आयाम: जागरूकता (50%) • संवेदनशीलता (20%) • सृजनात्मकता (30%)
भाग अ — जागरूकता (Awareness)
अ-1. केस/परिस्थिति-आधारित प्रश्न
1एक पुरातत्त्वविद को भूमध्यसागर के तल में डूबा जहाज़ मिला जिसमें ‘ड्रेसल-20’ किस्म के सैकड़ों मटके भरे हैं।
(क) मटकों में क्या भरा रहा होगा और वे कहाँ बने होंगे?
(ख) जहाज़ किस काल का हो सकता है? तर्क दीजिए।
(ग) मटकों की मिट्टी की जाँच से और क्या पुष्टि हो सकती है?
स्पेनी जैतून का तेल; चरम-काल 140–160 ईस्वी के आसपास; मिट्टी-नमूनों के मिलान से निर्माण-स्थल (गुआडलक्विविर क्षेत्र) की पुष्टि।
उत्तर देखिए
उत्तर-संकेत:
2मिस्र के एक पैपाइरस-संविदापत्र के अंत में लिखा है: “चूँकि ‘क’ लिख नहीं सकता, उसकी ओर से यह लेख ‘ख’ लिपिक ने लिखा।”
(क) यह वाक्य रोमन साम्राज्य की साक्षरता के बारे में क्या बताता है?
(ख) पोम्पेई का साक्ष्य इससे किस प्रकार भिन्न चित्र देता है?
(ग) दोनों को मिलाकर इतिहासकार क्या निष्कर्ष निकालेगा?
औपचारिक दस्तावेज़ लिपिक-लिखित — सीमित साक्षरता; पोम्पेई के विज्ञापन-graffiti — व्यापक कामचलाऊ साक्षरता; निष्कर्ष — साक्षरता की दरें क्षेत्र व वर्ग (सैनिक, अफ़सर, प्रबंधक) के अनुसार असमान।
उत्तर देखिए
उत्तर-संकेत:
3कल्पना कीजिए — 69 ईस्वी में रोम का एक व्यापारी अपनी डायरी में लिखता है: “इस साल चौथा सम्राट गद्दी पर बैठा है; सेनाएँ बँट गई हैं।”
(क) यह वर्ष इतिहास में क्यों प्रसिद्ध है?
(ख) ‘सेनाएँ बँटने’ का सामान्य परिणाम NCERT क्या बताती है?
(ग) इस अस्थिरता के बावजूद पहली दो शताब्दियाँ किस रूप में जानी जाती हैं?
एक वर्ष में चार सम्राट; गृहयुद्ध; अपेक्षाकृत शांति-समृद्धि का काल (69 अपवाद)।
उत्तर देखिए
उत्तर-संकेत:
अ-2. दावा-कारण (Assertion–Reason)
निर्देश:
- अदोनों सही, कारण सही व्याख्या
- बदोनों सही, कारण सही व्याख्या नहीं
- सदावा सही, कारण गलत
- ददावा गलत, कारण सही।
4दावा (A): रोमन सम्राटों की ‘परख’ सैनेट के प्रति उनके व्यवहार से होती थी।
कारण (R): रोम के इतिहास की अधिकांश पुस्तकें सैनेटर-वर्ग के लोगों द्वारा लिखी गई थीं।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
5दावा (A): परवर्ती रोमन साम्राज्य में चाँदी-आधारित मुद्रा-प्रणाली समाप्त हो गई।
कारण (R): कॉन्स्टैनटाइन ने ईसाई धर्म स्वीकार कर लिया था।
उत्तर देखिए
उत्तर: (ब) — दोनों तथ्य सही; पर कारण है स्पेन की खानों से चाँदी का बंद होना, धर्म-परिवर्तन नहीं।
6दावा (A): रोम की अर्थव्यवस्था का अधिकांश श्रम दासों द्वारा किया जाता था।
कारण (R): ऑगस्टस-काल में इटली की आबादी में 30 लाख दास थे।
उत्तर देखिए
उत्तर: (द) — दावा गलत (यह केवल इटली/गणतंत्र-काल के लिए सही; समग्र साम्राज्य में नहीं); कारण सही तथ्य है।
7दावा (A): जलसेतुओं और जल-शक्ति की मिलों के बावजूद रोम को ‘आदिम’ अर्थव्यवस्था कहना गलत है।
कारण (R): स्पेन की सोने-चाँदी की खानों का उत्पादन-स्तर लगभग 1700 वर्ष बाद तक अद्वितीय रहा।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
8दावा (A): 642 ईस्वी तक पूर्वी रोमन और ससानी साम्राज्यों के बड़े भाग अरबों के अधीन हो गए।
कारण (R): दोनों साम्राज्य 7वीं शताब्दी के आरंभ में परस्पर भीषण युद्ध (614–19, 620 का दशक) से क्षीण हो चुके थे।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
अ-3. आँकड़ा-व्याख्या
9निम्न संख्याओं का ऐतिहासिक अर्थ एक-एक वाक्य में लिखिए
उत्तर देखिए
| संख्या | संदर्भ |
|---|---|
| 25 वर्ष | रोमन सैनिक की न्यूनतम सेवा-अवधि |
| 6,00,000 | चौथी शताब्दी तक सेना की संख्या |
| 6 करोड़ | दूसरी शताब्दी मध्य में साम्राज्य की आबादी |
| 54 लाख दीनारियस | हेरॉड के आश्रित राज्य की वार्षिक आमदनी |
| 176 दिन | वर्ष में मनोरंजक प्रदर्शनों (Spectacula) के न्यूनतम दिन |
| 47/25 | 47 वर्षों में 25 सम्राट — तीसरी शताब्दी का तनाव |
| 5 करोड़ | मॉंटी टेस्टैकियो के एम्फ़ोरा-अवशेष |
| 30 लाख | ऑगस्टस-कालीन इटली के दास (75 लाख में) |
| 4,000 पाउंड सोना | रोम के कुलीन परिवार की वार्षिक आय |
| 25 लाख सॉलिडस | जस्टीनियन-काल में मिस्र का वार्षिक कर |
10(मानचित्र-कार्य) रेखा-मानचित्र पर अंकित कीजिए — भूमध्यसागर, राइन, डैन्यूब, फ़रात, सहारा; रोम, कार्थेज, सिकंदरिया, ऐंटिऑक, कुंस्तुनतुनिया, पोम्पेई, दारा, मक्का-मदीना। फिर बताइए: कौन-से तीन नगर ‘साम्राज्यिक प्रणाली के मूल आधार’ कहे गए हैं और क्यों?
अ-4. वर्गीकरण
11निम्न को स्रोत के तीन वर्गों (पाठ्य / प्रलेख / भौतिक) में छाँटिए: टैसिटस का इतिहास • मिस्र का विवाह-संविदापत्र • ड्रेसल-20 एम्फ़ोरा • शापुर प्रथम का त्रिभाषी शिलालेख • गैलेन का ग्रंथ • सॉलिडस सिक्का • पोम्पेई की भित्ति-लिखावट • ओलिंपियोडोरस का वृत्तांत • पान दु गार्ड जलसेतु।
उत्तर देखिए
उत्तर-संकेत: पाठ्य — टैसिटस, गैलेन, ओलिंपियोडोरस; प्रलेख — संविदापत्र, शिलालेख, भित्ति-लिखावट (उत्कीर्ण/लिखित); भौतिक — एम्फ़ोरा, सिक्का, जलसेतु।
(सीमा-रेखाओं पर तर्क स्वीकार्य।)
भाग आ — संवेदनशीलता (Sensitivity)
12(दृष्टिकोण-विविधता) ‘एक ही छत के 400 दासों को फाँसी’ (टैसिटस-प्रकरण) पर चार दृष्टिकोणों से 2–3 वाक्य लिखिए: (क) फाँसी-समर्थक सैनेटर, (ख) दंगा करने वाली भीड़ का सदस्य, (ग) फाँसी पाने वाला एक निर्दोष दास, (घ) आधुनिक मानवाधिकार-दृष्टि।
13(लैंगिक दृष्टि) रोमन स्त्री की स्थिति के दोनों पक्षों की तालिका बनाइए — ‘कानूनी सुदृढ़ता’ (संपत्ति, उत्तराधिकार, तलाक) बनाम ‘सामाजिक यथार्थ’ (आयु-अंतराल, arranged विवाह, पिटाई — ऑगस्टीन की माँ)। फिर 3 वाक्य में लिखिए: कानून और समाज के बीच की यह दूरी आज कितनी बदली है?
14(श्रमिक का पक्ष) फ्रैंकिन्सेंस-फैक्टरी के एक कामगार की एक दिन की भावनाएँ 100 शब्दों में लिखिए (सील लगा ऐप्रन, जालीदार मास्क, वस्त्र-तलाशी)। अंत में एक वाक्य — NCERT आधुनिक फैक्ट्रियों से क्या तुलना करती है?
15(बाल-अधिकार) “रोमन पिता को अवांछित शिशु को मारने तक का कानूनी अधिकार था” और “गरीब माता-पिता बच्चों को 25 वर्ष के लिए बेच देते थे” — इन तथ्यों पर वर्तमान बाल-अधिकारों (शिक्षा का अधिकार, बाल-श्रम निषेध) की रोशनी में 5–6 वाक्य की टिप्पणी लिखिए।
16(सहयोगात्मक बहस) दो दल —
पक्ष: “रोम साम्राज्य अपनी प्रजा के लिए वरदान था” (शांति, नगर-सुविधाएँ, कानून, नागरिकता-212, मुद्रा-व्यवस्था)।
विपक्ष: “रोम साम्राज्य शोषण का तंत्र था” (कर, दासता, ऋणबद्धता, गैलेन का अकाल-चित्र, दागना)।
प्रत्येक दल पाठ से 4-4 साक्ष्य ले; मध्यस्थ-निष्कर्ष लिखा जाए।
भाग इ — सृजनात्मकता (Creativity)
17(कल्पनाशील पुनर्रचना) आप 79 ईस्वी के पोम्पेई के दीवार-लेखक (Graffiti-कलाकार) हैं। विसूवियस फटने से एक दिन पहले की अपनी डायरी लिखिए (150 शब्द) — जिसमें दीवार-विज्ञापन, मदिरा-व्यापारी का भोजन-कक्ष, स्नानागार और नगर-जीवन के प्रामाणिक विवरण हों।
18(डिज़ाइन-चुनौती) सम्राट कॉन्स्टैनटाइन के लिए सॉलिडस सिक्के का डिज़ाइन प्रस्तावित कीजिए — अग्रभाग (सम्राट की छवि/नाम) और पृष्ठभाग (नयी राजधानी/धर्म का प्रतीक); साथ में 3 वाक्य — यह सिक्का चाँदी के दीनारियस की जगह क्यों ले रहा है?
19(प्रति-तथ्यात्मक) “यदि 212 ईस्वी में सबको नागरिकता न मिली होती…” — तीन तर्कसंगत परिणाम लिखिए (प्रांतीय अभिजात का उदय रुकता? सेना-भर्ती?; इटली का वर्चस्व?)। इसी प्रकार: “यदि कुंस्तुनतुनिया न बसाया गया होता, तो पूर्वी साम्राज्य का इतिहास कैसे बदलता?”
20(विचार-संयोजन) अभ्यास प्रश्न 5 का विस्तार: “यदि ट्राजान भारत जीत लेता और रोमवासी सदियों रहते” — 150 शब्दों का निबंध; कम-से-कम चार आयाम छूएँ (भाषा/लिपि, नगर-संस्था व कानून, व्यापार-मुद्रा, धर्म); तुलना हेतु ब्रिटिश शासन के वास्तविक प्रभावों का एक संकेत भी दीजिए।
21(रचनात्मक प्रस्तुति) कक्षा-गतिविधि: ‘रोम का सोशल मीडिया’ — पाँच सामाजिक समूहों (सैनेटर, इक्वाइट, मध्यम-वर्गीय आश्रित, ह्यूमिलिओरिस-शिल्पकार, दास) के काल्पनिक ‘प्रोफ़ाइल कार्ड’ बनाइए — प्रत्येक पर: पहचान, आय-स्रोत, दैनिक जीवन, एक शिकायत, एक गर्व। कक्षा-दीवार पर ‘सामाजिक पिरामिड’ के रूप में सजाइए।
भाग ई — मूल्यांकन-रूब्रिक
| स्तर | जागरूकता | संवेदनशीलता | सृजनात्मकता |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक | तिथियाँ-नाम अधूरे/गलत; स्रोत-वर्ग गड्डमड्ड; आँकड़ों का संदर्भ नहीं | एक ही दृष्टिकोण; दास-स्त्री-श्रमिक पक्ष की उपेक्षा | पुनर्कथन मात्र; प्रामाणिक विवरण नहीं |
| दक्ष | प्रमुख तथ्य-कालक्रम सही; केस में 2–3 साक्ष्य; वर्गीकरण अधिकांशतः सही | दो दृष्टिकोण; कानून-समाज का भेद पहचानता है | 3–4 प्रामाणिक विवरणों सहित मौलिक रचना |
| उन्नत | प्रक्रिया-समझ (क्यों-कैसे); दावा-कारण में सूक्ष्म विवेक; स्रोत-पूर्वाग्रह की पहचान (सैनेटर-लेखक) | बहु-दृष्टिकोण संतुलन; अतीत-वर्तमान का विवेकपूर्ण सेतु; साक्ष्य-सीमा की स्वीकृति | बहु-आयामी कल्पना; प्रति-तथ्यात्मक तर्क-शृंखला; ऐतिहासिक तर्कसंगति |
सुझाया भार: जागरूकता 50% • संवेदनशीलता 20% • सृजनात्मकता 30%