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प्रयोग: बाईं ओर ढककर प्रश्न पूछें; कक्षा-क्विज़ या स्व-परीक्षण हेतु।
समूह 1 — प्रस्तावना और इतिहास-लेखन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| अध्याय का कालखंड? | चौदहवीं शताब्दी से सत्रहवीं शताब्दी के अंत तक |
| ‘नगरीय-संस्कृति’ का भाव? | नगर के लोग स्वयं को गाँव वालों से अधिक ‘सभ्य’ समझने लगे |
| तीन प्रमुख कला-विद्या केंद्र? | फ़्लोरेंस, वेनिस और रोम |
| नगरों को किससे स्वायत्तता मिली? | राजाओं और चर्च से (थोड़ी बहुत) |
| कलाकारों-लेखकों के आश्रयदाता? | अमीर और अभिजात वर्ग के लोग |
| मुद्रण के आविष्कार का प्रभाव? | दूर-दराज़ नगरों/देशों के लोगों को भी छपी पुस्तकें उपलब्ध हुईं |
| यूरोपवासी अपनी तुलना किससे करने लगे? | यूनान व रोम की ‘प्राचीन दुनिया’ से |
| कौन-सी दो पुरानी धारणाएँ टूटीं? | पृथ्वी ब्रह्मांड का केंद्र; भूमध्यसागर/यूरोप विश्व का केंद्र |
| सामग्री कहाँ सुरक्षित है? | यूरोप-अमरीका के अभिलेखागारों, कला-चित्रशालाओं और संग्रहालयों में |
| ‘रेनेसाँ’ का शाब्दिक अर्थ? | पुनर्जन्म (हिंदी: पुनर्जागरण) |
| ‘रेनेसाँ’ शब्द किसने प्रयोग किया? | उन्नीसवीं शताब्दी के इतिहासकारों ने |
| जैकब बर्कहार्ट का काल व विश्वविद्यालय? | 1818–97; स्विट्ज़रलैंड का ब्रेसले विश्वविद्यालय |
| बर्कहार्ट के गुरु कौन थे? | लियोपोल्ड वॉन रांके (1795–1886), जर्मन इतिहासकार |
| रांके का मत? | इतिहासकार पहले राज्यों-राजनीति पर लिखे; स्रोत = सरकारी कागज़ात व फाइलें |
| बर्कहार्ट का प्रसिद्ध सूत्र? | “इतिहास-लेखन में राजनीति ही सब कुछ नहीं है; इतिहास का सरोकार उतना ही संस्कृति से है” |
| बर्कहार्ट की 1860 की पुस्तक? | ‘दि सिविलाईज़ेशन ऑफ़ दि रेनेसाँ इन इटली’ |
| बर्कहार्ट की 1860 की पुस्तक में किन विषयों पर ध्यान? | साहित्य, वास्तुकला और चित्रकला |
| बर्कहार्ट का ‘आधुनिक’ व्यक्ति? | जो अपने बारे में खुद निर्णय लेने और दक्षता बढ़ाने में समर्थ है |
| ‘मध्यकालीन मानव’ कौन? | जिस पर चर्च का नियंत्रण था |
समूह 2 — इटली के नगरों का पुनरुत्थान
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| रोम-पतन के बाद इटली की स्थिति? | कोई एकीकृत सरकार नहीं; इटली कमज़ोर व अनेक टुकड़ों में बँटा |
| पोप की स्थिति? | अपने राज्य में सार्वभौम, पर समस्त यूरोपीय राजनीति में इतना मज़बूत नहीं |
| रोम-पतन के बाद पश्चिमी यूरोप में क्या हुआ? | सामंती संबंधों से नया रूप; लातिनी चर्च के नेतृत्व में एकीकरण |
| रोम-पतन के बाद पूर्वी यूरोप में क्या हुआ? | बाइज़ेंटाइन साम्राज्य का शासन |
| रोम-पतन के बाद कुछ और पश्चिम में क्या हुआ? | इस्लाम एक साझी सभ्यता का निर्माण कर रहा था |
| विखंडन का परिणाम? | इन्हीं परिवर्तनों ने इतालवी संस्कृति के पुनरुत्थान में सहायता दी |
| बंदरगाह कैसे पुनर्जीवित हुए? | बाइज़ेंटाइन साम्राज्य और इस्लामी देशों के बीच व्यापार बढ़ने से |
| रेशम-मार्ग व्यापार कब से? | बारहवीं शताब्दी से, जब मंगोलों ने चीन के साथ व्यापार आरंभ किया |
| इटली के नगर स्वयं को क्या मानते थे? | स्वतंत्र नगर-राज्यों का एक समूह |
| दो गणराज्य नगर? | फ़्लोरेंस और वेनिस |
| दरबारी-नगरों का शासन कौन चलाता था? | राजकुमार |
| सर्वाधिक जीवंत पहला व दूसरा शहर? | पहला वेनिस, दूसरा जिनेवा |
| वेनिस और जिनेवा जैसे नगरों की मुख्य विशिष्टता? | धर्माधिकारी और सामंत वर्ग राजनैतिक दृष्टि से शक्तिशाली नहीं थे |
| शासन में कौन भाग लेते थे? | नगर के धनी व्यापारी और महाजन |
| धनी व्यापारियों और महाजनों के शासन में भाग लेने का परिणाम? | नागरिकता की भावना पनपने लगी |
| सैनिक तानाशाही में भी लोग क्या करते थे? | अपने को यहाँ का नागरिक कहने में गर्व का अनुभव |
| कोन्तारिनी की पुस्तक व वर्ष? | ‘दि कॉमनवेल्थ एण्ड गवर्नमेंट ऑफ़ वेनिस’ (1534) |
| वेनिस की परिषद् की सदस्यता? | 25 वर्ष से अधिक आयु वाले (संभ्रांत वर्ग के) सभी पुरुष |
| वेनिस की परिषद् से सामान्य जनता क्यों बाहर? | क्योंकि जन-सामान्य के प्रभाव वाली सरकारों में गड़बड़ियाँ व जन उपद्रव होते हैं |
| कोन्तारिनी का निष्कर्ष? | गरीब लोगों को छोड़कर सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व सत्ता में हो |
समूह 3 — विश्वविद्यालय और मानवतावाद
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| यूरोप के सबसे पहले विश्वविद्यालय कहाँ? | इटली के शहरों में |
| पादुआ-बोलोनिया किसके केंद्र थे? | ग्यारहवीं शताब्दी से विधिशास्त्र (कानून) के |
| कानून का अध्ययन प्रिय क्यों बना? | व्यापार-वाणिज्य के लिए वकीलों-नोटरी की भारी आवश्यकता थी |
| नोटरी क्या करते थे? | सोलिसिटर और अभिलेखपाल दोनों का कार्य — नियम लिखना, व्याख्या, समझौते |
| कानून-अध्ययन में क्या बदलाव आया? | उसे रोमन संस्कृति के संदर्भ में पढ़ा जाने लगा |
| पेट्रार्क का काल? | 1304–1378 |
| पेट्रार्क को ‘राजकवि’ की उपाधि कब? | 1341 में, रोम में |
| पेट्रार्क के लिए पुराकाल क्या था? | एक विशिष्ट सभ्यता, जिसे प्राचीन यूनानियों-रोमनों के वास्तविक शब्दों से ही समझा जा सकता है |
| पेट्रार्क के कार्यक्रम में क्या अंतर्निहित था? | “बहुत कुछ जानना बाकी है और यह सब हम केवल धार्मिक शिक्षण से नहीं सीखते” |
| ‘मानवतावाद’ नाम किसने दिया? | उन्नीसवीं शताब्दी के इतिहासकारों ने |
| मानवतावादी अध्यापक कौन-से विषय पढ़ाते थे? | व्याकरण, अलंकारशास्त्र, कविता, इतिहास और नीतिदर्शन |
| ‘ह्यूमेनिटास’ किसने और किस अर्थ में लिया? | सिसरो (106–43 ई.पू.) ने ‘संस्कृति’ के अर्थ में |
| सिसरो कौन थे? | रोम के वकील व निबंधकार; जूलियस सीज़र के समकालीन |
| मानवतावादी विषय किस पर बल देते थे? | उस कौशल पर जो व्यक्ति चर्चा और वाद-विवाद से विकसित करता है |
| पिको देल्ला मिरांदोला की पुस्तक? | ‘ऑन दि डिगनिटी ऑफ़ मैन’ (1486) |
| पिको देल्ला मिरांदोला का प्रसिद्ध रूपक? | “शरीर के लिए कसरत, दिमाग की ताकत के लिए शब्दों के दंगल में उतरना ज़रूरी है” |
| फ़्लोरेंस 13वीं सदी तक कैसा था? | व्यापार या शिक्षा में कोई विशेष तरक्की नहीं की थी |
| नगर की पहचान किससे बनती है? | उसके महान नागरिकों के साथ-साथ उसकी संपन्नता से |
| फ़्लोरेंस की प्रसिद्धि के दो व्यक्ति? | दाँते अलिगहियरी (1265–1321) और जोटो (1267–1337) |
| दाँते की विशेषता? | किसी संप्रदाय-विशेष से नहीं, पर कलम धार्मिक विषयों पर चलाई |
| जोटो का योगदान? | जीते-जागते रूपचित्र (Portrait) — पहले के कलाकारों की तरह बेजान नहीं |
| ‘रेनेसाँ व्यक्ति’ कौन? | जिसकी अनेक रुचियाँ हों और अनेक हुनर में महारत हो |
समूह 4 — इतिहास-दृष्टि और अरब योगदान
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| मानवतावादी स्वयं को क्या समझते थे? | कि वे अंधकार की कई शताब्दियों बाद सभ्यता का सही रूप पुन: स्थापित कर रहे हैं |
| ‘अंधकारयुग’ कब से माना गया? | रोमन साम्राज्य के टूटने के बाद |
| ‘मध्यकाल’ किस अवधि के लिए? | रोम-पतन के बाद के एक हज़ार वर्ष |
| मानवतावादियों का मुख्य तर्क? | ‘मध्ययुग’ में चर्च ने सोच को जकड़ा; यूनान-रोम का समस्त ज्ञान दिमाग से निकल गया |
| ‘आधुनिक’ शब्द किस काल के लिए? | पंद्रहवीं शताब्दी से शुरू होने वाले काल के लिए |
| 5वीं–14वीं शताब्दी का युग कौन-सा कहलाता है? | मध्य युग |
| मध्य युग के तीन भाग (5–9 / 9–11 / 11–14 शताब्दी)? | अंधकार युग / आरंभिक मध्य युग / उत्तर मध्य युग |
| आधुनिक इतिहासकारों की आपत्ति? | किसी भी काल को ‘अंधकार युग’ की संज्ञा देना अनुचित |
| मध्यकालीन चर्च-मठ के विद्वानों की सीमा? | यूनानी-रोमन कृतियों से परिचित थे, पर प्रचार-प्रसार नहीं किया |
| 14वीं सदी में यूरोप किसका ऋणी था? | अरब के अनुवादकों का, जिन्होंने पांडुलिपियों का संरक्षण-अनुवाद किया |
| अरबी में प्लेटो और अरस्तू? | अफ़लातून और एरिस्टोटिल |
| अनुवादों के विषय? | प्राकृतिक विज्ञान, गणित, खगोल विज्ञान, औषध विज्ञान, रसायन विज्ञान |
| ‘अलमजेस्ट’ क्या है? | टॉलेमी का खगोल-ग्रंथ; 140 ई. के पूर्व यूनानी में, बाद में अरबी अनुवाद |
| ‘अल’ उपपद क्या दर्शाता है? | यूनानी और अरबी भाषा के बीच रहे संबंधों को |
| इब्न-सिना (एविसिना) का काल व स्थान? | 980–1037; मध्य एशिया के बुखारा के दार्शनिक |
| अल-राज़ी (रेजेस) का योगदान? | आयुर्विज्ञान विश्वकोश के लेखक |
| इब्न रूश्द (अवेरोज़) का काल व देश? | 1126–98; स्पेन के अरबी दार्शनिक |
| इब्न रूश्द की चेष्टा क्या थी? | दार्शनिक ज्ञान (फ़ैलसुफ़) और धार्मिक विश्वासों के तनाव सुलझाना |
| इब्न रूश्द की पद्धति का क्या हुआ? | ईसाई चिंतकों द्वारा अपनाई गई |
| अरबी नामों की यूरोपीय वर्तनी का परिणाम? | बाद की पीढ़ियों को लगा कि वे यूरोपीय थे! |
| इस काल के विद्यालय किनके लिए थे? | लड़कों के लिए ही |
समूह 5 — कला, यथार्थवाद और वास्तुकला
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| मानवतावादी विचारों को किन तीन माध्यमों ने फैलाया? | कला, वास्तुकला और ग्रंथ |
| ड्यूरर का काल? | 1471–1528 |
| ड्यूरर का कला-सूत्र? | “कला प्रकृति में रची-बसी होती है”; कला को गणित द्वारा दिखाया जा सकता है |
| ड्यूरर का प्रसिद्ध रेखाचित्र? | ‘प्रार्थना रत हस्त’ (1508) |
| ड्यूरर का रेखाचित्र ‘प्रार्थना रत हस्त’ क्या दर्शाता है? | लोग गहन रूप से धार्मिक थे, पर मनुष्य की योग्यता पर भरोसा था |
| रोमन अवशेषों का क्या महत्त्व था? | उनकी खोज उतनी ही उत्सुकता से हुई जितनी प्राचीन ग्रंथों की |
| दोनातल्लो का काल व योगदान? | 1386–1466; 1416 में सजीव मूर्तियाँ बनाकर नयी परंपरा |
| कलाकार प्रयोगशालाओं में क्यों गए? | नर-कंकालों का अध्ययन करने के लिए |
| वेसेलियस का काल व मूल देश? | 1514–64; बेल्जियम मूल |
| वेसेलियस कहाँ प्राध्यापक थे? | पादुआ विश्वविद्यालय में, आयुर्विज्ञान के |
| वेसेलियस का ऐतिहासिक कार्य? | पहले व्यक्ति जिन्होंने मनुष्य के शरीर की चीर-फाड़ (Dissection) की |
| शरीर की चीर-फाड़ से किस विज्ञान का प्रारंभ हुआ? | आधुनिक शरीर-क्रिया विज्ञान (Physiology) |
| लियोनार्दो दा विन्ची का काल? | 1452–1519 |
| लियोनार्दो की अभिरुचि का विस्तार? | वनस्पति विज्ञान व शरीर रचना से गणित शास्त्र और कला तक |
| लियोनार्दो के दो प्रसिद्ध चित्र? | ‘मोना लीसा’ और ‘द लास्ट सपर’ |
| लियोनार्दो का स्वप्न और प्रयोग? | आकाश में उड़ना; पक्षियों का वर्षों परीक्षण; उड़न-मशीन का प्रतिरूप |
| लियोनार्दो ने अपना नाम क्या रखा? | ‘लियोनार्डो दा विन्ची, परीक्षण का अनुयायी’ |
| रेखागणित से चित्रकार को क्या मिला? | परिदृश्य (Perspective) की सही समझ |
| प्रकाश-अध्ययन से क्या मिला? | चित्रों में त्रि-आयामी (Three dimensional) रूप |
| तेल के माध्यम का प्रभाव? | चित्र अधिक रंगीन और चटख बने |
| वस्त्रों के डिज़ाइन में किसका प्रभाव? | चीनी और फ़ारसी चित्रकला का — जो मंगोलों से मिला |
| नयी कला-शैली का नाम? | यथार्थवाद (Realism) |
| यथार्थवाद की परंपरा कब तक चली? | उन्नीसवीं शताब्दी तक |
| रोम कब भव्य रूप से पुनर्जीवित हुआ? | पंद्रहवीं शताब्दी में |
| पोप 1417 से शक्तिशाली क्यों? | 1378 से दो प्रतिस्पर्धी पोप के निर्वाचन से जन्मी दुर्बलता का अंत |
| नयी वास्तु-शैली का नाम? | ‘शास्त्रीय’ (Classical) — रोम साम्राज्य कालीन शैली का पुनरुद्धार |
| माईकल ऐंजेलो का काल? | 1475–1564 |
| माईकल ऐंजेलो की तीन कृतियाँ? | सिस्टीन चैपल की छत के लेपचित्र, ‘दि पाइटा’, सेंट पीटर के गुम्बद का डिज़ाइन |
| ब्रूनेलेशी का काल व कार्य? | 1337–1446; फ़्लोरेंस के ड्यूमो (Duomo) का परिरूप |
| ब्रूनेलेशी ने पेशा किस रूप में शुरू किया? | मूर्तिकार के रूप में |
| कलाकार की पहचान में क्या बदलाव आया? | अब उसके नाम से, न कि उसके संघ या श्रेणी (गिल्ड) के नाम से |
| अल्बर्टी का काल और विषय? | 1402–72; कला सिद्धांत और वास्तुकला पर लेखन |
समूह 6 — मुद्रण और मनुष्य की नयी संकल्पना
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| कला देखने के लिए क्या करना पड़ता था? | स्वयं इटली की यात्रा |
| साहित्य विदेशों तक कैसे पहुँचा? | सोलहवीं शताब्दी की क्रांतिकारी मुद्रण प्रौद्योगिकी से |
| मुद्रण के लिए यूरोप किनका ऋणी था? | चीनियों और मंगोल शासकों का |
| मुद्रण-तकनीक यूरोप को कैसे मिली? | व्यापारी-राजनयिक मंगोल राज-दरबार की यात्राओं में परिचित हुए |
| ऐसी ही तीन अन्य तकनीकें? | आग्नेयास्त्र, कम्पास और फलक (Abacus) |
| गुटेनबर्ग का काल? | 1400–58, जर्मन मूल |
| 1455 में गुटेनबर्ग की कार्यशाला में क्या हुआ? | उनकी कार्यशाला में बाईबल की 150 प्रतियाँ छपीं |
| बाईबल की छपाई से पहले क्या स्थिति थी? | उतने ही समय में एक धर्मभिक्षु बाईबल की केवल एक प्रति लिख पाता था |
| मुद्रण का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ा? | उन्हें केवल अध्यापकों के व्याख्यानों के नोट पर निर्भर नहीं रहना पड़ा |
| मुद्रण का पाठक पर क्या प्रभाव पड़ा? | एकांत में बैठकर पढ़ सकता था; पढ़ने की आदत का विकास |
| आल्प्स के पार संस्कृति क्यों फैली? | वहाँ छपी पुस्तकों के वितरण के कारण |
| आल्प्स के पार संस्कृति फैलने से क्या स्पष्ट होता है? | पहले के बौद्धिक आंदोलन खास क्षेत्रों तक सीमित क्यों रहते थे |
| मानवतावादी संस्कृति की एक विशेषता? | मानव जीवन पर धर्म का नियंत्रण कमज़ोर होना |
| क्या मानवतावादी अधार्मिक थे? | नहीं — “ये ज़रूरी नहीं कि वे अधार्मिक थे” |
| बरबारो (1390–1454) का मत? | संपत्ति अधिग्रहण करना एक विशेष गुण है |
| वल्ला (1406–57) की पुस्तक व तर्क? | ‘ऑनप्लेज़र’; भोग-विलास पर ईसाई निषेधाज्ञा की आलोचना |
| वल्ला का इतिहास-विषयक विश्वास? | इतिहास का अध्ययन मनुष्य को पूर्णतया जीवन व्यतीत करने के लिए प्रेरित करता है |
| मानवतावाद का सामाजिक अर्थ? | व्यक्ति सत्ता-दौलत की होड़ छोड़कर अन्य माध्यमों से अपने जीवन को रूप दे सकता है |
| मानवतावाद किसके विरुद्ध गया? | तीन भिन्न-भिन्न वर्गों की उस मान्यता के, जिसमें सामंती समाज विश्वास करता था |
| मैक्यिावेली की पुस्तक व वर्ष? | ‘दि प्रिंस’ (1513), पंद्रहवाँ अध्याय |
| मैक्यिावेली का मनुष्य-विषयक कथन? | “सभी मनुष्य बुरे हैं और अपने दुष्ट स्वभाव को प्रदर्शित करने में सदैव तत्पर रहते हैं” |
| मैक्यिावेली के अनुसार मनुष्य के बुरे होने का प्रमुख कारण? | मनुष्य अपने समस्त कार्यों में अपना स्वार्थ देखता है |
समूह 7 — महिलाओं की आकांक्षाएँ
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| किन नए विचारों से महिलाओं को दूर रखा गया? | वैयक्तिकता (Individuality) और नागरिकता के |
| सार्वजनिक व घरेलू निर्णय कौन लेते थे? | अभिजात व संपन्न परिवार के पुरुष |
| शिक्षा किसे दी जाती थी? | केवल लड़कों को — ताकि वे खानदानी पेशा सँभाल सकें |
| छोटे लड़कों का क्या होता था? | कभी-कभी धार्मिक कार्य के लिए चर्च को सौंप दिए जाते |
| दहेज़ का क्या होता था? | पारिवारिक कारोबार में लगा दिया जाता |
| पर महिलाओं को क्या अधिकार नहीं था? | पति को कारोबार चलाने के बारे में कोई राय देने का |
| विवाह-संबंध क्यों होते थे? | कारोबारी मैत्री को सुदृढ़ करने के लिए |
| पर्याप्त दहेज़ न होने पर? | लड़कियों को मठों में भिक्षुणी (Nun) का जीवन बिताने भेजा जाता |
| दुकानदारों की स्त्रियाँ क्या करती थीं? | दुकानों को चलाने में सहायता |
| व्यापारी-साहूकार परिवारों की पत्नियाँ? | पति के दूर जाने पर कारोबार सँभालती थीं |
| व्यापारी की कम आयु में मृत्यु पर? | पत्नी सार्वजनिक जीवन में बड़ी भूमिका निभाने को बाध्य होती (अभिजात परिवारों के विपरीत) |
| कसान्द्रा फेदेले का काल व नगर? | 1465–1558; वेनिस |
| कसान्द्रा फेदेले का प्रसिद्ध कथन? | “महिलाओं को शिक्षा न पुरस्कार देती है न सम्मान का आश्वासन, तथापि प्रत्येक महिला को शिक्षा की इच्छा रखनी चाहिए” |
| कसान्द्रा फेदेले ने किस विचारधारा को चुनौती दी? | कि मानवतावादी विद्वान के गुण एक महिला के पास नहीं हो सकते |
| कसान्द्रा फेदेले किन भाषाओं की विद्वान थीं? | यूनानी और लातिनी |
| कसान्द्रा फेदेले को कहाँ भाषण के लिए बुलाया गया? | पादुआ विश्वविद्यालय में |
| कसान्द्रा फेदेले की गणतंत्र-आलोचना? | उसने स्वतंत्रता की सीमित परिभाषा दी जो पुरुषों की इच्छा का ज्यादा समर्थन करती थी |
| ईसाबेला दि इस्ते का काल व राज्य? | 1474–1539; मंतुआ |
| ईसाबेला दि इस्ते की उपलब्धि? | पति की अनुपस्थिति में राज्य पर शासन; राजदरबार बौद्धिक प्रतिभा के लिए प्रसिद्ध |
| महिलाओं की माँग क्या थी? | अधिक आर्थिक स्वायत्तता, संपत्ति और शिक्षा |
| कास्तिल्योनी की पुस्तक व वर्ष? | ‘दि कोर्टियर’ (1528) |
| कास्तिल्योनी का महिलाओं के बारे में मत? | “एक महिला पुरुष के सदृश नहीं होनी चाहिए”; कोमलता, सहृदयता, स्त्रियोचित मधुरता |
समूह 8 — धर्म-सुधार
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| नए विचार आम आदमी तक क्यों नहीं पहुँचे? | क्योंकि वे साक्षर नहीं थे |
| उत्तरी यूरोप का मानवतावाद इटली से कैसे भिन्न? | वहाँ उसने ईसाई चर्च के अनेक सदस्यों को आकर्षित किया |
| उत्तरी यूरोप के मानवतावादियों का आह्वान क्या था? | पुराने धर्मग्रंथों में बताए तरीकों से धर्म का पालन; अनावश्यक कर्मकांडों का त्याग |
| मानव के बारे में उत्तरी यूरोप के मानवतावादियों का दृष्टिकोण? | वह एक मुक्त विवेकपूर्ण कर्ता है |
| उत्तरी यूरोप के मानवतावादियों का ईश्वर-विचार? | दूरवर्ती ईश्वर, जिसने मनुष्य को जीवन मुक्त रूप से चलाने की आज़ादी दी |
| खुशी कहाँ ढूँढ़नी चाहिए? | इसी विश्व में, वर्तमान में |
| टॉमस मोर व इरेस्मस का काल? | 1478–1535 (इंग्लैंड); 1466–1536 (हालैंड) |
| टॉमस मोर व इरेस्मस का चर्च-विषयक मत? | चर्च एक लालची और लूट-खसोट करने वाली संस्था बन गई |
| ‘पाप-स्वीकारोक्ति’ (Indulgences)? | वह दस्तावेज़ जो व्यक्ति को उसके सारे किए पापों से छुटकारा दिला सकता था |
| ईसाइयों को सच्चाई कैसे पता चली? | बाईबल के स्थानीय भाषाओं में छपे अनुवाद से |
| राजा चर्च से क्यों चिढ़ते थे? | राज-काज में उसकी दखलअंदाज़ी से |
| ‘कॉन्स्टैनटाइन का अनुदान’ क्या था? | वह दस्तावेज़ जिससे पादरियों के न्यायिक-वित्तीय शक्तियों के दावे उत्पन्न होते थे |
| ‘कॉन्स्टैनटाइन के अनुदान’ के बारे में मानवतावादियों ने क्या सिद्ध किया? | वह असली नहीं, परवर्ती काल में जालसाजी से तैयार किया गया था |
| मार्टिन लूथर का काल व वर्ष? | 1483–1546; 1517 में अभियान छेड़ा |
| मार्टिन लूथर की मुख्य दलील? | मनुष्य को ईश्वर से संपर्क साधने के लिए पादरी की आवश्यकता नहीं |
| मार्टिन लूथर का अनुयायियों को आदेश? | ईश्वर में पूर्ण विश्वास रखें — केवल विश्वास ही स्वर्ग दिला सकता है |
| लूथर के आंदोलन का नाम? | प्रोटैस्टेंट सुधारवाद |
| प्रोटैस्टेंट सुधारवाद का तात्कालिक परिणाम? | जर्मनी और स्विटज़रलैंड के चर्च ने पोप व कैथलिक चर्च से संबंध तोड़े |
| स्विट्ज़रलैंड के दो प्रचारक? | उलरिक ज्विंगली (1484–1531) और जौं कैल्विन (1509–64) |
| सुधारक कहाँ अधिक लोकप्रिय थे और क्यों? | शहरों में — व्यापारियों से समर्थन मिलने के कारण |
| ग्रामीण इलाकों में? | कैथलिक चर्च का प्रभाव बरकरार रहा |
| एनाबेपटिस्ट कौन थे? | अन्य जर्मन सुधारक, जो कहीं अधिक उग्र-सुधारक थे |
| एनाबेपटिस्टों ने मोक्ष को किससे जोड़ा? | हर तरह के सामाजिक-उत्पीड़न के अंत से |
| एनाबेपटिस्टों का तर्क? | ईश्वर ने सबको एक जैसा बनाया — कर की अपेक्षा न हो, अपना पादरी चुनने का अधिकार हो |
| एनाबेपटिस्टों के विचारों से कौन आकर्षित हुए? | सामंतवाद द्वारा उत्पीड़ित किसान |
| विलियम टिंडेल का काल व कार्य? | 1494–1536; 1506 में अंग्रेज़ी में बाईबल का अनुवाद |
| विलियम टिंडेल का मुख्य तर्क? | मातृभाषा में अनुवाद के बिना सामान्य लोगों को सच्चाई की जानकारी नहीं हो सकती |
| ‘न्यू टेस्टामेंट’ क्या है? | बाईबल का वह खंड जिसमें ईसा का जीवन-चरित्र, धर्मोपदेश व प्रारंभिक अनुयायी हैं |
| लूथर की सीमा? | उन्होंने आमूल परिवर्तनवाद (Radicalism) का समर्थन नहीं किया |
| लूथर ने किसान विद्रोह के समय क्या आह्वान किया? | जर्मन शासक किसान विद्रोह का दमन करें — जो 1525 में किया गया |
| फ्रांस के प्रोटैस्टेंटों का दावा? | जनता को अत्याचारी शासक को अपदस्थ करने का अधिकार है |
| इंग्लैंड में क्या हुआ? | शासकों ने पोप से संबंध तोड़े; राजा/रानी चर्च के प्रमुख बन गए |
| प्रति-सुधार क्या था? | कैथलिक चर्च के आंतरिक सुधार — सादा जीवन व निर्धनों की सेवा |
| लोयोला ने क्या स्थापित किया? | 1540 में ‘सोसाइटी ऑफ़ जीसस’ |
| लोयोला के अनुयायी क्या कहलाते थे? | जेसुइट |
| जेसुइटों का ध्येय? | निर्धनों की सेवा और दूसरी संस्कृतियों के बारे में ज्ञान को व्यापक बनाना |
समूह 9 — वैज्ञानिक क्रांति
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ईसाइयों की पुरानी धारणा? | मनुष्य पापी है; पृथ्वी पापों से भरी है और इसीलिए स्थिर है |
| ब्रह्मांड के बारे में मान्यता? | पृथ्वी बीच में स्थिर, जिसके चारों ओर खगोलीय ग्रह घूम रहे हैं |
| कोपरनिकस का काल? | 1473–1543 (मार्टिन लूथर के समकालीन) |
| कोपरनिकस की घोषणा? | पृथ्वी समेत सारे ग्रह सूर्य के चारों ओर परिक्रमा करते हैं |
| कोपरनिकस भयभीत क्यों थे? | परंपरावादी ईसाई धर्माधिकारियों में घोर-प्रतिक्रिया की आशंका से |
| कोपरनिकस की पांडुलिपि का नाम? | ‘दि रिवल्यूशनिबस’ (De revolutionibus — परिभ्रमण) |
| कोपरनिकस ने पांडुलिपि किसे सौंपी? | मृत्यु-शैया पर अपने अनुयायी जोशिम रिटिकस को |
| कैप्लर का काल व ग्रंथ? | 1571–1630; ‘कॉस्मोग्राफ़िकल मिस्ट्री’ (खगोलीय रहस्य) |
| कैप्लर ने क्या सिद्ध किया? | ग्रह वृत्ताकार नहीं, दीर्घवृत्ताकार (Ellipses) मार्ग पर परिक्रमा करते हैं |
| गैलीलियो का काल व ग्रंथ? | 1564–1642; ‘दि मोशन’ (गति) |
| गैलीलियो ने किसकी पुष्टि की? | गतिशील विश्व के सिद्धांतों की |
| क्रांति की पराकाष्ठा? | न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत के साथ |
| गैलीलियो की प्रसिद्ध टिप्पणी? | “बाईबल जिस स्वर्ग का मार्ग आलोकित करता है, वह स्वर्ग किस प्रकार चलता है — उसके बारे में कुछ नहीं बताता” |
| ज्ञान का नया आधार? | विश्वास से हटकर अवलोकन एवं प्रयोग |
| इस नए दृष्टिकोण का नाम? | ‘वैज्ञानिक क्रांति’ |
| संदेहवादियों के मन में क्या हुआ? | सृष्टि-रचना के स्रोत के रूप में प्रकृति ने ईश्वर का स्थान लेना शुरू किया |
| आस्थावान लोग क्या मानने लगे? | एक दूरस्थ ईश्वर, जो भौतिक दुनिया को प्रत्यक्ष नियंत्रित नहीं करता |
| दो वैज्ञानिक संस्थाएँ? | पेरिस अकादमी (पाठ में 1670, पृ. 120; वास्तविक स्थापना 1666) और लंदन की रॉयल सोसाइटी (1662) |
| पेरिस अकादमी और रॉयल सोसाइटी ने क्या किया? | व्याख्यानों का आयोजन और सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रयोग |
समूह 10 — ‘क्या पुनर्जागरण हुआ था?’ और निष्कर्ष
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| बर्कहार्ट की आलोचना किसने की? | इंग्लैंड के पीटर बर्क (Peter Burke) |
| पीटर बर्क की मुख्य आपत्ति? | बर्कहार्ट ने इस काल और पहले के कालों के फ़र्कों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया |
| ‘पुनर्जागरण’ शब्द में कौन-सी दो बातें अंतर्निहित हैं? | (i) यूनानी-रोमन सभ्यताओं का 14वीं सदी में पुनर्जन्म (ii) ईसाई विश्वदृष्टि की जगह पूर्व-ईसाई विश्वदृष्टि का प्रचार |
| ‘पुनर्जागरण’ शब्द की दो अंतर्निहित मान्यताओं का खंडन कैसे होता है? | पिछली सदियों के विद्वान यूनानी-रोमन से परिचित थे; लोगों के जीवन में धर्म का महत्त्वपूर्ण स्थान था |
| ‘मध्यकाल अंधकारमय था’ — यह मान्यता कैसी है? | यह ज़रूरत से ज्यादा सरलीकरण है |
| पुनर्जागरण के तत्व कब से मिलते हैं? | इटली में बारहवीं और तेरहवीं शताब्दी में |
| फ्रांस में कब ऐसे विचार पनपे? | नौवीं शताब्दी में (कुछ इतिहासकारों के अनुसार) |
| एशिया की स्थिति क्या थी? | वहाँ प्रौद्योगिकी और कार्य-कुशलता यूनानी-रोमन लोगों से काफी विकसित थी |
| किन दो घटनाओं ने महाद्वीपों को जोड़ा? | इस्लाम का विस्तार और मंगोलों की विजयें |
| यूरोपियों ने किन-किन से ज्ञान प्राप्त किया? | यूनानियों-रोमवासियों के अलावा भारत, अरब, ईरान, मध्य एशिया और चीन से |
| दूसरी सभ्यताओं से मिले ज्ञान-ऋण यूरोप में स्वीकार क्यों नहीं किए गए? | क्योंकि इतिहासकारों ने यूरोप-केंद्रित दृष्टिकोण सामने रखा |
| काल का पहला स्थायी परिवर्तन? | ‘निजी’ और ‘सार्वजनिक’ दो अलग क्षेत्र बनने लगे |
| सार्वजनिक क्षेत्र का तात्पर्य? | सरकार का कार्यक्षेत्र और औपचारिक धर्म |
| निजी क्षेत्र का तात्पर्य? | परिवार और व्यक्ति का निजी धर्म |
| व्यक्ति की नयी पहचान? | वह तीन वर्गों का सदस्य मात्र नहीं, अपने आप में एक स्वतंत्र व्यक्ति था |
| कलाकार की पहचान? | गिल्ड का सदस्य मात्र नहीं — अपने हुनर के लिए जाना जाता था |
| 18वीं शताब्दी में इसकी अभिव्यक्ति? | राजनीतिक रूप में — प्रत्येक व्यक्ति के एकसमान राजनीतिक अधिकार |
| दूसरा स्थायी परिवर्तन? | भाषा के आधार पर यूरोप के विभिन्न क्षेत्रों ने अपनी पहचान बनानी शुरू की |
| पहले यूरोप किससे जुड़ा था? | रोमन साम्राज्य से, और बाद में लातिनी भाषा व ईसाई धर्म से |
| नए राज्यों के आंतरिक जुड़ाव का कारण? | समान भाषा का होना |
समूह 11 — कालरेखा-क्विज़
| वर्ष | घटना |
|---|---|
| 1300 | पादुआ विश्वविद्यालय में मानवतावाद पढ़ाया जाने लगा |
| 1349 | फ़्लोरेंस में विश्वविद्यालय की स्थापना |
| 1390 | चॉसर की ‘केन्टरबरी टेल्स’ का प्रकाशन |
| 1436 | ब्रुनेलेशी का ड्यूमो-परिरूप |
| 1453 | ऑटोमन तुर्कों द्वारा कुंस्तुनतुनिया की पराजय |
| 1484 | पुर्तगाली गणितज्ञों द्वारा अक्षांश की गणना |
| 1492 | कोलम्बस अमरीका पहुँचे |
| 1495 | लियोनार्दो का ‘द लास्ट सपर’ |
| 1512 | माइकल एन्जिलो — सिस्टीन चैपल की छत |
| 1516 | टॉमस मोर की ‘यूटोपिया’ |
| 1522 | लूथर द्वारा बाईबल का जर्मन अनुवाद |
| 1543 | वेसेलियस की ‘ऑन ऐनाटॉमी’ |
| 1559 | इंग्लैंड में ऐंग्ल-चर्च की स्थापना |
| 1569 | मरकेटर का बेलनाकार मानचित्र |
| 1582 | ग्रैगोरियन कैलेंडर का प्रचलन |
| 1628 | हार्वे — हृदय व रुधिर-परिसंचरण |
| 1673 | पेरिस में ‘अकादमी ऑफ़ साइंसेज़’ — पाठ की काल-रेखा (पृ. 119) का वर्ष; पृ. 120 पर 1670 लिखा है, और अकादमी के अपने अभिलेख के अनुसार स्थापना 22 दिसंबर 1666 को हुई |
| 1687 | न्यूटन की ‘प्रिन्सिपिया मैथेमेटिका’ |
सुधार, 5 अक्टूबर 2026 — पहले इस डेक में पेरिस की ‘अकादमी ऑफ़ साइंसेज़’ की स्थापना केवल पाठ्यपुस्तक की तिथियों से दी गई थी, और वे आपस में भी अलग हैं (पृ. 120 पर 1670, काल-रेखा में 1673)। अकादमी के अपने अभिलेख के अनुसार स्थापना 22 दिसंबर 1666 को हुई। दोनों कार्डों में यह अब जोड़ दिया गया है।