Chapter 3भूमंडलीकृत विश्व का बनना

Lesson plan15 min

This note is written in Hindi.Read in Hindi →

कक्षा: 10 (हिंदी माध्यम) · विषय: सामाजिक विज्ञान — इतिहास कुल कालांश: 12 (प्रत्येक 40 मिनट) · पाठ्यपुस्तक पृष्ठ: 53 से 78

इस अध्याय की सबसे बड़ी चुनौती: यह अर्थव्यवस्था का अध्याय है। बच्चे इसे ‘नीरस’ और ‘समझ में न आने वाला’ मानकर छोड़ देते हैं। इसलिए हर कालांश की शुरुआत आज की किसी परिचित चीज़ से कीजिए — मोबाइल, आलू, चाय, टीवी — और फिर उसे इतिहास से जोड़िए। कहानी पहले, आँकड़ा बाद में।


अधिगम प्रतिफल

इस अध्याय के अंत तक विद्यार्थी —

  1. यह बता सकेंगे कि वैश्वीकरण कोई नयी चीज़ नहीं है और उसका एक लंबा इतिहास रहा है।
  2. सिल्क मार्ग, भोजन की यात्रा और बीमारियों के प्रसार के उदाहरण देकर प्राचीन जुड़ाव को समझा सकेंगे।
  3. अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक विनिमय के तीन प्रवाहों — व्यापार, श्रम और पूँजी — को परिभाषित कर सकेंगे और भारत से उदाहरण दे सकेंगे।
  4. कॉर्न लॉ, रिंडरपेस्ट और अनुबंध व्यवस्था के प्रभावों की व्याख्या पूरे वाक्यों में लिख सकेंगे।
  5. महामंदी के कारण बता सकेंगे और भारत पर उसके असर का वर्णन कर सकेंगे।
  6. ब्रेटन वुड्स व्यवस्था, आई.एम.एफ़., विश्व बैंक और जी-77 की भूमिका समझा सकेंगे।
  7. यह समझ सकेंगे कि वैश्विक जुड़ाव से सभी को एक जैसा लाभ नहीं होता।

कालांश 1 — वैश्वीकरण पुराना है, नया नहीं

उद्देश्य: विद्यार्थी समझ सकें कि दुनिया हज़ारों साल से जुड़ी हुई है।

गतिविधि (10 मिनट) — ‘तुम्हारे बैग में दुनिया’: बच्चों से कहिए कि वे अपने बैग की तीन चीज़ें निकालें और देखें कि उन पर कहाँ बना हुआ लिखा है। पेंसिल, मोबाइल, जूते, कैलकुलेटर। फिर पूछिए — “तुम्हारे बैग में कितने देश बैठे हैं?”

शिक्षण (20 मिनट):

  • पाठ्यपुस्तक की पहली पंक्ति पढ़वाइए और उसे रेखांकित करवाइए — “भूमंडलीकृत विश्व के बनने की प्रक्रिया एक लंबा इतिहास रहा है।”
  • तीन प्राचीन प्रमाण बोर्ड पर लिखवाइए — सिंधु घाटी (3,000 ईसा पूर्व), मालदीव की कौड़ियाँ, सातवीं सदी के कीटाणु।
  • यह ज़रूर बताइए कि यात्री केवल सामान नहीं, बल्कि पैसा, विचार, हुनर और बीमारियाँ भी साथ ले जाते थे।

अभ्यास (10 मिनट): प्रश्न बैंक भाग ग का प्रश्न 1 लिखवाइए।

गृहकार्य: 00-मास्टर नोट्स का भाग 0 और 1.1 पढ़कर आइए।

कालांश 2 — सिल्क मार्ग और भोजन की यात्रा

उद्देश्य: व्यापार और संस्कृति के साथ-साथ चलने को समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “आलू के बिना तुम्हारा खाना कैसा होगा?” फिर बताइए कि आलू पाँच सौ साल पहले भारत में था ही नहीं।

शिक्षण (25 मिनट):

  • सिल्क मार्ग: बोर्ड पर एक सरल तीर-शृंखला बनाइए — चीन → मध्य एशिया → पश्चिम एशिया → यूरोप और उसके नीचे लिखिए कि इस दिशा में रेशम, पॉटरी, मसाले गए और उलटी दिशा में सोना-चाँदी आया।
  • यह ज़रूर बताइए कि इसी रास्ते ईसाई मिशनरी और मुस्लिम धर्मोपदेशक फैले, और बौद्ध धर्म भारत से कई दिशाओं में गया।
  • भोजन की यात्रा: स्पैघेत्ती-नूडल्स की कहानी बहुत रोचक लगती है, इसे विस्तार से सुनाइए।
  • आयरिश आलू अकाल को गंभीरता से बताइए — 1845–1849, लगभग 10,00,000 मौतें, दोगुने लोगों का पलायन।

अभ्यास (10 मिनट): बच्चों से एक तालिका बनवाइए — ‘ये चीज़ें भारत में कहाँ से आईं?’

गृहकार्य: फ्लैशकार्ड समूह 1 और 2 याद कीजिए।

कालांश 3 — चेचक ने अमेरिका कैसे जीता

उद्देश्य: यह समझाना कि बीमारी भी इतिहास बदल सकती है।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “जब तुम्हारे घर में किसी को बुख़ार होता है तो क्या पूरा घर बीमार पड़ जाता है? क्यों नहीं?” — यहाँ से रोग-प्रतिरोधी क्षमता की बात शुरू कीजिए।

शिक्षण (25 मिनट):

  • कोलंबस से शुरुआत कीजिए — वह भारत ढूँढ़ने निकला था और अमेरिका पहुँच गया।
  • चेचक का पूरा तर्क छह क़दमों में समझाइए (00-मास्टर नोट्स भाग 1.3 देखिए)।
  • बॉक्स 1 का जॉन विनथॉर्प वाला उद्धरण ज़रूर पढ़वाइए। यह बच्चों को झकझोर देता है।
  • अंत में तुलना कीजिए — बंदूक़ छीनी जा सकती है, बीमारी नहीं।

अभ्यास (10 मिनट): स्रोत-आधारित प्रश्न 1 (चेचक वाला गद्यांश) करवाइए।

गृहकार्य: प्रश्न बैंक भाग ग का प्रश्न 4 लिखकर लाइए।

कालांश 4 — तीन प्रवाह (यह कालांश सबसे महत्त्वपूर्ण है)

उद्देश्य: व्यापार, श्रम और पूँजी के प्रवाह की परिभाषा पक्की करना।

शुरुआत (5 मिनट): बोर्ड पर तीन शब्द लिखिए — सामान · आदमी · पैसा। पूछिए कि इनमें से किसका एक देश से दूसरे देश जाना सबसे मुश्किल है।

शिक्षण (20 मिनट):

  • तीनों प्रवाहों की पाठ्यपुस्तक वाली परिभाषा शब्दश: बोर्ड पर लिखवाइए।
  • हर प्रवाह के आगे भारत का एक उदाहरण लिखवाइए।
  • यह वाक्य ज़रूर रेखांकित करवाइए — “वस्तुओं या पूँजी की आवाजाही के मुक़ाबले श्रमिकों की आवाजाही पर प्राय: ज़्यादा शर्तें और बंदिशें लगाई जाती थीं।”
  • आज से जोड़िए — विदेशी कंपनी का पैसा भारत में आसानी से आ जाता है, पर भारतीय मज़दूर को वीज़ा के लिए सालों लगते हैं।

अभ्यास (15 मिनट): प्रश्न बैंक भाग ग का प्रश्न 5 पूरा लिखवाइए — यह अभ्यास प्रश्न 7 भी है।

गृहकार्य: तीनों परिभाषाएँ मुँह-ज़बानी याद कीजिए।

कालांश 5 — कॉर्न लॉ और विश्व अर्थव्यवस्था का उदय

उद्देश्य: यह समझाना कि एक देश के एक क़ानून ने पूरी दुनिया बदल दी।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “अगर सरकार बाहर से आने वाले गेहूँ पर रोक लगा दे तो हमारे यहाँ गेहूँ सस्ता होगा या महँगा?”

शिक्षण (25 मिनट):

  • कॉर्न लॉ की पूरी कहानी छह चरणों में बोर्ड पर लिखवाइए (00-मास्टर नोट्स भाग 2.1)।
  • पाँच परिणाम क्रम से लिखवाइए — यह सीधे चार अंक का प्रश्न है।
  • आँकड़े ज़रूर लिखवाइए — पाँच करोड़, पंद्रह करोड़, 1890, 25 से 40 गुना।
  • पंजाब की नहर बस्ती का उदाहरण ज़रूर दीजिए — यह भारत का उदाहरण है, बच्चे इसे जल्दी याद रखते हैं।

अभ्यास (10 मिनट): प्रश्न बैंक भाग घ का प्रश्न 1 का ढाँचा बनवाइए।

गृहकार्य: भाग घ का प्रश्न 1 पूरा लिखकर लाइए।

कालांश 6 — तकनीक और मांस का व्यापार

उद्देश्य: तकनीक और खाद्य उपलब्धता के संबंध को समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “अगर घर में फ़्रिज न हो तो क्या-क्या नहीं रख सकते?”

शिक्षण (20 मिनट):

  • रेफ़्रिजरेशन से पहले की चार समस्याएँ तालिका के रूप में लिखवाइए।
  • उसके बाद के पाँच परिणाम क्रम से लिखवाइए।
  • पाँचवें परिणाम पर विशेष ज़ोर दीजिए — जब यूरोप के ग़रीब का पेट भरने लगा तो उसने अपनी सरकार की उपनिवेश बनाने की नीति का विरोध करना छोड़ दिया। यह बिंदु बच्चे अकसर छोड़ देते हैं।

अभ्यास (15 मिनट): प्रश्न बैंक भाग ग का प्रश्न 7 लिखवाइए (अभ्यास प्रश्न 4)।

गृहकार्य: फ्लैशकार्ड समूह 5 याद कीजिए।

कालांश 7 — अफ़्रीका, बर्लिन बैठक और रिंडरपेस्ट

उद्देश्य: उपनिवेशवाद के ‘स्याह पक्ष’ को समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): एटलस में अफ़्रीका का नक़्शा खुलवाइए और बच्चों से पूछिए कि कौन-सी सीमाएँ सीधी लकीर जैसी दिखती हैं। फिर बताइए कि यह सचमुच फुट्टा रखकर खींची गई थीं।

शिक्षण (25 मिनट):

  • 1885 की बर्लिन बैठक बताइए।
  • अफ़्रीका की पुरानी स्थिति समझाइए — ज़मीन बहुत, आबादी कम, वेतन पर काम का चलन नहीं।
  • मज़दूर पाने के तीन हथकंडे तालिका में लिखवाइए।
  • रिंडरपेस्ट की पूरी यात्रा पाँच चरणों में लिखवाइए — 1880 का दशक, एरिट्रिया, 1892 अटलांटिक, पाँच साल बाद केप, 90 प्रतिशत मवेशी।
  • अंत में सबसे ज़रूरी वाक्य बोलिए — “एक पशु-बीमारी ने वह काम कर दिया जो यूरोपीय सेनाएँ और क़ानून मिलकर भी नहीं कर पा रहे थे।”

अभ्यास (10 मिनट): भाग घ का प्रश्न 2 का ढाँचा बनवाइए।

गृहकार्य: भाग घ का प्रश्न 2 पूरा लिखकर लाइए।

कालांश 8 — गिरमिटिया मज़दूर (भावनात्मक रूप से सबसे प्रभावी कालांश)

उद्देश्य: भारतीय अनुबंधित श्रमिकों की स्थिति और उनकी सांस्कृतिक रचनात्मकता समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “अगर कोई तुमसे कहे कि पाँच साल के लिए विदेश चलो, अच्छा पैसा मिलेगा — पर यह न बताए कि कहाँ जाना है, क्या काम है और लौटोगे कैसे — तो तुम जाओगे?”

शिक्षण (20 मिनट):

  • अनुबंध की शर्त, वे कहाँ से जाते थे, क्यों जाते थे और कहाँ जाते थे — चारों बातें तालिका में लिखवाइए।
  • राम नारायण तिवारी का स्रोत ज़ोर से पढ़िए। कक्षा में सन्नाटा छा जाएगा — यही इस कालांश की सफलता है।
  • फिर मोड़ लाइए — होसे, रास्ताफ़ारियानवाद और चटनी म्यूज़िक। बताइए कि इन मज़दूरों ने कठिनाई में भी नयी संस्कृति रच दी।
  • वी. एस. नायपॉल और चंद्रपॉल-सरवन के नाम ज़रूर बताइए। क्रिकेट के नाम से बच्चे तुरंत जुड़ जाते हैं।

अभ्यास (15 मिनट): स्रोत-आधारित प्रश्न 2 करवाइए।

गृहकार्य: एक गिरमिटिया मज़दूर बनकर अपने परिवार के नाम पत्र लिखिए (यह अभ्यास प्रश्न 6 है)।

कालांश 9 — भारतीय व्यापार और व्यापार अधिशेष

उद्देश्य: यह समझाना कि भारत तैयार माल भेजने वाले से कच्चा माल भेजने वाला देश कैसे बन गया।

शुरुआत (5 मिनट): बोर्ड पर दो वाक्य लिखिए — “भारत कपड़ा बेचता था” और “भारत कपास बेचने लगा” — और पूछिए कि इन दोनों में किसमें ज़्यादा मुनाफ़ा है।

शिक्षण (25 मिनट):

  • सूती कपड़े के निर्यात की तीन तारीख़ों वाली तालिका बोर्ड पर बनवाइए — 30% → 15% → 3%।
  • कच्चे कपास की तालिका भी साथ लिखवाइए — 5% → 35%। दोनों को साथ देखने पर बात अपने आप समझ में आ जाती है।
  • अफ़ीम का त्रिकोण एक सरल तीर-शृंखला से समझाइए — भारत (अफ़ीम) → चीन (पैसा) → ब्रिटेन (चाय)
  • व्यापार अधिशेष और होम चार्जेज धीरे-धीरे समझाइए। सरल वाक्य दोहराइए — “भारत अपने ही शोषण का ख़र्च ख़ुद उठा रहा था।”

अभ्यास (10 मिनट): भाग ग का प्रश्न 12 लिखवाइए।

गृहकार्य: फ्लैशकार्ड समूह 9 याद कीजिए।

कालांश 10 — महायुद्ध और हेनरी फ़ोर्ड

उद्देश्य: युद्ध के आर्थिक प्रभाव और बृहत उत्पादन को समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “अगर तुम्हें एक ही काम दिन भर, बिना रुके, बिना बात किए करना पड़े तो कैसा लगेगा?”

शिक्षण (25 मिनट):

  • पहले विश्वयुद्ध के दो खेमे और आँकड़े (90 लाख मृत, 2 करोड़ घायल) लिखवाइए।
  • तीन बड़े असर समझाइए — कामकाजी उम्र के लोगों की मौत, औरतों का बाहर आना, अमेरिका का कर्ज़दाता बनना।
  • फ़ोर्ड की कहानी पूरे मज़े के साथ सुनाइए — बूचड़ख़ाना, कन्वेयर बेल्ट, हर तीन मिनट में एक कार, 5 डॉलर प्रतिदिन।
  • ‘हायर-परचेज़’ को आज की EMI से जोड़िए — बच्चे तुरंत समझ जाते हैं।

अभ्यास (10 मिनट): भाग घ का प्रश्न 9 का ढाँचा बनवाइए।

गृहकार्य: भाग घ का प्रश्न 3 (विश्वयुद्ध में पुरुषों की मौत) लिखकर लाइए।

कालांश 11 — महामंदी और भारत

उद्देश्य: महामंदी के कारण और भारत पर उसके असर को समझाना।

शुरुआत (5 मिनट): पूछिए — “अगर किसान की फ़सल का दाम आधा हो जाए, तो वह क्या करेगा — कम बोएगा या ज़्यादा?” — बच्चे अकसर ‘कम’ कहते हैं। यहीं से अति उत्पादन का दुष्चक्र समझाइए।

शिक्षण (25 मिनट):

  • तीन कारण तालिका में लिखवाइए।
  • अमेरिका के सात परिणाम क्रम से बोलिए और मुख्य आँकड़े लिखवाइए — 4,000 बैंक, 1,10,000 कंपनियाँ।
  • भारत के तीन आँकड़े लिखवाइए — आयात-निर्यात आधे, गेहूँ 50%, पटसन 60%।
  • बंगाली कवि की चार पंक्तियाँ पढ़वाइए। इन्हें कक्षा में एक साथ बोलने से बच्चों को याद रह जाती हैं।
  • अंत में सबसे बड़ा जोड़ बताइए — 1931 में मंदी चरम पर थी और उसी समय सविनय अवज्ञा आंदोलन शुरू हुआ। यह अध्याय 2 से सीधा संबंध है।

अभ्यास (10 मिनट): स्रोत-आधारित प्रश्न 3 (कवि की पंक्तियाँ) करवाइए।

गृहकार्य: भाग घ का प्रश्न 4 (भारत और महामंदी) लिखकर लाइए।

कालांश 12 — ब्रेटन वुड्स, जी-77 और आज का वैश्वीकरण

उद्देश्य: युद्धोत्तर व्यवस्था और आज की दुनिया को जोड़ना।

शुरुआत (5 मिनट): किसी बच्चे का मोबाइल या खिलौना उठाकर पूछिए — “यह कहाँ बना है?” — फिर कहिए कि आज के कालांश के अंत में हम जानेंगे कि ऐसा क्यों है।

शिक्षण (25 मिनट):

  • दूसरे विश्वयुद्ध के आँकड़े (6 करोड़, वैश्विक जनसंख्या का 3%) लिखवाइए।
  • दो सबक़ समझाइए।
  • ब्रेटन वुड्स की तालिका पूरी बोर्ड पर बनवाइए — कब, कहाँ, कौन-सी संस्थाएँ, क्या काम, कब से।
  • जी-77 की चार माँगें लिखवाइए।
  • अंत में चीन वाला उत्तर दीजिए — कम वेतन, बहुराष्ट्रीय कंपनियों का निवेश। कक्षा की शुरुआत में पूछे गए प्रश्न का उत्तर यहाँ मिलता है, इसलिए बच्चे संतुष्ट होकर जाते हैं।

अभ्यास (10 मिनट): भाग ख के प्रश्न 33 से 38 मौखिक रूप से पूछिए।

गृहकार्य: पूरे अध्याय की समय-रेखा (भाग 5 की तालिका) अपनी कॉपी में उतारिए।

कमज़ोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सहायता

यह अध्याय कमज़ोर बच्चों के लिए सबसे कठिन है, क्योंकि इसमें अमूर्त आर्थिक शब्द बहुत हैं। इनके लिए यह क्रम अपनाइए —

  1. पहले केवल कहानियाँ पढ़ाइए, आँकड़े बाद में। पाँच कहानियाँ हैं — आलू, चेचक, रिंडरपेस्ट, गिरमिटिया मज़दूर और फ़ोर्ड। इन पाँच कहानियों से ही आधे प्रश्न बन जाते हैं।
  2. कठिन शब्दों की एक छोटी सूची बनवाइए — व्यापार अधिशेष, होम चार्जेज, विनिमय दर, बहुराष्ट्रीय कंपनी, अनुबंध। हर शब्द के आगे एक आसान वाक्य लिखवाइए।
  3. आँकड़े याद कराने के लिए केवल पाँच चुनिए — 90% (रिंडरपेस्ट), 5 करोड़ (पलायन), 3% (सूती कपड़ा), 50% (गेहूँ), 6 करोड़ (द्वितीय युद्ध)।
  4. लिखने का अभ्यास कराइए, याद करने का नहीं। उन्हें 05-प्रश्न बैंक के तैयार उत्तर देखकर तीन बार लिखने को कहिए — पहली बार देखकर, दूसरी बार आधा देखकर, तीसरी बार बिना देखे।
  5. हर उत्तर की पहली पंक्ति पक्की करवाइए। अगर पहली पंक्ति सही लिख दी तो बाक़ी उत्तर अपने आप निकल आता है।

शिक्षण-सामग्री

सामग्रीकहाँ उपयोग
02-प्रस्तुति (PPTX)हर कालांश में सम्बद्ध स्लाइड
एटलस या विश्व का मानचित्रकालांश 2, 7, 8
पाठ्यपुस्तक के चित्र 4, 5, 10, 15, 21, 22, 23कालांश 2, 3, 7, 8, 10, 11
06-फ्लैशकार्डहर कालांश के अंत में पाँच मिनट
05-प्रश्न बैंकगृहकार्य और अभ्यास
एक पुराना बिजली का बिल या EMI की रसीदकालांश 10 में ‘हायर-परचेज़’ समझाने के लिए

मूल्यांकन-संकेतक

स्तरविद्यार्थी क्या कर पाता है
प्रारंभिकतीन प्रवाहों के नाम बता सकता है और आलू, चेचक तथा रिंडरपेस्ट की कहानियाँ सुना सकता है
दक्षकॉर्न लॉ, रिंडरपेस्ट और महामंदी के प्रभाव पूरे वाक्यों में, आँकड़ों के साथ लिख सकता है
उन्नतयह समझा सकता है कि वैश्विक जुड़ाव से सबको एक जैसा लाभ क्यों नहीं होता, और इस अध्याय को अध्याय 2 (सविनय अवज्ञा) तथा आज की दुनिया से जोड़ सकता है

शिक्षक के लिए अंतिम सुझाव

इस अध्याय को पढ़ाते समय एक बात बार-बार दोहराइए —

“दुनिया जुड़ती गई, पर इस जुड़ाव से सबको एक जैसा लाभ नहीं हुआ।”

यह वाक्य आलू (यूरोप को लाभ, आयरलैंड को अकाल), चेचक (यूरोप को विजय, अमेरिका को विनाश), रिंडरपेस्ट (यूरोप को मज़दूर, अफ़्रीका को ग़रीबी), गिरमिटिया मज़दूर (बागान मालिक को मुनाफ़ा, मज़दूर को नयी दास प्रथा) और महामंदी (शहरी भारत सुरक्षित, ग्रामीण भारत तबाह) — पाँचों जगह लागू होता है।

अगर बच्चे केवल यह एक वाक्य समझ जाएँ, तो पूरा अध्याय उनका हो जाएगा।