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इस अध्याय के लिए विशेष सलाह। यह अर्थव्यवस्था का अध्याय है, इसलिए समूह 13 में केवल आँकड़ों के कार्ड अलग से दिए गए हैं। पहले बाक़ी सब कर लीजिए, फिर आख़िरी दिन केवल समूह 13 दोहराइए।
समूह 1 — आधुनिक युग से पहले (कार्ड 1–12)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 1 | लोग वैश्वीकरण के बारे में आमतौर पर क्या ग़लत समझते हैं? | कि यह पिछले लगभग पचास सालों में ही सामने आई आर्थिक व्यवस्था है, जबकि इसका एक लंबा इतिहास रहा है |
| 2 | 3,000 ईसा पूर्व में सिंधु घाटी की सभ्यता किससे जुड़ी हुई थी? | समुद्री तटों के व्यापार के माध्यम से पश्चिमी एशिया से |
| 3 | मालदीव की कौड़ियाँ कहाँ तक पहुँचती थीं और किस काम आती थीं? | चीन और पूर्वी अफ़्रीका तक; इन्हें पैसे या मुद्रा के रूप में इस्तेमाल किया जाता था |
| 4 | बीमारी फैलाने वाले कीटाणुओं का इतिहास कब तक ढूँढा जा सकता है? | सातवीं सदी तक; तेरहवीं सदी के बाद तो इनका प्रसार साफ़ देखा जा सकता है |
| 5 | यात्री अपने साथ केवल सामान ही नहीं, और क्या ले जाते थे? | पैसा, मूल्य-मान्यताएँ, हुनर, विचार, आविष्कार और यहाँ तक कि कीटाणु व बीमारियाँ भी |
| 6 | ‘सिल्क मार्ग’ नाम कैसे पड़ा? | इस मार्ग से पश्चिम को भेजे जाने वाले चीनी रेशम (सिल्क) के महत्त्व के कारण |
| 7 | सिल्क मार्ग कब से कब तक अस्तित्व में रहे? | ईसा पूर्व के समय से लगभग पंद्रहवीं शताब्दी तक |
| 8 | सिल्क मार्ग किन-किन क्षेत्रों को जोड़ते थे? | एशिया के विशाल क्षेत्रों को आपस में, और एशिया को यूरोप व उत्तरी अफ़्रीका से |
| 9 | सिल्क मार्ग से पश्चिम को क्या जाता था? | चीनी पॉटरी, तथा भारत व दक्षिण-पूर्व एशिया के कपड़े और मसाले |
| 10 | सिल्क मार्ग से वापसी में पूरब को क्या आता था? | सोने-चाँदी जैसी क़ीमती धातुएँ |
| 11 | सिल्क मार्ग से कौन-कौन से धर्म फैले? | ईसाई मिशनरी इसी मार्ग से एशिया आए, कुछ सदी बाद मुस्लिम धर्मोपदेशक भी फैले, और इससे भी पहले बौद्ध धर्म कई दिशाओं में फैल चुका था |
| 12 | बौद्ध धर्म कहाँ उपजा था? | पूर्वी भारत में |
समूह 2 — भोजन की यात्रा (कार्ड 13–22)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 13 | नयी फ़सलें एक देश से दूसरे देश कैसे पहुँचती थीं? | जब भी व्यापारी और मुसाफ़िर किसी नए देश में जाते थे, जाने-अनजाने वहाँ नयी फ़सलों के बीज बो आते थे |
| 14 | स्पैघेत्ती का जन्म कैसे हुआ माना जाता है? | माना जाता है कि नूडल्स चीन से पश्चिम में पहुँचे और वहीं से स्पैघेत्ती का जन्म हुआ |
| 15 | पास्ता के जन्म की दूसरी संभावना क्या है? | कि पास्ता अरब यात्रियों के साथ पाँचवीं सदी में सिसली पहुँचा, जो अब इटली का एक टापू है |
| 16 | कौन-सी फ़सलें पाँच सौ साल पहले हमारे पूर्वजों के पास नहीं थीं? | आलू, सोया, मूँगफली, मक्का, टमाटर, मिर्च और शकरकंद |
| 17 | आलू, टमाटर जैसी नयी फ़सलें यूरोप और एशिया में कैसे पहुँचीं? | जब क्रिस्टोफ़र कोलंबस ग़लती से उन अज्ञात महाद्वीपों में पहुँच गया जिन्हें बाद में अमेरिका कहा गया |
| 18 | नयी फ़सलों के यूरोप-एशिया पहुँचने की कहानी में ‘अमेरिका’ से क्या आशय है? | उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और कैरीबियन द्वीपसमूह, सभी |
| 19 | आलू, मक्का, टमाटर जैसे खाद्य पदार्थ मूल रूप से किनसे मिले? | अमेरिका के मूल निवासियों यानी अमेरिकन इंडियनों से |
| 20 | आलू ने यूरोप के ग़रीबों की ज़िंदगी कैसे बदली? | उनका भोजन बेहतर हो गया और उनकी औसत उम्र बढ़ने लगी |
| 21 | आयरलैंड में आलू की फ़सल ख़राब होने पर क्या हुआ? | 1840 के दशक के मध्य में बीमारी से फ़सल ख़राब हुई तो लाखों लोग भुखमरी से मौत के मुँह में चले गए |
| 22 | आयरिश आलू अकाल कब पड़ा और उसमें कितने मरे? | 1845 से 1849 के बीच; लगभग 10,00,000 लोग मारे गए और इससे दोगुने लोग घर-बार छोड़कर चले गए |
समूह 3 — विजय, बीमारी और व्यापार (कार्ड 23–35)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 23 | सोलहवीं सदी में दुनिया ‘छोटी’ कैसे दिखने लगी? | जब यूरोपीय जहाज़ियों ने एशिया तक का समुद्री रास्ता ढूँढ़ लिया और वे पश्चिमी सागर पार करते हुए अमेरिका तक जा पहुँचे |
| 24 | हिंद महासागर के व्यापार में भारत का क्या स्थान था? | भारतीय उपमहाद्वीप इन प्रवाहों के रास्ते में एक अहम बिंदु था; पूरे नेटवर्क में इस इलाक़े का भारी महत्त्व था |
| 25 | यूरोपीयों के आने से क्या बदला? | आवाजाही और बढ़ने लगी और इन प्रवाहों की दिशा यूरोप की तरफ़ भी मुड़ने लगी |
| 26 | अमेरिका की किस धातु ने यूरोप की संपदा बढ़ाई? | पेरू और मैक्सिको की खानों से निकलने वाली चाँदी |
| 27 | ‘एल डोराडो’ क्या था? | दक्षिणी अमेरिका में सोने के शहर की वह किंवदंती, जिसकी खोज में बहुत सारे खोजी अभियान शुरू किए गए |
| 28 | स्पेनिश विजेताओं का सबसे शक्तिशाली हथियार क्या था? | चेचक जैसे कीटाणु, न कि कोई परंपरागत सैनिक हथियार |
| 29 | अमेरिका के लोग चेचक से क्यों नहीं बच पाए? | लाखों साल से दुनिया से अलग-थलग रहने के कारण उनके शरीर में रोग-प्रतिरोधी क्षमता नहीं थी |
| 30 | चेचक ने अमेरिका में क्या किया? | यह पूरे महाद्वीप में फैल गई और इसने पूरे के पूरे समुदायों को ख़त्म कर डाला |
| 31 | चेचक बंदूक़ से भी ज़्यादा ख़तरनाक क्यों थी? | बंदूक़ को तो ख़रीद या छीन कर हमलावरों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किया जा सकता था, पर चेचक के मामले में नहीं — क्योंकि हमलावरों के पास बचाव भी था और प्रतिरोधी क्षमता भी |
| 32 | मैसाचुसेट्स बे के पहले गवर्नर जॉन विनथॉर्प ने चेचक के बारे में क्या लिखा था? | कि छोटी चेचक उपनिवेशकारों के लिए ईश्वर का वरदान है — “इस तरह परमेश्वर ने हमारी मिल्कीयत पर हमें मालिकाना दे दिया” |
| 33 | उन्नीसवीं सदी तक यूरोप की क्या हालत थी? | वहाँ ग़रीबी और भूख का ही साम्राज्य था; शहरों में बेहिसाब भीड़ थी और बीमारियों का बोलबाला था |
| 34 | लोग यूरोप से क्यों भागने लगे? | धार्मिक टकराव आम थे और धार्मिक असंतुष्टों को कड़ा दंड दिया जाता था, इसलिए हज़ारों लोग भागकर अमेरिका जाने लगे |
| 35 | विश्व व्यापार का केंद्र यूरोप कैसे बन गया? | पंद्रहवीं सदी से चीन दुनिया से अलग-थलग पड़ने लगा; चीन की घटती भूमिका और अमेरिका के बढ़ते महत्त्व के चलते व्यापार का केंद्र पश्चिम की ओर खिसक गया |
समूह 4 — तीन प्रवाह और विश्व अर्थव्यवस्था (कार्ड 36–49)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 36 | अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन प्रवाह कौन-से हैं? | व्यापार का प्रवाह, श्रम का प्रवाह और पूँजी का प्रवाह |
| 37 | व्यापार का प्रवाह क्या है? | यह मुख्य रूप से वस्तुओं (जैसे कपड़ा या गेहूँ) के व्यापार तक ही सीमित था |
| 38 | श्रम का प्रवाह क्या है? | इसमें लोग काम या रोज़गार की तलाश में एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं |
| 39 | पूँजी का प्रवाह क्या है? | इसे अल्प या दीर्घ अवधि के लिए दूर-दराज़ के इलाक़ों में निवेश कर दिया जाता है |
| 40 | तीनों प्रवाहों में किस पर सबसे ज़्यादा बंदिशें थीं? | श्रम के प्रवाह पर — वस्तुओं या पूँजी के मुक़ाबले श्रमिकों की आवाजाही पर प्राय: ज़्यादा शर्तें और बंदिशें लगाई जाती थीं |
| 41 | ‘कॉर्न लॉ’ क्या था? | वे ब्रिटिश क़ानून जिनके सहारे सरकार ने मक्का के आयात पर पाबंदी लगा दी थी |
| 42 | कॉर्न लॉ क्यों बनाया गया था? | बड़े भूस्वामियों के दबाव में, क्योंकि आबादी बढ़ने से कृषि उत्पाद महँगे होने लगे थे |
| 43 | कॉर्न लॉ किसने हटवाया? | खाद्य पदार्थों की ऊँची क़ीमतों से परेशान उद्योगपतियों और शहरी बाशिंदों ने सरकार को मजबूर कर दिया |
| 44 | कॉर्न लॉ हटने का ब्रिटिश किसानों पर क्या असर पड़ा? | वे आयातित माल की क़ीमत का मुक़ाबला नहीं कर सके; विशाल भूभागों पर खेती बंद हो गई और हज़ारों लोग बेरोज़गार हो गए |
| 45 | कॉर्न लॉ हटने से बेरोज़गार हुए लोग कहाँ गए? | गाँवों से उजड़ कर वे या तो शहरों में या दूसरे देशों में जाने लगे |
| 46 | ब्रिटेन का पेट भरने के लिए कहाँ-कहाँ खेती होने लगी? | पूर्वी यूरोप, रूस, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया — दुनिया के हर हिस्से में |
| 47 | खेतिहर इलाक़ों को बंदरगाहों से जोड़ने के लिए क्या ज़रूरी था? | रेलवे बिछाना, नयी गोदियाँ बनाना और पुरानी गोदियों को फैलाना |
| 48 | पंजाब की ‘नहर बस्ती’ क्या थी? | नहरों की सिंचाई वाले इलाक़ों में बसाई गई बस्तियाँ, जिन्हें केनाल कॉलोनी कहा जाता था |
| 49 | ब्रिटिश सरकार ने पंजाब में नहरें क्यों बनवाईं? | अर्द्ध-रेगिस्तानी परती ज़मीनों को उपजाऊ बनाने के लिए, ताकि निर्यात के लिए गेहूँ और कपास की खेती की जा सके |
समूह 5 — तकनीक और मांस का व्यापार (कार्ड 50–59)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 50 | उन्नीसवीं सदी के तीन प्रमुख तकनीकी बदलाव कौन-से थे? | रेलवे, भाप के जहाज़ और टेलिग्राफ़ |
| 51 | तकनीकी प्रगति अकसर किन चीज़ों का परिणाम होती है? | कि तकनीकी प्रगति अकसर चौतरफ़ा सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक कारकों का परिणाम भी होती है |
| 52 | औपनिवेशीकरण से परिवहन में क्या सुधार हुए? | तेज़ चलने वाली रेलगाड़ियाँ बनीं, बोगियों का भार कम किया गया और जलपोतों का आकार बढ़ा |
| 53 | 1870 के दशक तक मांस कैसे भेजा जाता था? | केवल जिंदा जानवर ही भेजे जाते थे जिन्हें यूरोप ले जाकर काटा जाता था |
| 54 | जिंदा जानवर भेजने में क्या समस्याएँ थीं? | वे बहुत जगह घेरते थे, बहुत सारे सफ़र में मर जाते या बीमार पड़ जाते थे, और बहुतों का वज़न गिर जाता था |
| 55 | जिंदा जानवर भेजने का नतीजा क्या था? | मांस खाना एक महँगा सौदा था और यूरोप के ग़रीबों की पहुँच से बाहर था |
| 56 | मांस की महँगाई की यह स्थिति किस तकनीक ने बदली? | पानी के जहाज़ों में रेफ़्रिजरेशन की तकनीक |
| 57 | रेफ़्रिजरेशन के बाद क्या हुआ? | जानवरों को यात्रा से पहले ही मारा जाने लगा और अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया या न्यूज़ीलैंड से जानवरों की बजाय उनका मांस ही यूरोप भेजा जाने लगा |
| 58 | यूरोप के ग़रीबों के भोजन में क्या बदलाव आया? | पहले उनके पास सिर्फ़ आलू और ब्रेड होते थे; अब भोजन में मांसाहार, मक्खन और अंडे भी शामिल हो गए |
| 59 | बेहतर भोजन का राजनीति पर क्या असर पड़ा? | जीवनस्थिति सुधरी तो देश में शांति स्थापित होने लगी और दूसरे देशों में साम्राज्यवादी मंसूबों को समर्थन मिलने लगा |
समूह 6 — उपनिवेशवाद और अफ़्रीका (कार्ड 60–73)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 60 | उन्नीसवीं सदी के आख़िर के ‘स्याह पक्ष’ का क्या अर्थ है? | कि दुनिया के बहुत सारे भागों में स्वतंत्रता और आजीविका के साधन छिनने लगे |
| 61 | अफ़्रीका के कुछ देशों की सीमाएँ सीधी लकीर जैसी क्यों हैं? | क्योंकि प्रतिद्वंद्वी यूरोपीय ताक़तों ने अपने-अपने इलाक़े बाँटने के लिए लकीरें खींचने का ही सहारा लिया था |
| 62 | अफ़्रीका को बाँटने वाली बैठक कब और कहाँ हुई? | 1885 में बर्लिन में |
| 63 | कौन-से नए देश औपनिवेशिक ताक़त बने? | बेल्जियम और जर्मनी; और 1890 के दशक के आख़िरी वर्षों में संयुक्त राज्य अमेरिका भी |
| 64 | सर हेनरी मॉर्टन स्टैनली कौन थे? | एक पत्रकार और खोजी, जिन्हें न्यूयॉर्क हैरल्ड ने मिशनरी लिविंग्स्टन की खोज के लिए अफ़्रीका भेजा था |
| 65 | स्टैनली ने अफ़्रीका में क्या किया? | स्थानीय शिकारियों, योद्धाओं और मज़दूरों को इकट्ठा किया, क़बीलों से लड़ाइयाँ लड़ीं और विभिन्न इलाक़ों के नक़्शे बनाए |
| 66 | भौगोलिक अन्वेषणों का असली मक़सद क्या था? | वे केवल वैज्ञानिक जानकारी की इच्छा से प्रेरित नहीं होते थे; उनका साम्राज्यवादी योजनाओं से सीधा संबंध होता था |
| 67 | अफ़्रीका में ज़मीन और आबादी की क्या स्थिति थी? | ज़मीन की कभी कोई कमी नहीं रही जबकि वहाँ की आबादी बहुत कम थी |
| 68 | अफ़्रीकी लोग वेतन पर काम क्यों नहीं करना चाहते थे? | क्योंकि उनकी ज़िंदगी ज़मीन और पालतू पशुओं के सहारे चलती थी और वहाँ पैसे या वेतन पर काम करने का चलन नहीं था |
| 69 | यूरोपीयों ने मज़दूर पाने के लिए पहला हथकंडा क्या अपनाया? | भारी भरकम कर लाद दिए, जिनका भुगतान केवल तभी किया जा सकता था जब करदाता बागानों या खदानों में काम करता हो |
| 70 | उत्तराधिकार क़ानून कैसे बदले गए? | अब परिवार के केवल एक ही सदस्य को पैतृक संपत्ति मिलेगी, ताकि बाक़ी लोगों को श्रम बाज़ार में ढकेला जा सके |
| 71 | खानकर्मियों के साथ क्या किया गया? | उन्हें बाड़ों में बंद कर दिया गया और उनके खुलेआम घूमने-फिरने पर पाबंदी लगा दी गई |
| 72 | अफ़्रीका में ट्रांसवाल किसलिए मशहूर था? | सोने की खदानों के लिए; 1890 के दशक तक दुनिया भर के सोना उत्पादन में अफ़्रीका का हिस्सा 20 प्रतिशत से भी ऊपर जा चुका था |
| 73 | यूरोपीय ताक़तें अफ़्रीका की ओर क्यों आकर्षित हुईं? | उसके विशाल भूक्षेत्र और खनिज भंडारों को देखकर |
समूह 7 — रिंडरपेस्ट (कार्ड 74–81)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 74 | रिंडरपेस्ट क्या है? | मवेशियों में प्लेग की तरह तेज़ी से फैलने वाली एक विनाशकारी पशु बीमारी |
| 75 | रिंडरपेस्ट अफ़्रीका में कब पहली बार दिखाई दी? | 1880 के दशक के आख़िरी सालों में |
| 76 | रिंडरपेस्ट अफ़्रीका कैसे पहुँची? | एरिट्रिया पर हमला कर रहे इतालवी सैनिकों का पेट भरने के लिए एशियाई देशों से लाए गए जानवरों के ज़रिये |
| 77 | अफ़्रीका में रिंडरपेस्ट कैसे फैली? | अफ़्रीका के पूर्वी हिस्से से ‘जंगल की आग’ की तरह पश्चिमी अफ़्रीका की तरफ़ बढ़ने लगी |
| 78 | रिंडरपेस्ट अटलांटिक तट और केप तक कब पहुँची? | 1892 में अटलांटिक तट तक, और पाँच साल बाद केप तक |
| 79 | रिंडरपेस्ट ने कितने मवेशी मारे? | अपने रास्ते में आने वाले 90 प्रतिशत मवेशियों को |
| 80 | रिंडरपेस्ट से अफ़्रीकियों पर क्या असर पड़ा? | पशुओं के ख़त्म हो जाने से उनके रोज़ी-रोटी के साधन ही ख़त्म हो गए |
| 81 | औपनिवेशिक सरकारों ने रिंडरपेस्ट का क्या फ़ायदा उठाया? | उन्होंने बचे-खुचे पशु भी अपने क़ब्ज़े में ले लिए, जिससे उन्हें पूरे अफ़्रीका को जीतने व ग़ुलाम बना लेने का बेहतरीन मौक़ा मिल गया |
समूह 8 — गिरमिटिया मज़दूर (कार्ड 82–99)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 82 | गिरमिटिया मज़दूरों के अनुबंध में मुख्य शर्त क्या होती थी? | कि यदि मज़दूर अपने मालिक के बागानों में पाँच साल काम कर लेंगे तो वे स्वदेश लौट सकते हैं |
| 83 | उन्नीसवीं सदी की दुनिया कैसी थी? | तेज़ आर्थिक वृद्धि के साथ-साथ जनता के कष्टों में वृद्धि, कुछ लोगों की आय में वृद्धि और दूसरों के लिए बेहिसाब ग़रीबी की दुनिया |
| 84 | भारतीय अनुबंधित श्रमिक कहाँ से जाते थे? | मौजूदा पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य भारत और तमिलनाडु के सूखे इलाक़ों से |
| 85 | भारतीय अनुबंधित श्रमिकों के इलाक़ों में क्या बदलाव आ रहे थे? | कुटीर उद्योग ख़त्म हो रहे थे, ज़मीन का भाड़ा बढ़ गया था और खानों व बागानों के लिए ज़मीनें साफ़ की जा रही थीं |
| 86 | अनुबंधित श्रमिक बनने वाले लोग क़र्ज़ में क्यों डूब गए? | वे बँटाई पर ज़मीन तो ले लेते थे लेकिन उसका भाड़ा नहीं चुका पाते थे |
| 87 | भारतीय अनुबंधित श्रमिकों को मुख्यत: कहाँ ले जाया जाता था? | कैरीबियाई द्वीप समूह — मुख्यत: त्रिनिदाद, गुयाना और सूरीनाम — तथा मॉरिशस व फ़िजी |
| 88 | तमिल आप्रवासी कहाँ जाते थे? | सीलोन और मलाया |
| 89 | भारत के भीतर अनुबंधित श्रमिकों को कहाँ ले जाया जाता था? | असम के चाय बागानों में |
| 90 | अनुबंधित श्रमिकों की भर्ती का काम कौन करता था? | मालिकों के एजेंट, जिन्हें कमीशन मिलता था |
| 91 | एजेंट क्या झूठ बोलते थे? | कहाँ जाना है, यात्रा के साधन क्या होंगे, क्या काम करना होगा और वहाँ के हालात कैसे होंगे — इस बारे में सही जानकारी नहीं दी जाती थी |
| 92 | एजेंटों का सबसे बड़ा झूठ क्या था? | बहुत सारे आप्रवासियों को तो यह भी नहीं बताया जाता था कि उन्हें लंबी समुद्री यात्रा पर जाना है |
| 93 | अगर कोई अनुबंध पर जाने को राजी न हो तो एजेंट क्या करते थे? | एजेंट उसका अपहरण तक कर लेते थे |
| 94 | गिरमिटिया अनुबंध की व्यवस्था को क्या नाम दिया गया? | ‘नयी दास प्रथा’ |
| 95 | बागानों में पहुँचने के बाद अनुबंधित मज़दूरों के हालात कैसे थे? | जीवन एवं कार्य स्थितियाँ कठोर थीं और मज़दूरों के पास क़ानूनी अधिकार कहने भर को भी नहीं थे |
| 96 | भागने वाले मज़दूरों के साथ क्या होता था? | वे जंगलों में चले जाते थे; पकड़े जाने पर उन्हें भारी सज़ा दी जाती थी |
| 97 | ‘होसे’ क्या है? | त्रिनिदाद में मुहर्रम के सालाना जुलूस को दिया गया विशाल उत्सवी मेले का रूप, जिसका नाम इमाम हुसैन के नाम पर पड़ा; इसमें सभी धर्मों व नस्लों के मज़दूर हिस्सा लेते थे |
| 98 | रास्ताफ़ारियानवाद को ख्याति किसने दिलाई? | जमैका के रैगे गायक बॉब मार्ले ने |
| 99 | ‘चटनी म्यूज़िक’ कहाँ का है? | त्रिनिदाद और गुयाना का; यह भारतीय आप्रवासियों के वहाँ पहुँचने के बाद सामने आई रचनात्मक अभिव्यक्तियों का उदाहरण है |
समूह 9 — भारतीय व्यापार और उद्यमी (कार्ड 100–113)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 100 | अनुबंध प्रथा कब और क्यों ख़त्म हुई? | 1921 में, राष्ट्रवादी नेताओं के दबाव के कारण, जो इसे अपमानजनक और क्रूर व्यवस्था मानते थे |
| 101 | अनुबंध ख़त्म होने के बाद भी उनके वंशजों की क्या स्थिति रही? | वे कैरीबियाई द्वीप समूह में बेचैन अल्पसंख्यकों का जीवन जीते रहे; वहाँ के लोग उन्हें ‘कुली’ मानते थे |
| 102 | वी. एस. नायपॉल कौन हैं? | नोबेल पुरस्कार विजेता साहित्यकार और अनुबंधित मज़दूरों के वंशज |
| 103 | कौन-से दो क्रिकेट खिलाड़ी इन मज़दूरों के वंशज हैं? | शिवनरैन चंद्रपॉल और रामनरेश सरवन |
| 104 | शिकारीपुरी श्रॉफ़ और नट्टूकोट्टई चेट्टियार कौन थे? | वे बैंकर और व्यापारी थे जो मध्य एवं दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यातोन्मुखी खेती के लिए क़र्ज़े देते थे |
| 105 | हैदराबादी सिंधी व्यापारियों ने क्या किया? | 1860 के दशक से दुनिया भर के बंदरगाहों पर अपने बड़े-बड़े एम्पोरियम खोल दिए |
| 106 | हैदराबादी सिंधी व्यापारियों का कारोबार क्यों फल-फूल रहा था? | क्योंकि सुरक्षित और आरामदेह जलपोतों के आ जाने से सैलानियों की संख्या दिनोंदिन बढ़ने लगी थी |
| 107 | भारतीय कपड़ा उद्योग का पतन कैसे शुरू हुआ? | ब्रिटेन में आयातित कपड़ों पर सीमा शुल्क थोप दिए गए, जिससे वहाँ महीन भारतीय कपास का आयात कम होने लगा |
| 108 | निर्यात में सूती कपड़े का हिस्सा कैसे घटा? | 1800 के आसपास 30 प्रतिशत, 1815 में 15 प्रतिशत और 1870 तक केवल 3 प्रतिशत |
| 109 | कच्चे कपास का निर्यात कैसे बढ़ा? | 1812 से 1871 के बीच 5 प्रतिशत से बढ़कर 35 प्रतिशत |
| 110 | नील का क्या इस्तेमाल था? | कपड़ों की रँगाई के लिए; इसका भी कई दशक तक बड़े पैमाने पर निर्यात होता रहा |
| 111 | अफ़ीम का त्रिकोणीय व्यापार क्या था? | ब्रिटेन भारत में अफ़ीम की खेती करवाता था और उसे चीन को निर्यात कर देता था; उससे मिले पैसे से चीन से ही चाय और दूसरे पदार्थों का आयात किया जाता था |
| 112 | ‘व्यापार अधिशेष’ का क्या अर्थ है? | कि आपसी व्यापार में हमेशा ब्रिटेन को ही फ़ायदा रहता था |
| 113 | ‘होम चार्जेज’ में क्या शामिल था? | ब्रितानी अफ़सरों और व्यापारियों द्वारा घर भेजी गई निजी रकम, भारतीय बाहरी क़र्ज़ों पर ब्याज और ब्रितानी अफ़सरों की पेंशन |
समूह 10 — महायुद्ध, फ़ोर्ड और महामंदी (कार्ड 114–133)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 114 | पहले विश्वयुद्ध में मित्र राष्ट्र कौन थे? | ब्रिटेन, फ़्रांस और रूस |
| 115 | केंद्रीय शक्तियाँ कौन थीं? | जर्मनी, ऑस्ट्रिया-हंगरी और ऑटोमन तुर्की |
| 116 | युद्ध कब शुरू हुआ और सरकारों को क्या लगता था? | अगस्त 1914 में; उन्हें लगता था कि यह क्रिसमस तक ख़त्म हो जाएगा, पर यह चार साल से भी ज़्यादा चला |
| 117 | पहले विश्वयुद्ध को ‘पहला आधुनिक औद्योगिक युद्ध’ क्यों कहते हैं? | क्योंकि इसमें मशीनगनों, टैंकों, हवाई जहाज़ों और रासायनिक हथियारों का भयानक पैमाने पर इस्तेमाल हुआ, जो सभी आधुनिक विशाल उद्योगों की देन थे |
| 118 | पहले विश्वयुद्ध में कितने लोग मारे गए और घायल हुए? | 90 लाख से ज़्यादा मारे गए और 2 करोड़ घायल हुए |
| 119 | पहले विश्वयुद्ध में मरने वालों में ज़्यादातर कौन थे? | कामकाजी उम्र के लोग, इसलिए यूरोप में कामकाज के लायक़ लोगों की संख्या बहुत कम रह गई |
| 120 | औरतों की भूमिका कैसे बदली? | मर्द मोर्चे पर जाने लगे तो घर की औरतों को वे काम सँभालने बाहर आना पड़ा जिन्हें अब तक केवल मर्दों का काम माना जाता था |
| 121 | युद्ध ने अमेरिका को क्या बना दिया? | क़र्ज़दार की बजाय कर्ज़दाता देश |
| 122 | 1921 में ब्रिटेन में बेरोज़गारी कितनी थी? | हर पाँच में से एक ब्रिटिश मज़दूर के पास काम नहीं था |
| 123 | युद्ध के बाद गेहूँ की क्या हालत हुई? | पूर्वी यूरोप में पैदावार सुधरने पर विश्व बाज़ारों में गेहूँ की अति हो गई; क़ीमतें गिर गईं और किसान गहरे क़र्ज़ संकट में फँस गए |
| 124 | 1920 के दशक की अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बड़ी ख़ासियत क्या थी? | बृहत उत्पादन (Mass Production) का चलन |
| 125 | असेंबली लाइन का विचार फ़ोर्ड को कहाँ से मिला? | शिकागो के एक बूचड़ख़ाने की असेंबली लाइन से |
| 126 | असेंबली लाइन पर काम की रफ़्तार कौन तय करता था? | कन्वेयर बेल्ट की रफ़्तार |
| 127 | असेंबली लाइन पर मज़दूर क्या-क्या नहीं कर सकते थे? | काम में ढील या कुछ पल का अवकाश नहीं ले सकते थे, और अपने साथियों से बातचीत भी नहीं कर सकते थे |
| 128 | फ़ोर्ड के कारख़ाने से कितनी देर में एक कार निकलती थी? | हर तीन मिनट में एक कार |
| 129 | बृहत उत्पादन से बनी पहली कार कौन-सी थी? | टी-मॉडल |
| 130 | फ़ोर्ड ने वेतन कब और कितना बढ़ाया? | जनवरी 1914 से दोगुना यानी 5 डॉलर प्रतिदिन; साथ ही ट्रेड यूनियन गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी |
| 131 | ‘हायर-परचेज़’ व्यवस्था क्या थी? | लोग सामान क़र्ज़ पर ख़रीदते थे और उसकी क़ीमत साप्ताहिक या मासिक किस्तों में चुकाई जाती थी |
| 132 | 1923 में अमेरिका क्या बन गया? | दुनिया में सबसे बड़ा कर्ज़दाता देश |
| 133 | महामंदी कब शुरू हुई और कब तक चली? | 1929 से शुरू होकर तीस के दशक के मध्य तक |
समूह 11 — महामंदी, भारत और ब्रेटन वुड्स (कार्ड 134–150)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 134 | महामंदी का सबसे बुरा असर किस पर पड़ा? | कृषि क्षेत्रों और समुदायों पर, क्योंकि खेतिहर उत्पादों की क़ीमतों में ज़्यादा भारी और ज़्यादा समय तक कमी बनी रही |
| 135 | अति उत्पादन का दुष्चक्र क्या था? | क़ीमतें गिरीं तो किसानों ने आय बनाए रखने के लिए और ज़्यादा उत्पादन किया, जिससे क़ीमतें और नीचे चली गईं और उपज पड़ी-पड़ी सड़ने लगी |
| 136 | 1928 से 1929 के बीच अमेरिकी क़र्ज़ का क्या हुआ? | विदेशों में अमेरिका का क़र्ज़ा एक अरब डॉलर था, जो साल भर के भीतर घटकर केवल चौथाई रह गया |
| 137 | अमेरिकी सरकार ने विश्व व्यापार की कमर कैसे तोड़ दी? | आयातित पदार्थों पर दो गुना सीमा शुल्क वसूल करके |
| 138 | 1933 तक कितने अमेरिकी बैंक बंद हो चुके थे? | 4,000 से ज़्यादा |
| 139 | 1929 से 1932 के बीच कितनी कंपनियाँ चौपट हुईं? | तक़रीबन 1,10,000 |
| 140 | 1928 से 1934 के बीच भारत के आयात-निर्यात का क्या हुआ? | वे घटकर लगभग आधे रह गए |
| 141 | 1928 से 1934 के बीच भारत में गेहूँ की क़ीमत कितनी गिरी? | 50 प्रतिशत |
| 142 | कच्चे पटसन की क़ीमतों में कितनी गिरावट आई? | 60 प्रतिशत से भी ज़्यादा |
| 143 | मंदी में भारत सरकार ने किसानों को क्या राहत दी? | कोई नहीं — कृषि क़ीमतें गिरने के बावजूद सरकार ने लगान वसूली में छूट देने से साफ़ इनकार कर दिया |
| 144 | मंदी के सालों में भारत किस चीज़ का निर्यात करने लगा? | क़ीमती धातुओं, ख़ासतौर से सोने का |
| 145 | भारत से सोने के निर्यात के बारे में कीन्स का क्या मानना था? | कि भारतीय सोने के निर्यात से वैश्विक अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने में काफ़ी मदद मिली |
| 146 | 1931 में भारत में क्या हो रहा था? | मंदी चरम पर थी, ग्रामीण भारत उथल-पुथल के दौर से गुज़र रहा था और उसी समय महात्मा गांधी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू किया |
| 147 | मंदी शहरी भारत के लिए कम दुखदाई क्यों रही? | क्योंकि निश्चित आय वाले लोगों — शहरी ज़मींदारों और मध्यवर्गीय वेतनभोगी कर्मचारियों — की हालत ठीक रही |
| 148 | दूसरे विश्वयुद्ध में धुरी शक्तियाँ कौन थीं? | मुख्य रूप से नात्सी जर्मनी, जापान और इटली |
| 149 | दूसरे विश्वयुद्ध में मित्र राष्ट्र कौन थे? | ब्रिटेन, सोवियत संघ, फ़्रांस और अमेरिका |
| 150 | दूसरा विश्वयुद्ध पहले के युद्धों से किस मामले में अलग था? | इसमें ऐसे लोग ज़्यादा मरे जो किसी मोर्चे पर लड़ नहीं रहे थे |
समूह 12 — ब्रेटन वुड्स से आज तक (कार्ड 151–166)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 151 | युद्धोत्तर व्यवस्था का पहला सबक़ क्या था? | कि बृहत उत्पादन पर आधारित समाज को व्यापक उपभोग के बिना क़ायम नहीं रखा जा सकता; इसके लिए स्थिर आय और पूर्ण रोज़गार ज़रूरी हैं |
| 152 | युद्धोत्तर व्यवस्था का दूसरा सबक़ क्या था? | कि पूर्ण रोज़गार तभी हासिल हो सकता है जब सरकार के पास वस्तुओं, पूँजी और श्रम की आवाजाही को नियंत्रित करने की ताक़त हो |
| 153 | ब्रेटन वुड्स सम्मेलन कब और कहाँ हुआ? | जुलाई 1944 में, अमेरिका स्थित न्यू हैम्पशर के ब्रेटन वुड्स नामक स्थान पर |
| 154 | ब्रेटन वुड्स सम्मेलन का औपचारिक नाम क्या था? | संयुक्त राष्ट्र मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन |
| 155 | आई.एम.एफ़. किसलिए बना? | सदस्य देशों के विदेश व्यापार में लाभ और घाटे से निपटने के लिए |
| 156 | विश्व बैंक का पूरा नाम और उद्देश्य क्या है? | अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक; युद्धोत्तर पुनर्निर्माण के लिए पैसे का इंतज़ाम करना |
| 157 | आई.एम.एफ़. और विश्व बैंक को और क्या कहा जाता है? | ब्रेटन वुड्स संस्थान या ब्रेटन वुड्स ट्विन यानी ब्रेटन वुड्स की जुड़वाँ संतान |
| 158 | आई.एम.एफ़. और विश्व बैंक ने काम कब शुरू किया और किसका नियंत्रण है? | 1947 में; इनकी निर्णय प्रक्रिया पर पश्चिमी औद्योगिक देशों का नियंत्रण है और अमेरिका किसी भी फ़ैसले को वीटो कर सकता है |
| 159 | ‘वीटो’ क्या है? | निषेधाधिकार, जिसके सहारे एक ही सदस्य की असहमति किसी भी प्रस्ताव को ख़ारिज करने का आधार बन जाती है |
| 160 | 1950 से 1970 के बीच विश्व व्यापार और आय कैसे बढ़े? | विश्व व्यापार की विकास दर सालाना 8 प्रतिशत से ज़्यादा और वैश्विक आय लगभग 5 प्रतिशत की दर से |
| 161 | 1950 से 1970 के दौर में बेरोज़गारी कितनी थी? | अधिकांश औद्योगिक देशों में औसतन 5 प्रतिशत से भी कम |
| 162 | अनौपनिवेशीकरण की विडंबना क्या थी? | कि नवस्वाधीन राष्ट्रों को भी ग़रीबी से निकलने के लिए ऐसे संस्थानों की मदद लेनी पड़ी जिन पर भूतपूर्व औपनिवेशिक शक्तियों का ही वर्चस्व था |
| 163 | जी-77 क्या है और उसने क्या माँगा? | विकासशील देशों का समूह, जिसने नयी अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली (NIEO) की माँग की — अपने संसाधनों पर नियंत्रण, अधिक सहायता, कच्चे माल के सही दाम और विकसित देशों के बाज़ारों में बेहतर पहुँच |
| 164 | बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ पहली बार कब बनीं? | 1920 के दशक में; उनका विश्वव्यापी प्रसार पचास और साठ के दशक की विशेषता थी |
| 165 | स्थिर विनिमय दर क्यों विफल हुई? | क्योंकि विदेशों में भारी लागत ने अमेरिका की वित्तीय क्षमता को कमज़ोर कर दिया और सोने की तुलना में डॉलर की क़ीमत गिरने लगी |
| 166 | हमारे ज़्यादातर टीवी, मोबाइल और खिलौने चीन में क्यों बनते हैं? | चीनी अर्थव्यवस्था की अल्प लागत और वहाँ के कम वेतनों के कारण, जिनकी वजह से विदेशी बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने वहाँ जमकर निवेश किया |
समूह 13 — केवल आँकड़े (कार्ड 167–172) — आख़िरी दिन के लिए
| # | आँकड़ा | किसका |
|---|---|---|
| 167 | लगभग 5 करोड़ | उन्नीसवीं सदी में यूरोप से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया गए लोग |
| 168 | लगभग 15 करोड़ | पूरी दुनिया में घर छोड़कर दूर देशों में काम करने गए लोग |
| 169 | 25 से 40 गुना | 1820–1914 में विश्व व्यापार में वृद्धि |
| 170 | लगभग 60 प्रतिशत | उस व्यापार में प्राथमिक उत्पादों का हिस्सा |
| 171 | 20 लाख → 50 लाख | अमेरिका में कारों का उत्पादन (1919 → 1929) |
| 172 | लगभग 6 करोड़ (वैश्विक जनसंख्या का 3%) | दूसरे विश्वयुद्ध में मरे लोग |