यक्ति आय 3,25,759 रुपये · शिशु मृत्यु दर 28 · साक्षरता दर 80% · निवल उपस्थिति अनुपात 67
केरल: प्रतिव्यक्ति आय 2,81,001 रुपये · शिशु मृत्यु दर 6 · साक्षरता दर 96% · निवल उपस्थिति अनुपात 77
बिहार: प्रतिव्यक्ति आय 60,337 रुपये · शिशु मृत्यु दर 27 · साक्षरता दर 71% · निवल उपस्थिति अनुपात 55
आय 2023-24 की है, शिशु मृत्यु दर 2020 की, साक्षरता दर 2017-18 की, और निवल उपस्थिति अनुपात 2019-21 का, माध्यमिक स्तर के 15–17 वर्ष के बच्चों का।
1किताब पूछती है (पृष्ठ 12) कि क्या हरियाणा साक्षरता दर वगैरह में भी केरल से उतना ही आगे है, जितना प्रतिव्यक्ति आय में। आँकड़ों से उत्तर दीजिए। 2 अंक
उत्तर देखिए
नहीं, उलटा है। प्रतिव्यक्ति आय में हरियाणा (3,25,759 रुपये) केरल (2,81,001 रुपये) से आगे है, पर बाकी तीनों में पीछे: शिशु मृत्यु दर 28 बनाम 6, साक्षरता दर 80% बनाम 96%, निवल उपस्थिति अनुपात 67 बनाम 77।
★आय में आगे होना, स्वास्थ्य और शिक्षा में आगे होने की गारंटी नहीं है।
2एक विद्यार्थी कहता है: “बिहार की आय हरियाणा से बहुत कम है, फिर भी उसकी शिशु मृत्यु दर (27) हरियाणा (28) से कम है। इसलिए आय का शिशु मृत्यु दर से कोई लेना-देना नहीं।” (यह कथन काल्पनिक है।) इस तर्क को जाँचिए। 3 अंक
उत्तर देखिए
तर्क का एक हिस्सा ठीक है, निष्कर्ष बहुत आगे चला गया है।
ठीक इतना है कि अकेली आय से शिशु मृत्यु दर तय नहीं होती। किताब का पूरा तर्क यही है: “यह आवश्यक नहीं कि जेब में रखा रुपया वे सब वस्तुएँ और सेवाएँ खरीद सके, जिनकी आपको एक बेहतर जीवन के लिए आवश्यकता हो सकती है।” (पृष्ठ 11)
पर तीन राज्यों के आँकड़ों से यह साबित नहीं होता कि दोनों में कोई लेना-देना नहीं। बिहार और हरियाणा की शिशु मृत्यु दर लगभग बराबर है, बस इतना दिखता है।
★असली फ़र्क़ सुविधाओं का है। किताब के अनुसार केरल में शिशु मृत्यु दर इसलिए कम है कि वहाँ स्वास्थ्य और शिक्षा की मौलिक सुविधाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं (पृष्ठ 12)। इसलिए सही निष्कर्ष यह है: आय के साथ यह भी देखिए कि लोगों तक सुविधाएँ कितनी पहुँचती हैं।
3किताब का एक और सवाल (पृष्ठ 12): क्या अच्छी स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएँ सिर्फ़ इस पर निर्भर हैं कि सरकार इन पर कितना ख़र्च करती है? और कौन-सी बातें मायने रख सकती हैं? 3 अंक
उत्तर देखिए
सिर्फ़ ख़र्च पर नहीं। किताब के ही उदाहरणों से:
समाज की माँग: आप पढ़ पा रहे हैं, क्योंकि बहुत से बच्चे पढ़ना चाहते हैं और बहुत से लोग मानते हैं कि सरकार स्कूल खोले (पृष्ठ 11)। आज भी बहुत से इलाकों में बच्चे, ख़ासकर लड़कियाँ, उच्च विद्यालयी शिक्षा नहीं ले पातीं, क्योंकि सरकार और समाज ने पर्याप्त सुविधाएँ नहीं दीं।
पूरे समुदाय के क़दम: संक्रामक बीमारियों से बचाव तब तक नहीं होता, जब तक पूरा समुदाय बचाव के क़दम न उठाए (पृष्ठ 11)।
सुविधा कितनी ठीक चलती है: सार्वजनिक वितरण प्रणाली कुछ राज्यों में ठीक चलती है; एक अध्ययन में तमिलनाडु के 90% ग्रामीण लोग राशन की दुकानों का प्रयोग करते पाए गए, पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ 35% (पृष्ठ 12)।
★ख़र्च ज़रूरी है, पर उतना ही ज़रूरी है कि सुविधा ठीक चले, लोगों तक पहुँचे, और समाज उसकी माँग करे।
केस 3 — भारत और उसके पड़ोसी (पृष्ठ 13)
किताब की तालिका 1.6, वर्ष 2023 के आँकड़े (मानव विकास रिपोर्ट 2025)। क्रम है: प्रति व्यक्ति आय (डॉलर) · जन्म के समय संभावित आयु (वर्ष) · स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष · मानव विकास सूचकांक क्रमांक (कुल 193 देशों में)।
श्रीलंका: 12,616 · 77.5 · 10.8 · 89
भारत: 9,047 · 72 · 6.9 · 130
बंगलादेश: 8,498 · 74.7 · 6.8 · 130
पाकिस्तान: 5,501 · 67.6 · 4.3 · 168
म्यांमार: 4,919 · 66.9 · 6.4 · 150
नेपाल: 4,726 · 70.4 · 4.5 · 145
1बंगलादेश की प्रतिव्यक्ति आय भारत से कम है, फिर भी दोनों का क्रमांक 130 है। तालिका से इसका कारण ढूँढ़िए। 2 अंक
उत्तर देखिए
मानव विकास रिपोर्ट तीन आधारों पर तुलना करती है: शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय (पृष्ठ 13)। बंगलादेश की आय (8,498 डॉलर) भारत (9,047) से कम है, स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष लगभग बराबर हैं (6.8 और 6.9), पर ★जन्म के समय संभावित आयु बंगलादेश में ज़्यादा है (74.7 वर्ष, भारत 72)। रिपोर्ट तीनों आधार साथ देखती है; तालिका में आय में पीछे और संभावित आयु में आगे रहकर बंगलादेश का क्रमांक भारत के बराबर (130) है।
2छहों देशों को सिर्फ़ प्रति व्यक्ति आय के हिसाब से क्रम में लगाइए, फिर इस क्रम की तुलना मानव विकास सूचकांक के क्रम से कीजिए। कौन-से दो देश अपनी जगह सबसे ज़्यादा बदलते हैं, और क्यों? 3 अंक
उत्तर देखिए
आय का क्रम श्रीलंका, भारत, बंगलादेश, पाकिस्तान, म्यांमार, नेपाल।
सूचकांक का क्रम श्रीलंका (89), भारत और बंगलादेश (130), नेपाल (145), म्यांमार (150), पाकिस्तान (168)।
पाकिस्तान आय में चौथे स्थान पर है (5,501 डॉलर), पर सूचकांक में सबसे पीछे। उसकी स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष (4.3) छहों में सबसे कम हैं, और संभावित आयु (67.6) भी कम।
नेपाल आय में सबसे नीचे है (4,726 डॉलर), पर सूचकांक में चौथे स्थान पर। उसकी संभावित आयु (70.4) पाकिस्तान और म्यांमार से ज़्यादा है।
★आय का क्रम और मानव विकास का क्रम एक नहीं होता; स्वास्थ्य और शिक्षा क्रम बदल देते हैं।
3किताब पूछती है (पृष्ठ 14) कि क्या मानव विकास मापने के लिए कुछ और पहलुओं पर भी विचार होना चाहिए। दो पहलू सुझाइए, और हर एक का कारण इसी अध्याय से दीजिए। 2 अंक
उत्तर देखिए
इसका कोई एक तय उत्तर नहीं है; किताब बताती है कि मानव विकास रिपोर्ट में बहुत से नए घटक जोड़े गए हैं (पृष्ठ 14)। अध्याय से ये पहलू निकलते हैं:
आय का बँटवारा: तालिका 1.2 दिखाती है कि औसत बराबर होकर भी ज़्यादातर लोग गरीब हो सकते हैं (पृष्ठ 9)।
पोषण: किताब के प्रश्न 13 की तालिका में सभी राज्यों को मिलाकर 15–49 वर्ष के 20% पुरुषों और 23% महिलाओं का बी.एम.आई. सामान्य से कम है (पृष्ठ 17)।
सुरक्षा, आदर और आज़ादी: लोग आय से आगे के ये लक्ष्य भी चाहते हैं (पृष्ठ 5–6)।
धारणीयता: भूमिगत जल और कच्चा तेल घट रहे हैं (पृष्ठ 14–15)।
★कोई भी पहलू ठीक है, अगर उसका कारण अध्याय से दिया गया हो।
केस 4 — कच्चा तेल और भूमिगत जल (पृष्ठ 14–15)
किताब की तालिका 1.7, कच्चे तेल के भण्डार (2020):
मध्य-पूर्व: 836 हज़ार मिलियन बैरल · मौजूदा दर पर 70 वर्ष चलेंगे
संयुक्त राज्य अमरीका: 69 हज़ार मिलियन बैरल · 10.5 वर्ष
विश्व: 1732 हज़ार मिलियन बैरल · 47 वर्ष
भूमिगत जल: 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में पानी का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है, और देश का लगभग एक तिहाई भाग भूमिगत जल भण्डारों का अति-उपयोग कर रहा है।
1विश्व के लिए “47 वर्ष” किस शर्त पर टिका है? अगर दुनिया में तेल की खपत बढ़ती जाए, तो इस संख्या का क्या होगा? 2 अंक
उत्तर देखिए
★शर्त यह है कि कच्चे तेल का प्रयोग मौजूदा दर पर चलता रहे (पृष्ठ 15)। खपत बढ़ी, तो भण्डार 47 वर्ष से पहले ही ख़त्म हो जाएँगे। कभी-कभी तेल के नए स्रोत मिल जाते हैं और भण्डार बढ़ता है, पर किताब के अनुसार समय के साथ वे भी ख़त्म होंगे (पृष्ठ 15)।
2संयुक्त राज्य अमरीका, मध्य-पूर्व और भारत की स्थिति की तुलना कीजिए। भारत के लिए आने वाले समय में कौन-सी मुश्किलें आ सकती हैं? (पृष्ठ 15 के सवाल पर आधारित) 3 अंक
उत्तर देखिए
मध्य-पूर्व के पास सबसे बड़ा भण्डार है (836), जो मौजूदा दर पर 70 वर्ष चलेगा।
संयुक्त राज्य अमरीका का भण्डार कम है (69, सिर्फ़ 10.5 वर्ष का), पर किताब के अनुसार वह तेल सैन्य और आर्थिक शक्ति के द्वारा पाना चाहता है (पृष्ठ 15)।
भारत के पास तेल के पर्याप्त भण्डार नहीं हैं, इसलिए वह आयात पर निर्भर है; तेल की कीमतें बढ़ें, तो हर किसी पर भार पड़ता है (पृष्ठ 15)।
★भारत की मुश्किल: जितना ज़्यादा आयात पर टिकेंगे, विश्व के घटते भण्डार और बढ़ती कीमतें उतना ही भारी असर डालेंगी। इसलिए तेल को सोच-समझकर इस्तेमाल करना ज़रूरी है।
3किताब पूछती है (पृष्ठ 14): क्या बिना अति-उपयोग के विकास हो सकता है? भूमिगत जल के उदाहरण से उत्तर दीजिए। 3 अंक
उत्तर देखिए
हो सकता है, अगर साधन उतना ही लिया जाए जितनी उसकी भरपाई हो।
भूमिगत जल नवीकरणीय है; अति-उपयोग तब होता है, जब हम उसे बरसात से होने वाली पुनः पूर्ति से ज़्यादा निकालते हैं (पृष्ठ 15)। यानी हद पार न हो, तो विकास के लिए पानी मिलता रह सकता है।
किताब के बाँध वाले उदाहरण में लोग सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं (पृष्ठ 5)। ऐसे रास्ते सोचना ही धारणीय विकास की तलाश है।
★किताब के बॉक्स की पंक्ति यही याद दिलाती है: “हमने विश्व को अपने पूर्वजों से उत्तराधिकार में प्राप्त नहीं किया है– हमने इसे अपने बच्चों से उधार लिया है।” (पृष्ठ 14)
भाग ख — तर्क और मूल्यांकन
1किताब (पृष्ठ 6) पूछती है कि क्या ये दो कथन एक ही बात कहते हैं: (क) लोगों के विकास के लक्ष्य भिन्न होते हैं; (ख) लोगों के विकास के लक्ष्यों में परस्पर विरोध होता है। कारण सहित उत्तर दीजिए। 3 अंक
उत्तर देखिए
नहीं, दोनों अलग बातें हैं।
भिन्न लक्ष्य: अलग-अलग लोग अलग चीज़ें चाहते हैं। तालिका 1.1 में भूमिहीन मज़दूर काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी चाहता है, और शहर के अमीर परिवार की लड़की भाई जैसी आज़ादी (पृष्ठ 4)। ये लक्ष्य अलग हैं, पर आपस में टकराते नहीं।
विरोधी लक्ष्य: एक का लक्ष्य दूसरे के लक्ष्य के आड़े आए। मज़दूर बेहतर मज़दूरी चाहता है, जबकि समृद्ध किसान सस्ते मज़दूर (पृष्ठ 4); उद्योगपति ज़्यादा बाँध चाहते हैं, जबकि जिनकी ज़मीन डूबेगी, वे विरोध कर सकते हैं (पृष्ठ 5)।
★भिन्न लक्ष्य हमेशा विरोधी नहीं होते; पर जब होते हैं, तब किताब की बात लागू होती है: “एक के लिए जो विकास है वह दूसरे के लिए विकास न हो। यहाँ तक कि वह दूसरे के लिए विनाशकारी भी हो सकता है।” (पृष्ठ 5)
2“जो चीज़ गिनी या मापी न जा सके, विकास में उसका कोई मतलब नहीं।” (यह कथन काल्पनिक है।) क्या आप सहमत हैं? 3 अंक
उत्तर देखिए
नहीं।
दोस्ती जैसी बहुत सी चीज़ें आसानी से मापी नहीं जा सकतीं, फिर भी जीवन में बहुत मायने रखती हैं। किताब कहती है कि यह निष्कर्ष ग़लत होगा कि “जिसे मापा नहीं जा सकता, वह महत्त्व नहीं रखता।” (पृष्ठ 5)
बराबरी का व्यवहार, आज़ादी, सुरक्षा और आदर को आय की तरह गिनना मुश्किल है, पर ये कुछ मामलों में ज़्यादा आय से भी ज़्यादा महत्त्वपूर्ण हो सकते हैं, “क्योंकि जीने के लिए केवल भौतिक वस्तुएँ ही पर्याप्त नहीं होती।” (पृष्ठ 5)
★जो आसानी से गिना जाए, वह उपयोगी है; पर जो गिना न जा सके, वह बेकार नहीं।
3“जिस देश के पास बहुत पैसा या बहुत तेल हो, वह अपने-आप विकसित देश है।” (यह कथन काल्पनिक है।) इस कथन को जाँचिए। 3 अंक
उत्तर देखिए
यह कथन सही नहीं है।
समृद्ध देशों को आमतौर पर विकसित देश कहा जाता है, पर किताब के अनुसार मध्य पूर्व के देश और कुछ अन्य छोटे देश इनमें नहीं गिने जाते (पृष्ठ 8)। और तालिका 1.7 में तेल का सबसे बड़ा भण्डार मध्य-पूर्व के पास ही है (पृष्ठ 15)।
तीनों राज्यों में हरियाणा की आय सबसे ज़्यादा है, फिर भी शिशु मृत्यु दर, साक्षरता और स्कूल-उपस्थिति, तीनों में केरल आगे है (पृष्ठ 10)।
बंगलादेश की आय भारत से कम है, पर संभावित आयु ज़्यादा (पृष्ठ 13)।
★पैसा उपयोगी है, पर विकास में लोगों का स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण भी गिना जाता है। किताब कहती है: “लोगों का स्वास्थ्य, उनका कल्याण सबसे अधिक ज़रूरी है।” (पृष्ठ 14)
4मान लीजिए (काल्पनिक) आपके ज़िले को एक बड़ी रक़म मिली है, और तीन सुझाव हैं: (क) एक बड़ा कारख़ाना, (ख) हर गाँव का स्कूल ठीक करना, (ग) ज़िले का अस्पताल बड़ा करना। आप किसे चुनेंगे? किताब के पृष्ठ 6 वाले राष्ट्रीय विकास के सवालों पर अपने चुनाव को परखिए। 4 अंक
उत्तर देखिए
इसका कोई एक सही उत्तर नहीं है। किताब (पृष्ठ 6) ये सवाल पूछने को कहती है: क्या सभी विचारों को बराबर महत्त्व दिया जा सकता है? सबके लिए न्यायपूर्ण राह क्या है? क्या कोई बेहतर तरीका है? इससे बहुत से लोगों को फ़ायदा होगा या कुछ को ही? एक उत्तर ऐसा हो सकता है:
स्कूल: हर गाँव के बच्चों को फ़ायदा, यानी बहुत से लोगों को। किताब कहती है कि बहुत सी चीज़ें सामूहिक रूप से देना सबसे अच्छा और सस्ता है, और केरल के उदाहरण में स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएँ ही फ़र्क़ लाती हैं (पृष्ठ 11–12)।
कारख़ाना: नियमित काम और बेहतर मज़दूरी आय वाले लक्ष्य हैं (पृष्ठ 5); पर फ़ायदा कुछ लोगों तक रह सकता है, और प्रदूषण हो, तो एक का विकास दूसरे के लिए नुक़सान बन सकता है।
अस्पताल: स्वास्थ्य सबको चाहिए; पर संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए पूरे समुदाय के क़दम भी चाहिए (पृष्ठ 11)।
★अंक चुनाव के नहीं, इस बात के हैं कि आपने किताब की कसौटी लगाई और कारण दिए। किताब कहती है: “राष्ट्रीय विकास का अभिप्राय इन सब प्रश्नों पर विचार करना है।” (पृष्ठ 6)
भाग ग — तुलना और वर्गीकरण
1तालिका 1.1 (पृष्ठ 4) के ये लक्ष्य दो खानों में बाँटिए: आय वाले लक्ष्य, और आय से आगे के लक्ष्य। 3 अंक
| लक्ष्य | किसका | किस खाने में |
|---|---|---|
| काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी | ||
| सामाजिक भेदभाव न हो, गाँव में नेता बन सकें | ||
| उपज के लिए ज़्यादा समर्थन मूल्य | ||
| मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय | ||
| भाई जैसी आज़ादी | ||
| अपने फ़ैसले ख़ुद ले सके |
उत्तर देखिए
| लक्ष्य | किसका | किस खाने में |
|---|---|---|
| काम के ज़्यादा दिन और बेहतर मज़दूरी | भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर | आय वाला |
| सामाजिक भेदभाव न हो, गाँव में नेता बन सकें | भूमिहीन ग्रामीण मज़दूर | आय से आगे (बराबरी, आदर) |
| उपज के लिए ज़्यादा समर्थन मूल्य | पंजाब के समृद्ध किसान | आय वाला |
| मेहनती और सस्ते मज़दूरों से ऊँची पारिवारिक आय | पंजाब के समृद्ध किसान | आय वाला |
| भाई जैसी आज़ादी | शहर के अमीर परिवार की लड़की | आय से आगे (स्वतंत्रता) |
| अपने फ़ैसले ख़ुद ले सके | शहर के अमीर परिवार की लड़की | आय से आगे (स्वतंत्रता) |
★एक ही व्यक्ति, जैसे मज़दूर, के लक्ष्यों में दोनों तरह के लक्ष्य हैं। किताब यही कहती है: “इसी तरह, विकास के लिए, लोग मिले-जुले लक्ष्यों को देखते हैं।” (पृष्ठ 6)
2मानव विकास रिपोर्ट देशों की तुलना तीन आधारों पर करती है: शैक्षिक स्तर, स्वास्थ्य स्थिति और प्रति व्यक्ति आय (पृष्ठ 13)। नीचे की तालिका पूरी कीजिए: किताब की तालिकाओं का हर माप इनमें से किस आधार में आता है? 3 अंक
| माप | तालिका | आधार |
|---|---|---|
| प्रतिव्यक्ति आय | ||
| शिशु मृत्यु दर | ||
| साक्षरता दर | ||
| निवल उपस्थिति अनुपात | ||
| प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय | ||
| जन्म के समय संभावित आयु | ||
| स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष |
उत्तर देखिए
| माप | तालिका | आधार |
|---|---|---|
| प्रतिव्यक्ति आय | 1.3 | आय |
| शिशु मृत्यु दर | 1.4 | स्वास्थ्य |
| साक्षरता दर | 1.4 | शिक्षा |
| निवल उपस्थिति अनुपात | 1.4 | शिक्षा |
| प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय | 1.6 | आय |
| जन्म के समय संभावित आयु | 1.6 | स्वास्थ्य |
| स्कूली पढ़ाई के औसत वर्ष | 1.6 | शिक्षा |
★तालिका 1.3 और 1.4 में किताब ने राज्यों को उन्हीं तीन आधारों पर परखा है, जिन पर मानव विकास रिपोर्ट देशों को परखती है। इसलिए केरल और हरियाणा की तुलना, मानव विकास रिपोर्ट की छोटी-सी झलक है।
3नीचे की चीज़ों को बाँटिए: कौन-सी अपनी जेब के पैसे से अकेले ख़रीदी जा सकती है, और कौन-सी सामूहिक रूप से ही अच्छी और सस्ती मिलती है? फिर अपनी ओर से दो उदाहरण और जोड़िए (किताब का सवाल, पृष्ठ 12)। 3 अंक
| चीज़ | किस तरह मिलती है |
|---|---|
| प्रदूषण मुक्त वातावरण | |
| संक्रामक बीमारियों से बचाव | |
| पूरे इलाके की सुरक्षा | |
| गाँव का स्कूल | |
| राशन की दुकानें (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) | |
| अपने लिए एक साइकिल | |
| अपने कपड़े |
उत्तर देखिए
| चीज़ | किस तरह मिलती है |
|---|---|
| प्रदूषण मुक्त वातावरण | सामूहिक रूप से |
| संक्रामक बीमारियों से बचाव | सामूहिक रूप से |
| पूरे इलाके की सुरक्षा | सामूहिक रूप से |
| गाँव का स्कूल | सामूहिक रूप से |
| राशन की दुकानें (सार्वजनिक वितरण प्रणाली) | सामूहिक रूप से |
| अपने लिए एक साइकिल | जेब के पैसे से |
| अपने कपड़े | जेब के पैसे से |
पहली पाँच चीज़ें किताब से हैं (पृष्ठ 11–12); साइकिल और कपड़े हमारे उदाहरण हैं।
★किताब का निष्कर्ष: “वास्तव में जीवन में बहुत सी महत्त्वपूर्ण चीज़ों के लिए सबसे अच्छा और सस्ता तरीका इन वस्तुओं और सेवाओं को सामूहिक रूप से उपलब्ध कराना है।” (पृष्ठ 11)
आपके जोड़े उदाहरण ऐसे हो सकते हैं: गाँव की सड़क, पीने के पानी की पाइपलाइन, गली की बत्तियाँ, सरकारी अस्पताल। हर एक के आगे लिखिए कि हर घर अलग से इसका इंतज़ाम करे, तो कितना महँगा पड़ेगा।
भाग घ — प्रोजेक्ट और गतिविधि
1. विकास पर एक विवाद (किताब के कार्यकलाप पर आधारित, पृष्ठ 7)
किताब के बाँध वाले उदाहरण (पृष्ठ 5) में उद्योगपति ज़्यादा बिजली के लिए ज़्यादा बाँध चाहते हैं, और जिनकी ज़मीन डूबती है, वे सिंचाई के लिए छोटे चैक बाँध या तालाब पसंद कर सकते हैं। अब अपने इलाके या अख़बार और टेलीविज़न से विकास के तरीकों पर कोई एक विवाद चुनिए। लोगों से बात करके अलग-अलग पक्षों के तर्क जुटाइए। दो कॉलम बनाइए, पक्ष और विपक्ष, और हर तर्क के आगे लिखिए कि वह किसने दिया।
2. तीन वक्ता (किताब की परियोजना पर आधारित, पृष्ठ 17)
अपने क्षेत्र के विकास पर बात करने के लिए तीन अलग लोगों को कक्षा में बुलाइए, जिनके लक्ष्य अलग हों, जैसे कोई किसान, कोई मज़दूर और कोई दुकानदार। जो सवाल मन में आएँ, पूछिए। फिर समूहों में चर्चा कीजिए। हर समूह एक दीवार-चार्ट बनाए: एक ओर वे विचार जिनसे समूह सहमत है, दूसरी ओर जिनसे असहमत, हर विचार के आगे कारण।
3. तालिका में अपना राज्य
तालिका 1.3 और 1.4 में हरियाणा, केरल और बिहार के चार माप हैं: प्रतिव्यक्ति आय, शिशु मृत्यु दर, साक्षरता दर और निवल उपस्थिति अनुपात, हर एक का साल भी लिखा है। अपने शिक्षक की मदद से किसी सरकारी रिपोर्ट से राजस्थान के यही चार आँकड़े ढूँढ़िए, और हर आँकड़े के आगे उसका स्रोत और साल लिखिए। फिर तालिका में चौथी पंक्ति जोड़िए और देखिए कि राजस्थान किस माप में किस राज्य के पास है।
4. मोहल्ले का अपना विकास सूचकांक
मानव विकास रिपोर्ट शिक्षा, स्वास्थ्य और आय, तीन आधारों पर तुलना करती है। अपने मोहल्ले या गाँव के लिए ऐसे ही चार-पाँच सवाल बनाइए, जैसे: क्या स्कूल जाने की उम्र का हर बच्चा स्कूल जाता है? पास में स्वास्थ्य केंद्र है? पीने का साफ़ पानी मिलता है? राशन की दुकान ठीक चलती है? दस घरों से पूछिए (किसी का नाम लिखे बिना), और चार्ट पर दिखाइए कि किस बात में मोहल्ला आगे है और किसमें पीछे।
5. पानी का स्तर: बड़ों से बातचीत
किताब बताती है कि 300 ज़िलों में पिछले 20 साल में भूमिगत जल का स्तर 4 मीटर से ज़्यादा गिरा है (पृष्ठ 14)। अपने दादा-दादी या पड़ोस के बुज़ुर्गों से पूछिए: बीस साल पहले कुएँ या हैंडपंप में पानी कितनी गहराई पर मिलता था, और अब कितनी गहराई पर? जवाब एक तालिका में लिखिए, और कक्षा में चर्चा कीजिए कि आपके इलाके में भूमिगत जल का अति-उपयोग हो रहा है या नहीं।
अपना उत्तर ख़ुद जाँचिए
| आपके उत्तर में | तो |
|---|---|
| आँकड़ा तालिका से सही उठाया, उससे निष्कर्ष निकाला, किताब की एक पंक्ति जोड़ी और अपना कारण लिखा | उत्तर पूरा है। |
| आँकड़े सही हैं, पर यह नहीं लिखा कि उनसे क्या पता चलता है | हर आँकड़े के बाद “इससे पता चलता है कि…” वाली एक पंक्ति जोड़िए। |
| औसत बराबर देखकर दोनों देशों को बराबर विकसित मान लिया, या आय ज़्यादा देखकर राज्य को हर बात में आगे मान लिया | केस 1 और केस 2 फिर से देखिए। |
| ! यह मान लिया कि मानव विकास सूचकांक का क्रमांक जितना बड़ा, स्थिति उतनी अच्छी | क्रमांक जितना छोटा, स्थिति उतनी अच्छी: श्रीलंका 89, भारत 130। केस 3 फिर से पढ़िए; इस अध्याय में यह आम ग़लती है। |