अध्याय 12संविधान का निर्माण

पाठ योजना6 मिनट

अध्याय 12 — संविधान का निर्माण : एक नए युग की शुरुआत

कक्षा XII — इतिहास | कुल कालांश: 9 + 1 (मूल्यांकन)

समग्र उद्देश्य

  1. ज्ञान: संविधान सभा का गठन-प्रक्रिया, प्रमुख आवाज़ें, उद्देश्य प्रस्ताव, पृथक निर्वाचिका-बहस, केंद्र-राज्य बहस, भाषा-विवाद, सार्वभौमिक मताधिकार व धर्मनिरपेक्षता।
  2. कौशल: संविधान सभा बहसों (CAD) को ऐतिहासिक स्रोत के रूप में पढ़ना — वक्ता की स्थिति, तर्क-संरचना, विरोधी-पक्ष की पहचान।
  3. दृष्टि: असहमति को लोकतंत्र की शक्ति के रूप में देखना; ‘बीच की ज़मीन’ की राजनीतिक कला का बोध।
  4. मूल्य: नागरिक-बोध; समावेश; संवाद-शिष्टाचार।

पूर्व-ज्ञान जाँच (5 मिनट, कालांश 1 के आरंभ में)

  • अध्याय 11 से: 15 अगस्त 1947 को क्या-क्या हुआ था? 16 अगस्त 1946? (विभाजन-हिंसा की कड़ी)
  • राजनीति विज्ञान से: संविधान की प्रस्तावना किसे याद है?

कालांश-विभाजन

कालांश 1 — भूमिका + उथल-पुथल का दौर

  • हुक (5 मि.): प्रश्न — “दुनिया का सबसे लंबा संविधान हमारा ही क्यों है?” → आकार-विविधता-बिखराव का तर्क।
  • 26 जनवरी 1950; दिसंबर 1946-नवंबर 1949; 11 सत्र-165 दिन; समितियों का तंत्र।
  • 1942-47 की पृष्ठभूमि: भारत छोड़ो की स्मृति, बोस, RIN विद्रोह (1946), मज़दूर-किसान आंदोलन — इनकी हिंदू-मुस्लिम एकता बनाम दलों की विफलता; कलकत्ता-हिंसा; विभाजन; नेहरू का मध्यरात्रि-भाषण; रियासतों की समस्या (एक-तिहाई भू-भाग)।
  • गृहकार्य: काल-रेखा (1945-49) अभ्यास-पुस्तिका में।

कालांश 2 — सभा का गठन और मुख्य आवाज़ें

  • गठन: प्रांतीय विधायिकाओं द्वारा परोक्ष चुनाव; लीग-बहिष्कार; समाजवादी-दूरी; 82% कांग्रेसी — पर भीतर विविधता; जनमत-अख़बार-सुझावों का प्रभाव।
  • छह आवाज़ें: नेहरू-पटेल-प्रसाद (त्रिगुट) + अम्बेडकर (प्रारूप समिति) + मुंशी-अय्यर; अधिकारी-जोड़ी: बी.एन. राव, एस.एन. मुखर्जी।
  • समिति-तालिका (पृ. 320) का त्वरित वाचन — किसके पास कौन-सी समिति।
  • गतिविधि (10 मि.): “कक्षा-संविधान सभा” की घोषणा — आगे हर कालांश में विद्यार्थी एक-एक सदस्य की भूमिका निभाएँगे (भूमिका-पर्चियाँ बाँटें: बहादुर, पंत, पटेल, रंगा, जयपाल सिंह, नागप्पा, वेलायुधन, हंसा मेहता, सन्तनम, अम्बेडकर, धुलेकर, दुर्गाबाई…)।

कालांश 3 — उद्देश्य प्रस्ताव (स्रोत 1)

  • 13 दिसंबर 1946; मुख्य आदर्श।
  • स्रोत 1 का सस्वर पाठ: अमेरिकी-फ्रांसीसी (टेनिस कोर्ट की शपथ)-रूसी उदाहरण; ‘लोकतांत्रिक’ शब्द क्यों नहीं; “नकल नहीं — बेहतर”; समाजवाद-आशा।
  • पाठ-मीमांसा (पृ. 324): ऐतिहासिक संदर्भ बनाम ब्लूप्रिंट; उदारवादी+समाजवादी विचारों का भारतीय समावेश।
  • बूझिए पृ. 324 कक्षा में हल।

कालांश 4 — लाहिड़ी बनाम नेहरू: शक्ति का स्रोत (स्रोत 2)

  • लाहिड़ी का तर्क: ब्रिटिश बंदूकों का साया; एटली के दरवाज़े; ‘यहाँ और अभी स्वतंत्रता की घोषणा’।
  • नेहरू का उत्तर: “सरकारें कागज से नहीं बनतीं… जनता की इच्छा” — कंठस्थ-योग्य उद्धरण।
  • 19वीं सदी की जड़ें: सुधारक-विवेकानंद-फुले-वामपंथ; 1909/1919/1935 बनाम 1946-49 का मौलिक अंतर (10-15% मताधिकार; गवर्नर-नियंत्रण)।
  • बूझिए पृ. 326।

कालांश 5 — पृथक निर्वाचिका महाबहस (स्रोत 3-4-5)★

  • संरचित वाद-विवाद (25 मि.): तीन दल — बहादुर-पक्ष / पटेल-पंत-पक्ष / निर्णायक-मंडल।
    • बहादुर: अल्पसंख्यक हटाए नहीं जा सकते; सद्भाव-ढाँचा; सच्चा प्रतिनिधित्व।
    • धुलेकर-पटेल: अंग्रेज़ों की चाल; ‘विष’; “एक भी स्वतंत्र देश दिखाओ”; शरारत का बीज।
    • पंत: आत्मघाती; हवाबंद कमरा; नागरिक-पिरामिड; खंडित निष्ठा।
  • बेगम ऐज़ाज़ रसूल का उल्लेख अनिवार्य (मुस्लिम-स्वर भीतर से); 1949 तक की सहमति।
  • बूझिए पृ. 329-330।

कालांश 6 — रंगा, जयपाल सिंह और दमित जातियाँ (स्रोत 6-7-8)

  • रंगा: ‘असली अल्पसंख्यक’ = जनता; आदिवासी-सूदखोर-ज़मींदार उदाहरण; ट्रस्टी-कथन; “सीढ़ी चाहिए”।
  • जयपाल सिंह: 6,000 साल; बेदखली; “घुलना-मिलना चाहिए”; सीट-आरक्षण की माँग।
  • दमित जातियाँ: नागप्पा (20-25%), खाण्डेलकर (हज़ारों साल), वेलायुधन (सात करोड़; सामाजिक अपंगताओं का खात्मा); गाँधी-अम्बेडकर पूर्व-बहस की याद (अ. 11-कड़ी); अंतिम समाधान — उन्मूलन+मंदिर+आरक्षण; “कानून भर से सोच नहीं बदलती”।
  • हंसा मेहता: विशेषाधिकार नहीं — न्याय; महिला-सदस्य तालिका (15 नाम) दिखाएँ।
  • चर्चा कीजिए पृ. 333।

कालांश 7 — राज्य की शक्तियाँ (स्रोत 9)

  • नेहरू-पत्र (विभाजन के बाद दुर्बल केंद्र हानिकारक); तीन सूचियाँ; अनुच्छेद 356; राजकोषीय बँटवारा (कर-तालिका बोर्ड पर)।
  • सन्तनम का पक्ष: ज़िद वाली दलील; खोखले प्रांत; ‘खैरात’ व्यंग्य; “केंद्र बिखर जाएगा” (उड़ीसा-सदस्य)।
  • मुदालियार (स्रोत 9): देशभक्ति का दावा किसी एक पक्ष की बपौती नहीं।
  • उत्तर-पक्ष: अम्बेडकर (1935 से भी शक्तिशाली), अय्यर, शर्मा; विभाजन से बदला संदर्भ → केंद्र-झुकाव।
  • चर्चा कीजिए पृ. 336।

कालांश 8 — राष्ट्र की भाषा (स्रोत 10)

  • गाँधी की हिंदुस्तानी-दृष्टि; हिंदी-उर्दू के दूर होने की प्रक्रिया; स्रोत 10 (“बाँध लेना… अपराध”)।
  • धुलेकर के दो प्रसंग (आरंभिक सत्र; 13 सितंबर 1949); भाषा समिति का फार्मूला — राजभाषा (राष्ट्रभाषा नहीं), देवनागरी, 15 वर्ष अंग्रेज़ी, प्रांतीय भाषा।
  • दुर्गाबाई का पक्ष (दक्षिण का भय; स्वयं हिंदी-प्रचारक!); देव-चेट्टियार का समायोजन-स्वर।
  • समकालीन सेतु: आज की राजभाषा-व्यवस्था व आठवीं अनुसूची (संकेत-मात्र)।

कालांश 9 — निष्कर्ष + समग्र पुनरावृत्ति

  • सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार — अमेरिका-ब्रिटेन की क्रमिक कथा बनाम भारत की एक-झटके की छलाँग — ‘ख़ास किस्म का भरोसा’।
  • धर्मनिरपेक्षता: अनुच्छेद-समूह (25-28, 29-30, 14/16/17); ‘विवेकपूर्ण फासला’; सुधार-गुंजाइश।
  • बदलते विचार — खुले दिलो-दिमाग की सभा।
  • तीर-शृंखलाओं से पूरे अध्याय की पुनरावृत्ति; भ्रांति-शुद्धि (मास्टर-नोट्स की 5 भ्रांतियाँ)।
  • राजस्थान-जोड़: संविधान सभा में राजस्थान-क्षेत्र के प्रतिनिधि (जयनारायण व्यास, माणिक्यलाल वर्मा, हीरालाल शास्त्री जैसे रियासती जन-नेताओं की परंपरा); रियासतों के विलय की प्रक्रिया (वृहत् राजस्थान 1949) — केंद्र-राज्य बहस का स्थानीय चेहरा।

कालांश 10 — मूल्यांकन (30 अंक)

  • 5 MCQ (5), 3 अति-लघु (6), 2 लघु (8), 1 स्रोत-आधारित (6), 1 निबंध (5)।
  • प्रश्न बैंक (05) व PARAKH (08) से चयन।

शिक्षण-सामग्री

  • NCERT पृ. 316-342; स्रोत-बॉक्स 1-10 की फोटोकॉपी/प्रोजेक्शन
  • भूमिका-पर्चियाँ (कक्षा-संविधान सभा हेतु)
  • समिति-तालिका व महिला-सदस्य तालिका का चार्ट
  • संविधान की प्रस्तावना का पोस्टर (राजनीति विज्ञान से समन्वय)

अपेक्षित अधिगम-प्रतिफल

विद्यार्थी —

  1. 1सभा के गठन की सीमाएँ व शक्ति-स्रोत दोनों बता सकेगा;
  2. 2पृथक निर्वाचिका पर पक्ष-विपक्ष के तर्क स्रोत-सहित लिख सकेगा;
  3. 3‘अल्पसंख्यक’ की चार परिभाषाओं में भेद कर सकेगा;
  4. 4केंद्र-झुकाव के ऐतिहासिक कारण बता सकेगा; (5) भाषा-समझौते का फार्मूला व शब्द-भेद (राजभाषा/राष्ट्रभाषा) समझा सकेगा; (6) CAD को स्रोत के रूप में परखने की विधि जान सकेगा।