अध्याय 5लोकतंत्र के परिणाम

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सेट 1 — बुनियाद (कार्ड 1–12)

#प्रश्नउत्तर
★★1लोकतंत्र अपने आप क्या हासिल कर सकता है?“लोकतंत्र शासन का एक स्वरूप भर है — स्थितियाँ वह बनाता है, लक्ष्य नागरिकों को हासिल करने होते हैं”
2“जादू की छड़ी” वाला वाक्य?“लोकतंत्र हमारी सभी सामाजिक बुराइयों को मिटा देने वाली जादू की छड़ी भी नहीं है”
3पाँच उम्मीदों का सूत्र?“समानता · गरिमा · फ़ैसले · टकराव · गलती-सुधार”
4अध्याय की दुविधा?“सैद्धांतिक रूप में अच्छा — पर व्यवहार में इतना अच्छा नहीं माना जाता”
5कितने देश लोकतांत्रिक होने का दावा करते हैं?सौ देश
6लोकतंत्र का दावा करने वाले देशों में साझा औपचारिक तत्व?संविधान · चुनाव · दल · बुनियादी अधिकारों की गारंटी
7पाँच खाते (तुलन-पत्र)?शासन · संवृद्धि · असमानता · सामंजस्य · गरिमा
8लोकतंत्र की सबसे बड़ी चिंता?“लोगों का अपना शासक चुनने का अधिकार और शासकों पर नियंत्रण बरकरार रहे”
9लोगों का नियंत्रण परखने के तीन पैमाने?चुनाव · सार्वजनिक चर्चा · सूचना का अधिकार
10चुनावों के मामले में लोकतंत्रों का record?नियमित-निष्पक्ष ✓ — पर “सबको अवसर” ✘
11नागरिकों से सूचना साझा करने में लोकतंत्रों का record?! “खराब”
12भ्रष्टाचार पर संतुलन-वाक्य?“गैर-लोकतांत्रिक सरकारें कम भ्रष्ट… हैं — यह कहने का कोई आधार नहीं”

सेट 2 — शासन और वैधता (कार्ड 13–24)

#प्रश्नउत्तर
13गैर-लोकतांत्रिक सरकारें तेज़ क्यों?न विधायिका का सामना, न बहुमत-अल्पमत का ख़याल, न मोल-तोल
14तेज़ फ़ैसले की कमज़ोरी?“ऐसा फ़ैसला भी हो सकता है जिसे लोग स्वीकार न करें”
★15“वक्त बेकार नहीं जाता” — क्यों?“पूरी प्रक्रिया को माना है इसलिए… लोग फ़ैसलों को मानेंगे और वे ज़्यादा प्रभावी होंगे”
★16पारदर्शिता?जाँचने का “अधिकार + साधन” कि फ़ैसलों में नियमों का पालन हुआ या नहीं
17पारदर्शिता कहाँ नहीं होती?“अक्सर गैर-लोकतांत्रिक सरकारों में”
★★18लोकतंत्र किस मामले में निश्चित विजेता?वैधता — “यह वैध शासन व्यवस्था है… लोगों की अपनी शासन व्यवस्था”
19वैधता के बावजूद क्या हो सकता है?“सुस्त हो सकती है, कम कार्य-कुशल… भ्रष्टाचार हो सकता है”
20“लोकतंत्र बेहतर” — भारत/श्रीलंका?70 / 71
21“लोकतंत्र बेहतर” — बांग्लादेश/नेपाल?69 / 62
! 22“लोकतंत्र बेहतर” वाली सूची में अपवाद देश?पाकिस्तान — 37 (“पाकिस्तान को छोड़कर हर जगह वरीयता”)
★23लोकतंत्र के लिए समर्थन पैदा करने की क्षमता क्या है?“अपने लिए समर्थन पैदा करने की लोकतंत्र की क्षमता भी लोकतंत्र का एक परिणाम ही है”
24“वैध” का यहाँ अर्थ?“जनता की नज़र में जायज़” — क़ानूनी नहीं

सेट 3 — संवृद्धि और असमानता (कार्ड 25–37)

#प्रश्नउत्तर
★261950–2000 की संवृद्धि दर — सभी लोकतंत्र / सभी तानाशाहियाँ?3.95 / 4.42
★★27गरीब देशों में संवृद्धि दर — लोकतंत्र बनाम तानाशाही?लोकतंत्र 4.28 / तानाशाही 4.34 — “अंतर लगभग समाप्त”
28विकास के चार कारक?जनसंख्या का आकार · वैश्विक स्थिति · अन्य देशों से सहयोग · आर्थिक प्राथमिकताएँ
29संवृद्धि पर अंतिम फ़ैसला?“लोकतांत्रिक व्यवस्था का चुनाव ही बेहतर — इसके अन्य अनेक सकारात्मक फ़ायदे हैं”
30लोकतंत्र किस समानता पर आधारित?राजनीतिक समानता — “हर व्यक्ति का वज़न बराबर”
31राजनीतिक समानता के साथ-साथ लोकतंत्र में क्या बढ़ता है?आर्थिक असमानताएँ
★32द.अफ्रीका — राष्ट्रीय आय में ऊपर/नीचे के 20% का हिस्सा?64.8 / 2.9
33ब्राज़ील — राष्ट्रीय आय में ऊपर/नीचे के 20% का हिस्सा?63.0 / 2.6
34अमरीका — राष्ट्रीय आय में ऊपर/नीचे के 20% का हिस्सा?50.0 / 4.0
★35आय की बराबरी में सबसे बेहतर दो देश?डेनमार्क (34.5/9.6) · हंगरी (34.4/10.0)
★36आर्थिक असमानता कम करने में लोकतंत्र कितना सफल रहा?“आर्थिक असमानताओं को कम करने में ज़्यादा सफल नहीं हो पाई हैं”
37गरीब वोटर वाला विरोधाभास?“कोई पार्टी उनके मतों से हाथ धोना नहीं चाहेगी। फिर भी… गरीबी पर उतना ध्यान नहीं”
38बांग्लादेश में गरीबी की स्थिति?“आधी से ज़्यादा आबादी गरीबी में”

सेट 4 — सामंजस्य और गरिमा (कार्ड 38–49)

#प्रश्नउत्तर
39क्या टकराव पूरी तरह ख़त्म हो सकते हैं?नहीं — पर “आदर करना सीख सकते हैं” और बातचीत से सामंजस्य
★40टकराव सुलझाकर सामंजस्य बनाने के लिए सबसे अच्छा कौन?“इस काम के लिए लोकतंत्र सबसे अच्छा है”
41गैर-लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ क्या करती हैं?“आँखें फेर लेती हैं या दबाने की कोशिश करती हैं”
42सामंजस्य का किताबी उदाहरण?बेल्जियम (अध्याय 1); चेतावनी — श्रीलंका
★43लोकतंत्र में सामंजस्य की पहली शर्त?“बहुमत को सदा ही अल्पमत का ध्यान रखना होता है”
★★44लोकतंत्र में सामंजस्य की दूसरी शर्त?“बहुमत का शासन ≠ धर्म, नस्ल अथवा भाषायी आधार के समूह का शासन”
★★45लोकतंत्र कब तक लोकतंत्र रहता है?“जब तक प्रत्येक नागरिक को किसी न किसी अवसर पर बहुमत का हिस्सा बनने का मौका मिलता है”
46लोकतंत्र समावेशी कब नहीं रहता?जब किसी को जन्म के आधार पर बहुसंख्यक का हिस्सा बनने से रोका जाए
★★47गरिमा में लोकतंत्र की स्थिति?“किसी भी अन्य शासन प्रणाली से काफ़ी आगे”
48लोकतंत्र का आधार?“गरिमा और आज़ादी की चाह”
49स्त्रियों की गरिमा — क्या बदला?सिद्धांत में स्वीकृति से संघर्ष “वैधानिक और नैतिक रूप से आसान”; अलोकतांत्रिक व्यवस्था में संभव न था
50जातिगत भेदभाव की स्थिति?उदाहरण मिलते हैं — “पर इनके पक्ष में कानूनी या नैतिक बल नहीं होता”

सेट 5 — निष्कर्ष और नन्नू (कार्ड 50–59)

#प्रश्नउत्तर
★51लोकतंत्र की खासियत?“इसकी जाँच-परख और परीक्षा कभी खत्म नहीं होती”
★★52लोकतंत्र में शिकायतों के बने रहने के बारे में क्या कहा गया है?“शिकायतों का बने रहना भी लोकतंत्र की सफलता की गवाही देता है”
★★53असंतोष जताना किसकी गवाही?“लोगों के प्रजा से नागरिक बनने की गवाही”
54“वोट का असर” — भारत/नेपाल/द.एशिया?67 / 75 / 65
55नन्नू कौन?पूर्वी दिल्ली की झुग्गी बस्ती का दिहाड़ी मजदूर
56नन्नू की समस्या?राशन कार्ड गुम; डुप्लीकेट की अर्ज़ी (जनवरी 2006) पर तीन महीने सुनवाई नहीं
★57नन्नू ने RTI से क्या माँगा?अर्ज़ी की दैनिक प्रगति · अधिकारियों के नाम · काम न होने पर कार्रवाई का ब्यौरा
★58नन्नू की RTI अर्ज़ी का नतीजा?हफ़्ते भर में इंस्पेक्टर घर आया; अगले दिन बड़े अधिकारी की चाय और आग्रह — “आवेदन वापस ले लें”
59नन्नू का सबक़?पारदर्शिता के साधन काम करते हैं — दिहाड़ी मजदूर भी व्यवस्था झुका सकता है
★★60पूरे अध्याय का सार?“प्रजा चुप रहती है — नागरिक सवाल पूछता है।”

अंतिम पाँच मिनट — यही दोहराइए

तुलन-पत्र — शासन: वैधता में विजेता · संवृद्धि: गरीब देशों में बराबर (4.28/4.34) · असमानता: “ज़्यादा सफल नहीं” · सामंजस्य: “सबसे अच्छा” (दो शर्तों से) · गरिमा: “काफ़ी आगे” छह अंक — 3.95 · 4.42 · 64.8/2.9 · 70 (भारत) · 37 (पाकिस्तान) · 67 (वोट का असर) दो शर्तें — अल्पमत का ध्यान · बहुमत ≠ जन्म-आधारित समूह और तीन वाक्य — “शासन का एक स्वरूप भर” · “वक्त बेकार नहीं जाता” · ★★“शिकायतों का बने रहना भी सफलता की गवाही”