अध्याय 6मूल निवासियों का विस्थापन · त्वरित पुनरावृत्ति

परख प्रश्न20 मिनट

ढाँचा: राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र PARAKH की तीन कसौटियाँ भार-विभाजन: जागरूकता (Awareness) 50% · संवेदनशीलता (Sensitivity) 20% · सृजनात्मकता (Creativity) 30%


भाग क — जागरूकता (50%)

तथ्य, स्रोत-पठन, कारण-परिणाम, तुलना, अवधारणात्मक स्पष्टता

क.1 स्रोत-आधारित योग्यता प्रश्न


1निम्नलिखित दो कथनों को पढ़िए और पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए। 5 अंक

उत्तर देखिए

कथन अ (विलियम वड्सवर्थ, अंग्रेज़ी कवि) मूल निवासी “जंगलों में” रहते हैं, “जहाँ कल्पनाशक्ति के पास उन्हें भावसंपन्न करने, उन्हें ऊँचा उठाने या परिष्कृत करने का अवसर बहुत कम है।”

कथन ब (वाशिंगटन इरविंग, अमरीकी लेखक) “जिन इंडियन्स की असली ज़िंदगी को देखने का मुझे मौक़ा मिला, वे कविताओं में वर्णित अपने रूप से काफ़ी भिन्न हैं … परिस्थितियाँ वैसी ही हों, तो गोरा आदमी भी उन्हीं की तरह अल्पभाषी हो जाता है।”

(क) दोनों लेखकों में से किसका अनुभव प्रत्यक्ष था? (1) (ख) कथन ब में इरविंग वास्तव में किस चीज़ की आलोचना कर रहे हैं — मूल निवासियों की, या मूल निवासियों के बारे में लिखी गई कविताओं की? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (2) (ग) एक इतिहासकार के लिए इन दोनों में से कौन-सा स्रोत अधिक उपयोगी होगा और क्यों? (2)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) इरविंग का। (ख) कविताओं की — क्योंकि वे कहते हैं कि असली लोग “कविताओं में वर्णित अपने रूप से भिन्न” हैं; वे रूढ़ि पर प्रहार कर रहे हैं, व्यक्तियों पर नहीं। (ग) इरविंग का स्रोत प्रत्यक्ष अवलोकन पर आधारित है, इसलिए मूल निवासियों के जीवन के बारे में अधिक उपयोगी; परंतु वड्सवर्थ का कथन यूरोपीय मानसिकता के बारे में समान रूप से मूल्यवान है। (उच्च स्तर का उत्तर वह है जो यह पहचाने कि हर स्रोत किसी न किसी चीज़ का प्रामाणिक स्रोत होता है।)


2क्रियाकलाप 2 की तालिका पर आधारित। 5 अंक

उत्तर देखिए
वर्गसं.रा.अ. 1820स्पेनी अमरीका 1800
मूल निवासी6 लाख75 लाख
गोरे90 लाख33 लाख
मिले-जुले यूरोपीय1 लाख53 लाख
काले19 लाख8 लाख
कुल1 करोड़ 16 लाख1 करोड़ 69 लाख

(क) दोनों क्षेत्रों में ‘मिले-जुले यूरोपीय’ की संख्या में जो भारी अंतर है, वह किस बात का संकेत देता है? (2) (ख) यदि आपसे कहा जाए कि इन आँकड़ों से “आबादकार उपनिवेश” और “शोषण उपनिवेश” का अंतर सिद्ध कीजिए, तो आप कौन-सी दो पंक्तियाँ चुनेंगे? (2) (ग) इस तुलना की एक सीमा बताइए। (1)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) स्पेनी अमरीका में यूरोपीय और मूल निवासी आबादियों के बीच व्यापक मिश्रण हुआ; सं.रा.अ. में लगभग नहीं — जो पृथक्करण और बेदख़ली की नीति का संकेत है। (ख) ‘मूल निवासी’ और ‘मिले-जुले यूरोपीय’ — दोनों पंक्तियाँ मिलकर बताती हैं कि एक जगह मूल आबादी बनी रही और घुली-मिली, दूसरी जगह वह हटा दी गई। (ग) दोनों आँकड़े अलग-अलग वर्षों (1820 और 1800) और अलग-अलग क्षेत्रफल के हैं, इसलिए सीधी तुलना पूरी तरह मान्य नहीं।


3निम्नलिखित कथन पढ़िए: 4 अंक

उत्तर देखिए

“यह महत्त्वपूर्ण है कि इसी समय (1840 के दशक से) उत्तरी अमरीका में ‘मानवशास्त्र’ विषय की शुरुआत हुई … कुछ मानवशास्त्रियों ने यह स्थापित किया कि जिस तरह यूरोप में ‘आदिम’ लोग नहीं पाए जाते, उसी तरह अमरीकी मूल निवासी भी ‘समाप्त हो जाएँगे’।”

(क) NCERT इस बात को “महत्त्वपूर्ण” क्यों कहती है कि मानवशास्त्र इसी समय शुरू हुआ? (2) (ख) पाठ में किसी अन्य व्यक्ति ने इससे मिलती-जुलती बात कही थी। वह कौन था और उसने क्या कहा? (2)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) क्योंकि यही वह दौर था जब मूल निवासियों की बेदख़ली चरम पर थी — यानी एक ज्ञान-शाखा उसी समय जन्मी जब उसका अध्ययन-विषय उजाड़ा जा रहा था, और उसने उस उजाड़ को अनिवार्य/प्राकृतिक बताकर परोक्ष रूप से उचित ठहरा दिया। (ख) एक फ्रांसीसी आगंतुक — “आदिम जानवरों के साथ-साथ आदिम मनुष्य लुप्त हो जाएगा।”


4अध्याय के आधार पर निम्नलिखित तालिका पूरी कीजिए। 4 अंक

समूहदिया गया तर्क
ब्रिटिश राज के अधीन भारतीय
अमरीका-ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी
अमरीका में अफ़्रीकी मूल के दास
उत्तर देखिए
समूहदिया गया तर्क
ब्रिटिश राज के अधीन भारतीय?
अमरीका-ऑस्ट्रेलिया के मूल निवासी?
अमरीका में अफ़्रीकी मूल के दास?

(घ) तीनों तर्कों में जो एक साझा संरचना है, उसे एक वाक्य में लिखिए। (1 अतिरिक्त)

अपेक्षित उत्तर: क्रमशः — प्रतिनिधित्व की सरकार की ज़िम्मेदारी के लिए तैयार नहीं; ‘पिछड़े हुए आदिम’ जिनके पास स्थानबद्ध कृषि, बचत और शहर नहीं थे; दासप्रथा उनकी अपनी सामाजिक व्यवस्था का हिस्सा है और काले निकृष्ट हैं। साझा संरचना: “तुम्हारे पास वह नहीं है जो हमारे पास है, इसलिए तुम्हें बराबरी नहीं मिलेगी” — और जो ‘कमी’ गिनाई गई वह हर बार यूरोप की अपनी विशेषताओं की सूची थी।


5कारण-परिणाम शृंखला को सही क्रम में लिखिए और प्रत्येक कड़ी को एक वाक्य में समझाइए। 5 अंक

उत्तर देखिए

दी गई कड़ियाँ (क्रमरहित): जंगली भैंसों का उन्मूलन · फ्रंटियर का ‘अंत’ · गोल्ड रश · हवाई और फिलिपीन्स में उपनिवेश · रेलवे का निर्माण

अपेक्षित क्रम: गोल्ड रश (1840 का दशक) → रेलवे का निर्माण (1870/1885) → बड़े पैमाने की खेती और जंगली भैंसों का उन्मूलन (1890) → फ्रंटियर का ‘अंत’ (1892) → हवाई और फिलिपीन्स में उपनिवेश। मुख्य निष्कर्ष: जब महाद्वीप के भीतर विस्तार की जगह नहीं बची, तो वही विस्तार समुद्र पार चला गया।


6निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘फ्रंटियर’ की सही व्याख्या करता है? कारण सहित उत्तर दीजिए। 3 अंक

उत्तर और व्याख्या देखिए

उत्तर: (ब)। कारण — यह किसी देश से लगी स्थिर सीमा नहीं थी; यह पश्चिम की ओर खिसकती रहती थी और जैसे-जैसे खिसकती, मूल निवासी पीछे धकेले जाते। 1892 में इसे ‘समाप्त’ घोषित किया गया, जो भूगोल की नहीं, विचारधारा की घोषणा थी।


7खंड चार के परिचय के आधार पर बताइए कि ‘ब्रिटेन आदर्श मॉडल है’ — इस पुरानी धारणा पर इतिहासकारों ने प्रश्न क्यों उठाए? कम-से-कम दो प्रमाण दीजिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (1) क्रम भिन्न रहा — ब्रिटेन में कोयला-कपड़ा पहले चरण में और रेलवे दूसरे में, जबकि रूस में रेलवे और भारी उद्योग पहले ही चरण में विकसित हुए। (2) राज्य और बैंकों की भूमिका हर देश में भिन्न रही। (3) कीमत — ब्रिटेन के उदाहरण ने यह भी दिखाया कि औद्योगीकरण की मानवीय (बाल-मज़दूरी, महामारियाँ) और पर्यावरणीय कीमत क्या होती है, जो अनुकरण के लिए आकर्षक नहीं। (4) प्रत्येक देश ने दूसरों से सीखा, पर अंधानुकरण नहीं किया।


8नीचे दी गई घटनाओं को कालक्रमानुसार लगाइए और प्रत्येक के आगे एक शब्द में लिखिए कि वह किस देश से संबंधित है। 4 अंक

उत्तर देखिए

माबो केस · ट्रेल ऑफ़ टियर्स · कनाडा महासंघ · दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस · इंडियन रीऑर्गनाईज़ेशन एक्ट · कैनबरा राजधानी

उत्तर: 1838 ट्रेल ऑफ़ टियर्स (सं.रा.अ.) → 1867 कनाडा महासंघ (कनाडा) → 1911 कैनबरा राजधानी (ऑस्ट्रेलिया) → 1934 इंडियन रीऑर्गनाईज़ेशन एक्ट (सं.रा.अ.) → 1968 दि ग्रेट ऑस्ट्रेलियन साइलेंस (ऑस्ट्रेलिया) → 1992 माबो केस (ऑस्ट्रेलिया)


9टेरा न्यूलिअस की अवधारणा और 1992 के माबो फ़ैसले के बीच के संबंध को समझाइए। यह भी बताइए कि इस फ़ैसले की प्रकृति 1832 के मार्शल फ़ैसले से किस तरह भिन्न थी। 5 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: टेरा न्यूलिअस = ‘जो किसी की नहीं है’; ऑस्ट्रेलियाई सरकार इसी आधार पर भूमि-अधिग्रहण को वैध मानती रही और मूल निवासियों से कोई समझौता नहीं किया। 1992 में हाई कोर्ट ने इसे कानूनी रूप से अवैध घोषित किया और 1770 से पहले के दावों को मान्यता दी। भिन्नता: 1832 में मार्शल का फ़ैसला मूल निवासियों के पक्ष में था, पर राष्ट्रपति जैक्सन ने उसे मानने से इनकार कर दिया, और परिणाम ट्रेल ऑफ़ टियर्स हुआ। 1992 का फ़ैसला लागू हुआ और उससे नीति-परिवर्तन आया। यानी अदालत का फ़ैसला तभी अर्थ रखता है जब कार्यपालिका और समाज उसे स्वीकार करें।


10‘उपहार’ और ‘माल’ के अंतर को अध्याय के आधार पर समझाइए। यह अंतर व्यापार की शर्तों को कैसे प्रभावित करता था? 4 अंक

उत्तर देखिए

अपेक्षित उत्तर की दिशा: मूल निवासियों की परंपरा में वस्तुओं का आदान-प्रदान संबंध बनाने का साधन था — चीज़ें उपहार के रूप में मिलती थीं। यूरोपीयों के लिए वही वस्तुएँ बिकाऊ माल थीं, जिनके दाम सुदूर यूरोप के बाज़ार में पूर्ति के अनुसार बदलते थे। मूल निवासियों को इस बाज़ार का बोध नहीं था, इसलिए दामों का घटना-बढ़ना उनके लिए पहेली था — और इससे सौदेबाज़ी की शक्ति यूरोपीयों के पास चली गई। शराब की लत ने इसे और बढ़ाया।

भाग ख — संवेदनशीलता (20%)

मानवीय अनुभव की समझ, बहुलता का सम्मान, पूर्वग्रह की पहचान, नैतिक विवेक


11पाठ में दिए गए इन तीन उद्धरणों को पढ़िए: 5 अंक

उत्तर देखिए

(अ) होपी कथा — “वे स्पेनी इनसान के पास गए और हाथ मिलाने की उम्मीद में अपना हाथ बढ़ाया, लेकिन स्पेनी ने उनके हाथ में कोई सस्ती-सी चीज़ पकड़ा दी।”

(ब) दारूक लोगों के बारे में — “ये नवागंतुक बिना वजह पेड़ों को काटते जाते।”

(स) प्रधान सिएटल — “आप आकाश को, भूमि की ऊष्मा को कैसे ख़रीद या बेच सकते हैं?”

(क) तीनों उद्धरणों में एक साझा भाव है। उसे अपने शब्दों में लिखिए। (2) (ख) क्या इन तीनों को “मूल निवासी यूरोपीयों को समझ नहीं पाए” कहा जा सकता है? अपने उत्तर के पक्ष में तर्क दीजिए। (3)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) तीनों में हैरानी है — कि दूसरे पक्ष का व्यवहार किसी समझ में आने वाले उद्देश्य से नहीं जुड़ता। (ख) नहीं — यह ‘न समझ पाना’ नहीं, भिन्न मूल्य-व्यवस्था से देखना है। दारूक लोगों ने ठीक-ठीक देखा कि पेड़ काटे जा रहे हैं; उन्हें केवल उसका प्रयोजन अपने ढाँचे में नहीं बैठा। इसी तरह यूरोपीय भी मूल निवासियों को अपने ढाँचे में नहीं बिठा पाए और उन्हें ‘असभ्य’ कह दिया। समझ न पाना दोनों तरफ़ था — पर ताकत एक तरफ़ थी, इसलिए एक की ग़लतफ़हमी ‘राय’ बनी और दूसरे की ‘नीति’।


12ज्यूडिथ राइट की कविता की अंतिम पंक्तियाँ हैं 4 अंक

उत्तर देखिए

“उन्होंने मुझे नहीं बताया था कि जिस ज़मीन को मैं इतना प्यार करती हूँ, वह तुम्हारे ही हाथों से छीनी गई थी।”

(क) ‘उन्होंने’ कौन हो सकते हैं? (1) (ख) यह कविता एक गोरी ऑस्ट्रेलियाई लेखिका ने एक आदिवासी कवयित्री के लिए लिखी है। इस तथ्य से कविता का अर्थ किस तरह बदलता है? (3)

अपेक्षित उत्तर की दिशा: (क) परिवार, विद्यालय, पाठ्यपुस्तकें, समाज — वह पूरी व्यवस्था जिसे स्टैनर ने ‘महान ऑस्ट्रेलियाई चुप्पी’ कहा। (ख) यह कविता अपराध-स्वीकृति है, दया नहीं। लेखिका स्वयं को उस समुदाय का हिस्सा मानती हैं जिसने लाभ उठाया, और अपनी शिक्षा की अपूर्णता को स्वीकार करती हैं। यही रेनॉल्ड्स की पुस्तक के शीर्षक (‘हमें बताया क्यों नहीं गया?’) का भाव है — चुप्पी तोड़ने की ज़िम्मेदारी उन पर भी है जिन्हें चुप्पी से लाभ हुआ।


13अध्याय बताता है कि ऑस्ट्रेलिया के ज़्यादातर शुरुआती आबादकार इंग्लैंड से निर्वासित दंडित थे — यानी ब्रिटिश समाज के सबसे शक्तिहीन लोग। फिर भी उन्होंने “खेती के लिए ली गई ज़मीन से मूल निवासियों को निकाल बाहर करने में कोई झिझक नहीं दिखलाई।”

उत्तर देखिए

इस तथ्य से आप क्या निष्कर्ष निकालते हैं? अपने विचार 80–100 शब्दों में लिखिए। (4)

मूल्यांकन-संकेत: उत्तर में यह पहचान होनी चाहिए कि उत्पीड़ित होना उत्पीड़क न बनने की गारंटी नहीं है; कि शक्ति सापेक्ष होती है; और कि जीवित रहने की मजबूरी नैतिक चुनाव को कठिन बनाती है, पर समाप्त नहीं करती। उत्तर में दंडितों को केवल ‘बुरा’ या केवल ‘बेचारा’ कहकर छोड़ देना निम्न स्तर का उत्तर माना जाएगा।


14NCERT खंड-परिचय में पूछती है — “आख़िर ‘मुख्यधारा’ का मतलब क्या है? आर्थिक और राजनीतिक शक्ति किस तरह ‘मुख्यधारा की संस्कृति’ के निर्माण को प्रभावित करती है?” 4 अंक

उत्तर देखिए

अध्याय से दो उदाहरण लेकर इस प्रश्न का उत्तर दीजिए।

अपेक्षित उत्तर की दिशा: उदाहरण जो चुने जा सकते हैं — (1) 1950–60 के दशक में सं.रा.अ. और कनाडा की सरकारों ने विशेष प्रावधान इसलिए हटाना चाहा कि मूल निवासी ‘मुख्यधारा में शामिल’ हों, जिसका अर्थ था यूरोपीय संस्कृति अपनाना; (2) पृ. 148 की तालिका, जहाँ ‘शहर न होना’ और ‘बचत न करना’ असमानता का तर्क बनते हैं; (3) ‘सभ्य’ की तीन कसौटियाँ — साक्षरता, संगठित धर्म, शहरीपन। तीनों में मुख्यधारा वह धारा है जिसके पास सत्ता है — बहुसंख्या नहीं, शक्ति।


151954 के ‘डिक्लेरेशन ऑफ़ इंडियन राइट्स’ में मूल निवासियों ने नागरिकता इस शर्त के साथ स्वीकार की कि उनके रिज़र्वेशन्स वापस नहीं लिए जाएँगे और उनकी परंपराओं में दखलंदाज़ी नहीं की जाएगी। 3 अंक

उत्तर देखिए

उन्होंने बिना शर्त नागरिकता स्वीकार क्यों नहीं की? इस निर्णय के पीछे की चिंता को समझाइए।

अपेक्षित उत्तर की दिशा: क्योंकि उनके अनुभव में ‘बराबरी’ का प्रस्ताव प्रायः ‘अपनी पहचान छोड़ो’ की शर्त के साथ आता था। 1950–60 के दशक की ‘मुख्यधारा’ नीति का उद्देश्य ही विशेष प्रावधान हटाना था। इसलिए वे समान अधिकार चाहते थे, पर समरूपता (assimilation) नहीं। यह एक महत्त्वपूर्ण अंतर है — समानता का अर्थ एक जैसा हो जाना नहीं होता।

भाग ग — सृजनात्मकता (30%)

कल्पना-आधारित पुनर्रचना, वैकल्पिक दृष्टिकोण, तर्क-निर्माण, अनुप्रयोग


16(NCERT अभ्यास प्रश्न 6 का विस्तार) 8 अंक

उत्तर देखिए

कैलिफ़ोर्निया में 1880 में चार लोगों की मुलाक़ात की कल्पना कीजिए — एक अफ़्रीकी ग़ुलाम, एक चीनी मज़दूर, गोल्ड रश के चक्कर में आया हुआ एक जर्मन, और होपी कबीले का एक मूल निवासी। उनकी बातचीत लिखिए।

लेखन-निर्देश (विद्यार्थियों को दें):

  • प्रत्येक पात्र के कैलिफ़ोर्निया पहुँचने का कारण अलग होना चाहिए — एक ज़बरन लाया गया, एक अनुबंधित श्रम के लिए आया, एक स्वेच्छा से सोने की तलाश में, और एक वहीं का था
  • कम-से-कम एक स्थान पर उनकी आपसी ग़लतफ़हमी दिखनी चाहिए
  • कहानी में कम-से-कम तीन ऐतिहासिक तथ्य पाठ से आने चाहिए (जैसे — रेलवे में चीनी श्रमिक, 1861–65 का गृहयुद्ध, ज़मीन के प्रति भिन्न दृष्टिकोण)
  • अंत में किसी को ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ सिद्ध न करें

मूल्यांकन रूब्रिक:

स्तरविवरण
प्रारंभिकचारों पात्र उपस्थित हैं पर सब एक जैसा बोलते हैं; ऐतिहासिक विवरण कम
दक्षप्रत्येक पात्र की परिस्थिति अलग है और कम-से-कम तीन ऐतिहासिक तथ्य सही ढंग से गुँथे हैं
उन्नतपात्रों के दृष्टिकोणों में वास्तविक टकराव है (जैसे — जर्मन को ज़मीन ख़रीदने की बात स्वाभाविक लगती है, होपी को अजूबा); भाषा और तर्क पात्र के अनुरूप हैं; लेखक कोई सरल नैतिक निष्कर्ष नहीं थोपता

17आप 1854 के प्रधान सिएटल हैं और आपको राष्ट्रपति का पत्र मिला है। 6 अंक

उत्तर देखिए

पर इस बार आप उत्तर अपने ही समुदाय की सभा में दे रहे हैं, राष्ट्रपति को नहीं। आप अपने लोगों से क्या कहेंगे? 150 शब्दों में लिखिए।

लेखन-निर्देश:

  • यह आंतरिक भाषण है — इसमें बाहरी शक्ति को समझाने की नहीं, अपने लोगों के साथ निर्णय लेने की भाषा होगी
  • कम-से-कम एक व्यावहारिक चिंता आनी चाहिए (क्या होगा अगर हम मना कर दें?)
  • पाठ से कोई एक ऐतिहासिक संदर्भ आना चाहिए

यह प्रश्न क्यों: यह विद्यार्थी को दर्शक-भाव (audience) का महत्त्व सिखाता है — वही व्यक्ति, वही विषय, पर श्रोता बदलने से भाषण बदल जाता है। यह प्रधान सिएटल के पत्र की स्रोत-आलोचना से भी जुड़ता है।


18आपको 2026 में एक संग्रहालय की एक दीर्घा डिज़ाइन करने को कहा गया है, जिसका विषय है — ‘ज़मीन का अर्थ’।
(क) आप कौन-सी पाँच वस्तुएँ या दस्तावेज़ प्रदर्शित करेंगे? (3)
(ख) प्रत्येक के लिए 15–20 शब्दों का विवरण-पट्ट (label) लिखिए। (2)
(ग) दीर्घा के प्रवेश-द्वार पर आप कौन-सा एक वाक्य लिखेंगे और क्यों? (2) 7 अंक

उत्तर देखिए

संकेत (शिक्षक हेतु): अच्छे उत्तरों में वेमपुम बेल्ट, ज़मीन की बिक्री का समझौता-पत्र, कँटीले तार, रिज़र्वेशन का नक्शा, 1992 के माबो फ़ैसले की प्रति, प्रेयरी की तस्वीर, बाइसन की खोपड़ी आदि आ सकते हैं। उन्नत उत्तर वे होंगे जो एक ही वस्तु के दो विवरण-पट्ट लिखें — एक आबादकार की भाषा में, एक मूल निवासी की भाषा में। यह प्रश्न NCERT के अभ्यास प्रश्न 5 (संग्रहालय की गैलरी) से सीधे जुड़ता है।


19हावर्ड स्पॉडेक कहते हैं कि अमरीकी क्रांति ने आबादकारों के लिए जो किया, मूल निवासियों के लिए ठीक उलटा किया 6 अंक

उत्तर देखिए

“फैलाव सिकुड़न बन गया, लोकतंत्र तानाशाही बन गया, संपन्नता विपन्नता बन गई, और मुक्ति क़ैद बन गई।”

अब आप भारत के संदर्भ में ऐसा ही एक वाक्य बनाइए — किसी एक ऐतिहासिक घटना को चुनकर, जिसका प्रभाव दो अलग समूहों पर विपरीत रहा हो। अपने वाक्य के प्रत्येक जोड़े के लिए एक-एक ऐतिहासिक प्रमाण भी दीजिए।

मूल्यांकन-संकेत: यह प्रश्न तुलनात्मक ढाँचे को दूसरे संदर्भ में लागू करने की योग्यता जाँचता है। विद्यार्थी कोई भी घटना चुन सकता है — पर उत्तर तभी ‘उन्नत’ माना जाएगा जब हर जोड़े के लिए ठोस प्रमाण दिया गया हो, केवल विरोधी शब्दों की जोड़ी न बनाई गई हो।

शिक्षक हेतु सावधानी यह प्रश्न संवेदनशील हो सकता है। विद्यार्थियों को पहले ही बता दें कि उत्तर में प्रमाण चाहिए, राय नहीं; और किसी समुदाय पर आरोप नहीं, घटना के भिन्न प्रभावों का विश्लेषण चाहिए।


20(दीर्घ प्रोजेक्ट — समूह कार्य) 10 अंक

शीर्षक: “जो ज्ञान लिखा नहीं गया”

अध्याय कहता है कि मूल निवासी “धरती को पढ़ सकते थे — जलवायु और विभिन्न भू-दृश्यों को वे उसी तरह समझ सकते थे, जैसे पढ़े-लिखे लोग लिखी हुई चीज़ें पढ़ते हैं।”

कार्य अपने क्षेत्र (गाँव/कस्बे/ज़िले) की एक ऐसी परंपरागत जानकारी खोजिए जो किसी किताब में दर्ज नहीं है — जैसे वर्षा का पूर्वानुमान, जल-स्रोत की देखभाल, किसी पेड़ या पशु से जुड़ी प्रथा, कोई मौसमी संकेत।

प्रस्तुति में शामिल हो

  1. जानकारी क्या है (100 शब्द)
  2. आपने यह किससे और कैसे जानी (साक्षात्कार का विवरण — नाम, आयु, संबंध)
  3. यह ज्ञान कहाँ ‘दर्ज’ है — किसी दस्तावेज़ में, या केवल स्मृति और व्यवहार में?
  4. यदि इस जानकारी को जानने वाली पीढ़ी न रहे, तो क्या खो जाएगा?
  5. एक निष्कर्ष-पैराग्राफ़: “जो ज्ञान लिखा नहीं गया, उसका इतिहास कैसे लिखा जाए?”

मूल्यांकन रूब्रिक:

कसौटीअंक
मौलिक क्षेत्र-कार्य (वास्तविक साक्षात्कार, इंटरनेट से नक़ल नहीं)3
जानकारी का स्पष्ट और सम्मानजनक प्रस्तुतीकरण2
अध्याय की अवधारणा से जोड़ (मौखिक बनाम लिखित ज्ञान)3
निष्कर्ष की विचारशीलता2

शिक्षक-निर्देश विद्यार्थियों को यह ज़रूर बताएँ कि जिनसे वे बात कर रहे हैं, वे सूचना-स्रोत नहीं, ज्ञान के धारक हैं — उनका नाम और सहमति के साथ ही जानकारी दर्ज करें। यही 1960 के दशक में शुरू हुए मौखिक इतिहास की मूल नैतिकता है, जिसका ज़िक्र अध्याय के पहले पृष्ठ पर है।

अंक-विभाजन का सारांश

भागप्रश्न संख्याकुल अंकभार
क — जागरूकता1–1043~50%
ख — संवेदनशीलता11–1520~20%
ग — सृजनात्मकता16–2037~30%

(शिक्षक अपनी आवश्यकता के अनुसार प्रश्न चुनकर अनुपात बनाए रख सकते हैं।)

समग्र मूल्यांकन रूब्रिक — तीन स्तर

कसौटीप्रारंभिकदक्षउन्नत
तथ्यात्मक ज्ञानकुछ तिथियाँ और नाम याद हैंप्रमुख तिथियाँ, स्थान और व्यक्ति सही ढंग से जोड़ पाता हैतथ्यों को कारण-शृंखला में पिरो पाता है
स्रोत-कौशलस्रोत को दोहरा देता हैस्रोत का सार निकाल लेता हैस्रोत की रचना-प्रक्रिया पर प्रश्न उठाता है (लेखक कौन, कब, किसके लिए)
तुलनात्मक सोचसमानताएँ बता देता हैसमानताएँ और अंतर दोनों बताता हैबताता है कि तुलना कहाँ तक वैध है और कहाँ टूट जाती है
संवेदनशीलता‘अच्छा-बुरा’ के ढाँचे में सोचता हैदोनों पक्षों की स्थिति समझता हैशक्ति के असंतुलन को पहचानता है और सरल नैतिक निर्णय से बचता है
सृजनात्मकताकल्पना है पर ऐतिहासिक आधार कमकल्पना ऐतिहासिक तथ्यों पर टिकी हैकल्पना से एक नया दृष्टिकोण उभरता है जो पाठ में सीधे नहीं दिया गया