अध्याय 5बदलती हुई सांस्कृतिक परंपराएँ

प्रश्न बैंक38 मिनट

खंड क–छ • आधार: 00-Master-Teaching-Notes.md (NCERT पृ. 106–122)


खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) [1 अंक]

1‘रेनेसाँ’ (Renaissance) शब्द का शाब्दिक अर्थ है

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सही उत्तर: (अ) पुनर्जन्म

2‘रेनेसाँ’ शब्द का प्रयोग किन इतिहासकारों ने किया?

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सही उत्तर: (स) उन्नीसवीं सदी के

3जैकब बर्कहार्ट किस विश्वविद्यालय के इतिहासकार थे?

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सही उत्तर: (स) ब्रेसले (स्विट्ज़रलैंड)

4बर्कहार्ट के गुरु कौन थे?

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सही उत्तर: (अ) लियोपोल्ड वॉन रांके

5रांके के अनुसार इतिहासकार का पहला उद्देश्य था

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सही उत्तर: (ब) राज्यों और राजनीति पर लिखना

6बर्कहार्ट की 1860 की पुस्तक का नाम है

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सही उत्तर: (स) दि सिविलाईज़ेशन ऑफ़ दि रेनेसाँ इन इटली

7इटली के दो गणराज्य नगर थे

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सही उत्तर: (ब) फ़्लोरेंस और वेनिस

8NCERT के अनुसार सर्वाधिक जीवंत शहरों में पहला और दूसरा कौन था?

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सही उत्तर: (ब) वेनिस और जिनेवा

9‘दि कॉमनवेल्थ एण्ड गवर्नमेंट ऑफ़ वेनिस’ (1534) के लेखक कौन हैं?

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सही उत्तर: (ब) कार्डिनल गेसपारो कोन्तारिनी

10वेनिस की परिषद् में सदस्यता किस आयु से मिलती थी?

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सही उत्तर: (स) 25 वर्ष

11यूरोप के सबसे पहले विश्वविद्यालय कहाँ स्थापित हुए?

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सही उत्तर: (ब) इटली के शहरों में

12पादुआ और बोलोनिया विश्वविद्यालय ग्यारहवीं शताब्दी से किस विषय के केंद्र थे?

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सही उत्तर: (ब) विधिशास्त्र

13फ़्रांचेस्को पेट्रार्क का काल है

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सही उत्तर: (ब) 1304–1378

14पेट्रार्क को ‘राजकवि’ की उपाधि कब मिली?

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सही उत्तर: (ब) 1341

15‘ह्यूमेनिटास’ शब्द को ‘संस्कृति’ के अर्थ में किसने लिया?

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सही उत्तर: (स) सिसरो

16सिसरो का काल क्या है?

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सही उत्तर: (अ) 106–43 ई.पू.

17‘ऑन दि डिगनिटी ऑफ़ मैन’ (1486) के लेखक हैं

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सही उत्तर: (ब) जोवाने पिको देल्ला मिरांदोला

18फ़्लोरेंस की प्रसिद्धि में जिन दो लोगों का बड़ा हाथ था, वे हैं

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सही उत्तर: (ब) दाँते और जोटो

19जोटो का योगदान क्या था?

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सही उत्तर: (ब) जीते-जागते रूपचित्र (Portrait) बनाना

20मानवतावादियों के कालक्रम में ‘आधुनिक युग’ कब से शुरू होता है?

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सही उत्तर: (स) 15 शताब्दी से

21मानवतावादियों के अनुसार ‘अंधकार युग’ कौन-सा काल था?

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सही उत्तर: (अ) 5–9 शताब्दी

22अरबी भाषा में प्लेटो को किस नाम से जाना जाता है?

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सही उत्तर: (ब) अफ़लातून

23टॉलेमी का खगोल-ग्रंथ है

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सही उत्तर: (अ) अलमजेस्ट

24इब्न-सिना (एविसिना) कहाँ के दार्शनिक थे?

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सही उत्तर: (ब) मध्य एशिया के बुखारा

25स्पेन के अरबी दार्शनिक इब्न रूश्द का लातिनी नाम है

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सही उत्तर: (स) अवेरोज़

26आयुर्विज्ञान विश्वकोश के लेखक थे

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सही उत्तर: (अ) अल-राज़ी (रेजेस)

27“कला प्रकृति में रची-बसी होती है” — यह किसका कथन है?

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सही उत्तर: (ब) अल्ब्रेट ड्यूरर

28दोनातल्लो ने सजीव मूर्तियाँ बनाकर नयी परंपरा कब कायम की?

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सही उत्तर: (ब) 1416

29मनुष्य के शरीर की चीर-फाड़ (Dissection) सबसे पहले किसने की?

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सही उत्तर: (ब) आन्द्रीयास वेसेलियस

30वेसेलियस किस विश्वविद्यालय में प्राध्यापक थे?

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सही उत्तर: (ब) पादुआ

31लियोनार्दो दा विन्ची ने अपना नाम क्या रखा था?

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सही उत्तर: (ब) ‘परीक्षण का अनुयायी’

32‘द लास्ट सपर’ चित्र कब बनाया गया?

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सही उत्तर: (स) 1495

33माइकल एन्जिलो ने सिस्टीन चैपल की छत पर चित्र कब बनाए?

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सही उत्तर: (स) 1512

34फ़्लोरेंस के ड्यूमो (गुम्बद) का डिज़ाइन किसने बनाया?

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सही उत्तर: (ब) फिलिप्पो ब्रूनेलेशी

35ब्रूनेलेशी ने अपना पेशा किस रूप में शुरू किया था?

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सही उत्तर: (ब) मूर्तिकार

36मुद्रण-प्रौद्योगिकी के लिए यूरोपीय लोग किनके ऋणी रहे?

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सही उत्तर: (स) चीनियों और मंगोल शासकों के

37गुटेनबर्ग की कार्यशाला में 1455 में बाईबल की कितनी प्रतियाँ छपीं?

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सही उत्तर: (स) 150

38‘ऑनप्लेज़र’ पुस्तक के लेखक कौन हैं?

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सही उत्तर: (ब) लोरेन्ज़ो वल्ला

39‘दि प्रिंस’ (1513) के लेखक हैं

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सही उत्तर: (ब) निकोलो मैक्यिावेली

40मैक्यिावेली के अनुसार मनुष्य के दुष्ट स्वभाव का प्रमुख कारण है

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सही उत्तर: (स) अपने समस्त कार्यों में अपना स्वार्थ देखना

41कसान्द्रा फेदेले किस नगर की निवासी थीं?

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सही उत्तर: (ब) वेनिस

42मार्किसा ईसाबेला दि इस्ते ने किस राज्य पर शासन किया?

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सही उत्तर: (ब) मंतुआ

43‘दि कोर्टियर’ (1528) के लेखक हैं

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सही उत्तर: (अ) बाल्थासार कास्तिल्योनी

44‘पाप-स्वीकारोक्ति’ (Indulgences) क्या था?

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सही उत्तर: (ब) पापों से छुटकारा दिलाने वाला दस्तावेज़

45मार्टिन लूथर ने कैथलिक चर्च के विरुद्ध अभियान कब छेड़ा?

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सही उत्तर: (ब) 1517

46स्विट्ज़रलैंड में लूथर के विचारों को लोकप्रिय बनाने वाले थे

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सही उत्तर: (ब) ज्विंगली और कैल्विन

47एनाबेपटिस्ट सम्प्रदाय ने मोक्ष के विचार को किससे जोड़ा?

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सही उत्तर: (ब) हर तरह के सामाजिक-उत्पीड़न के अंत से

48लूथर ने जर्मन शासकों से किस विद्रोह के दमन का आह्वान किया?

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सही उत्तर: (स) 1525 का किसान विद्रोह

49‘सोसाइटी ऑफ़ जीसस’ की स्थापना किसने और कब की?

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सही उत्तर: (स) इग्नेशियस लोयोला, 1540

50कोपरनिकस की पांडुलिपि का नाम क्या था?

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सही उत्तर: (ब) दि रिवल्यूशनिबस

51कोपरनिकस ने अपनी पांडुलिपि किसे सौंपी?

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सही उत्तर: (स) जोशिम रिटिकस को

52कैप्लर ने सिद्ध किया कि ग्रह किस मार्ग पर परिक्रमा करते हैं?

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सही उत्तर: (ब) दीर्घवृत्ताकार (Ellipses)

53गैलीलियो का ग्रंथ है

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सही उत्तर: (अ) दि मोशन

54वैज्ञानिक क्रांति की पराकाष्ठा किस सिद्धांत के साथ हुई?

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सही उत्तर: (ब) न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत

55लंदन की रॉयल सोसाइटी की स्थापना कब हुई?

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सही उत्तर: (अ) 1662

56बर्कहार्ट के विचारों को अतिशयोक्तिपूर्ण किसने बताया?

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सही उत्तर: (ब) पीटर बर्क

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उत्तरमाला: 1-(अ) 2-(स) 3-(स) 4-(अ) 5-(ब) 6-(स) 7-(ब) 8-(ब) 9-(ब) 10-(स) 11-(ब) 12-(ब) 13-(ब) 14-(ब) 15-(स) 16-(अ) 17-(ब) 18-(ब) 19-(ब) 20-(स) 21-(अ) 22-(ब) 23-(अ) 24-(ब) 25-(स) 26-(अ) 27-(ब) 28-(ब) 29-(ब) 30-(ब) 31-(ब) 32-(स) 33-(स) 34-(ब) 35-(ब) 36-(स) 37-(स) 38-(ब) 39-(ब) 40-(स) 41-(ब) 42-(ब) 43-(अ) 44-(ब) 45-(ब) 46-(ब) 47-(ब) 48-(स) 49-(स) 50-(ब) 51-(स) 52-(ब) 53-(अ) 54-(ब) 55-(अ) 56-(ब)

खंड ख — रिक्त स्थान पूर्ति [1 अंक]

1नगर खासकर फ़्लोरेंस, वेनिस और ________ कला और विद्या के केंद्र बन गए।

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(रोम)

2नगरों को राजाओं और चर्च से थोड़ी बहुत ________ मिली थी।

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(स्वायत्तता/Autonomy)

3बर्कहार्ट के अनुसार इतिहास का सरोकार उतना ही ________ से है जितना राजनीति से।

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(संस्कृति)

4बर्कहार्ट के अनुसार ‘मध्यकालीन मानव’ पर ________ का नियंत्रण था।

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(चर्च)

5बारहवीं शताब्दी से मंगोलों ने चीन के साथ ________ से व्यापार आरंभ किया।

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(रेशम-मार्ग)

6इटली के नगर अपने को ________ का एक समूह मानते थे।

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(स्वतंत्र नगर-राज्यों)

7इटली के नगरों में धनी व्यापारी और महाजन शासन में भाग लेते थे जिससे ________ की भावना पनपने लगी।

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(नागरिकता)

81436 में ब्रुनेलेशी ने फ़्लोरेंस में ________ का परिरूप तैयार किया।

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(ड्यूमो)

91453 में कुंस्तुनतुनिया के बाइज़ेंटाइन शासक को ________ ने पराजित किया।

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(ऑटोमन तुर्कों)

10गुटेनबर्ग ने ________ टाइप से बाईबल का प्रकाशन किया।

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(विभाज्य/Movable)

11वकीलों और ________ की आवश्यकता के कारण कानून का अध्ययन प्रिय विषय बना।

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(नोटरी)

12पेट्रार्क के लिए ________ एक विशिष्ट सभ्यता थी।

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(पुराकाल)

13लातिनी शब्द ________ से ‘ह्यूमेनिटिज़’ शब्द बना है।

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(ह्यूमेनिटास)

14पिको के अनुसार दिमाग की ताकत बढ़ाने के लिए ________ में उतरना ज़रूरी है।

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(शब्दों के दंगल)

15________ शब्द का प्रयोग उस मनुष्य के लिए होता है जिसकी अनेक रुचियाँ हों।

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(रेनेसाँ व्यक्ति)

16मानवतावादियों के अनुसार 5–14 शताब्दी ________ कहलाती है।

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(मध्य युग)

17यूरोप के विद्वान प्लेटो-अरस्तू के लिए ________ के अनुवादकों के ऋणी थे।

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(अरब)

18‘अलमजेस्ट’ ग्रंथ ________ ई. के पूर्व यूनानी भाषा में लिखा गया था।

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(140)

19इस काल के विद्यालय ________ के लिए ही थे।

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(लड़कों)

20ड्यूरर के अनुसार आप अपनी कला को ________ द्वारा दिखा सकते हैं।

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(गणित)

21वेसेलियस के काम से आधुनिक ________ विज्ञान का प्रारंभ हुआ।

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(शरीर-क्रिया/Physiology)

22चित्रों में त्रि-आयामी रूप देने के लिए ________ के बदलते गुणों का अध्ययन किया गया।

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(प्रकाश)

23इतालवी चित्रों में चीनी और फ़ारसी चित्रकला का प्रभाव ________ से मिला था।

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(मंगोलों)

24शरीर विज्ञान, रेखागणित और भौतिकी ने इतालवी कला को जो नया रूप दिया उसे ________ कहा गया।

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(यथार्थवाद/Realism)

25रोम साम्राज्य कालीन शैली के पुनरुद्धार को ________ शैली कहा गया।

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(शास्त्रीय/Classical)

26अब कलाकार की पहचान उसके ________ से होने लगी, न कि उसके संघ या श्रेणी के नाम से।

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(नाम)

27मुद्रण के अतिरिक्त आग्नेयास्त्र, कम्पास और ________ के विषय में भी यूरोप अन्य लोगों का ऋणी रहा।

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(फलक/Abacus)

28वल्ला ने अपनी पुस्तक ‘ऑनप्लेज़र’ में ________ पर लगाई गई ईसाई निषेधाज्ञा की आलोचना की।

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(भोग-विलास)

29मैक्यिावेली के अनुसार ‘सभी मनुष्य ________ हैं’।

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(बुरे)

30दहेज़ का पर्याप्त प्रबंध न होने पर लड़कियों को मठों में ________ का जीवन बिताने भेज दिया जाता था।

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(भिक्षुणी/Nun)

31फेदेले ________ और लातिनी भाषा की विद्वान के रूप में विख्यात थीं।

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(यूनानी)

32ईसाबेला दि इस्ते ने अपने ________ की अनुपस्थिति में राज्य पर शासन किया।

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(पति)

33लूथर के अनुसार मनुष्य को ईश्वर से संपर्क साधने के लिए ________ की आवश्यकता नहीं है।

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(पादरी)

34लूथर के आंदोलन को ________ सुधारवाद नाम दिया गया।

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(प्रोटैस्टेंट)

35विलियम टिंडेल ने ________ में अंग्रेज़ी भाषा में बाईबल का अनुवाद किया।

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(1506)

36लोयोला के अनुयायी ________ कहलाते थे।

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(जेसुइट)

371569 में ________ ने पृथ्वी का पहला बेलनाकार मानचित्र बनाया।

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(गेरहार्डस मरकेटर)

381582 में पोप ग्रैगरी XIII ने ________ कैलेंडर का प्रचलन किया।

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(ग्रैगोरियन)

39कैप्लर के ग्रंथ का नाम ________ है।

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(कॉस्मोग्राफ़िकल मिस्ट्री)

40इतिहासकारों ने ज्ञान के इस नए दृष्टिकोण को ________ का नाम दिया।

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(वैज्ञानिक क्रांति)

खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर [1 अंक]

1‘नगरीय-संस्कृति’ का क्या अर्थ था?

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नगर के लोग स्वयं को गाँव के लोगों से अधिक ‘सभ्य’ समझने लगे थे।

2इस काल के तीन प्रमुख कला-विद्या केंद्र?

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फ़्लोरेंस, वेनिस और रोम।

3कलाकारों-लेखकों के आश्रयदाता कौन थे?

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अमीर और अभिजात वर्ग के लोग।

4यूरोपवासी अपने ‘आधुनिक विश्व’ की तुलना किससे करने लगे?

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यूनान व रोम की ‘प्राचीन दुनिया’ से।

5चौदहवीं शताब्दी से इतिहास की सामग्री कहाँ सुरक्षित है?

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यूरोप और अमरीका के अभिलेखागारों, कला-चित्रशालाओं और संग्रहालयों में।

6रांके के अनुसार इतिहासकार को कौन-से स्रोत प्रयोग करने चाहिए?

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सरकारी विभागों के कागज़ात और फाइलें।

7बर्कहार्ट के अनुसार ‘आधुनिक’ व्यक्ति की पहचान क्या थी?

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वह अपने बारे में खुद निर्णय लेने और अपनी दक्षता आगे बढ़ाने में समर्थ था।

8रोम-पतन के बाद इटली की राजनीतिक स्थिति क्या थी?

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कोई एकीकृत सरकार नहीं; इटली कमज़ोर और अनेक टुकड़ों में बँटा हुआ था।

9इटली के तटवर्ती बंदरगाह कैसे पुनर्जीवित हुए?

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बाइज़ेंटाइन साम्राज्य और इस्लामी देशों के बीच व्यापार बढ़ने से।

10इटली के नगर यूरोप के अन्य क्षेत्रों से किस दृष्टि में अलग थे?

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यहाँ धर्माधिकारी और सामंत वर्ग राजनैतिक दृष्टि से शक्तिशाली नहीं थे।

11कोन्तारिनी के अनुसार सामान्य जनता को शासन से बाहर क्यों रखा गया?

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क्योंकि जहाँ सरकार पर जन-सामान्य का प्रभाव रहता है वहाँ गड़बड़ियाँ और जन उपद्रव होते रहते हैं।

12इटली के नगरों में वकीलों-नोटरी की आवश्यकता क्यों थी?

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वे नियमों को लिखते, उनकी व्याख्या करते और समझौते तैयार करते थे; इनके बिना बड़े पैमाने पर व्यापार संभव नहीं था।

13पेट्रार्क ने किस बात पर ज़ोर दिया?

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प्राचीन (यूनानी-रोमन) लेखकों की रचनाओं का बहुत अच्छी तरह अध्ययन किया जाए।

14पेट्रार्क के शिक्षा-कार्यक्रम में क्या अंतर्निहित था?

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बहुत कुछ जानना बाकी है और यह सब हम केवल धार्मिक शिक्षण से नहीं सीखते।

15‘मानवतावादी’ शब्द किन अध्यापकों के लिए प्रयुक्त होता था?

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जो व्याकरण, अलंकारशास्त्र, कविता, इतिहास और नीतिदर्शन पढ़ाते थे।

16मानवतावादी विषय किस पर बल देते थे?

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उस कौशल पर जो व्यक्ति चर्चा और वाद-विवाद से विकसित करता है।

17दाँते अलिगहियरी की विशेषता क्या थी?

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वे किसी धार्मिक संप्रदाय-विशेष से संबंधित नहीं थे पर उन्होंने अपनी कलम धार्मिक विषयों पर चलायी।

18मानवतावादी ‘मध्ययुग’ के बारे में क्या तर्क देते थे?

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चर्च ने लोगों की सोच को इस तरह जकड़ रखा था कि यूनान-रोमवासियों का समस्त ज्ञान उनके दिमाग से निकल चुका था।

19आधुनिक इतिहासकारों को कौन-सी बात अनुचित लगी?

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किसी भी काल को ‘अंधकार युग’ की संज्ञा देना।

20मध्यकाल में चर्च-मठों के विद्वानों की सीमा क्या थी?

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वे यूनानी-रोमन कृतियों से परिचित थे, पर उन्होंने इन रचनाओं का प्रचार-प्रसार नहीं किया।

21‘अल’ उपपद क्या दर्शाता है?

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यूनानी और अरबी भाषा के बीच रहे संबंधों को।

22इब्न रूश्द ने क्या करने की चेष्टा की?

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दार्शनिक ज्ञान (फ़ैलसुफ़) और धार्मिक विश्वासों के बीच रहे तनावों को सुलझाने की।

23अरब विद्वानों के नामों की यूरोपीय वर्तनी का क्या परिणाम हुआ?

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बाद की पीढ़ियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि वे यूरोपीय थे।

24मानवतावादी विचारों को फैलाने में किन तीन माध्यमों ने भूमिका निभाई?

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कला, वास्तुकला और ग्रंथों ने।

25ड्यूरर का ‘प्रार्थना रत हस्त’ क्या दर्शाता है?

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लोग गहन रूप से धार्मिक थे, पर उन्हें मनुष्य की योग्यता पर भरोसा था।

26कलाकार आयुर्विज्ञान कॉलेजों की प्रयोगशालाओं में क्यों जाते थे?

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नर-कंकालों का अध्ययन करने के लिए।

27लियोनार्दो का स्वप्न क्या था?

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कि वे आकाश में उड़ सकें; उन्होंने उड़न-मशीन का प्रतिरूप बनाया।

28रेखागणित के ज्ञान से चित्रकार को क्या लाभ हुआ?

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वह अपने परिदृश्य (Perspective) को ठीक तरह समझ सका।

29तेल के माध्यम के प्रयोग से चित्रों में क्या बदलाव आया?

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वे पूर्व की तुलना में अधिक रंगीन और चटख बने।

301417 से पोप राजनैतिक रूप से शक्तिशाली क्यों बने?

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1378 से दो प्रतिस्पर्धी पोप के निर्वाचन से जन्मी दुर्बलता का अंत हो गया था।

31माईकल ऐंजेलो की तीन प्रमुख कृतियाँ?

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सिस्टीन चैपल की छत के लेपचित्र, ‘दि पाइटा’ प्रतिमा, सेंट पीटर गिरजे के गुम्बद का डिज़ाइन।

32अल्बर्टी के अनुसार वास्तुविद् कौन है?

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जो नए-नए तरीकों का आविष्कार कर निर्माण में ऐसा तालमेल लाए कि सर्वाधिक सौन्दर्य उभरे और मानवमात्र के लिए उसका श्रेष्ठ उपयोग हो।

33मुद्रण से पहले ग्रंथों की स्थिति क्या थी?

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किसी ग्रंथ की कुछ ही हस्तलिखित प्रतियाँ होती थीं।

34मुद्रण का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ा?

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उन्हें केवल अध्यापकों के व्याख्यानों से बने नोट पर निर्भर नहीं रहना पड़ा।

35इतालवी संस्कृति आल्प्स के पार तेज़ी से क्यों फैली?

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वहाँ छपी हुई पुस्तकों के वितरण के कारण।

36बरबारो ने किसकी तरफ़दारी की?

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संपत्ति अधिग्रहण करने को एक विशेष गुण कहकर।

37मानवतावाद तीन वर्गों की मान्यता के विरुद्ध क्यों गया?

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क्योंकि वह मानता था कि मनुष्य का स्वभाव बहुमुखी है।

38महिलाओं को दहेज़ के संबंध में क्या अधिकार नहीं था?

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वे अपने पति को कारोबार चलाने के बारे में कोई राय नहीं दे सकती थीं।

39व्यापारी परिवारों में महिलाओं की स्थिति कैसे भिन्न थी?

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वे दुकान/कारोबार सँभालती थीं; पति की कम आयु में मृत्यु पर सार्वजनिक जीवन में बड़ी भूमिका निभाती थीं।

40फेदेले ने गणतंत्र की क्या आलोचना की?

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उसने स्वतंत्रता की बहुत सीमित परिभाषा निर्धारित की जो महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की इच्छा का ज्यादा समर्थन करती थी।

41उत्तरी यूरोप का मानवतावाद इटली से कैसे भिन्न था?

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वहाँ मानवतावाद ने ईसाई चर्च के अनेक सदस्यों को आकर्षित किया, जबकि इटली में पेशेवर विद्वान हावी रहे।

42उत्तरी मानवतावादियों का ईश्वर-विषयक विचार क्या था?

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वे एक दूरवर्ती ईश्वर में विश्वास रखते थे जिसने मनुष्य को जीवन मुक्त रूप से चलाने की आज़ादी दी है।

43‘कॉन्स्टैनटाइन के अनुदान’ के बारे में मानवतावादियों ने क्या सिद्ध किया?

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वह दस्तावेज़ असली नहीं, परवर्ती काल में जालसाजी से तैयार किया गया था।

44सुधारकों की लोकप्रियता कहाँ अधिक थी और क्यों?

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शहरों में — व्यापारियों से समर्थन मिलने के कारण; ग्रामीण इलाकों में कैथलिक प्रभाव बरकरार रहा।

45एनाबेपटिस्टों का मुख्य तर्क क्या था?

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ईश्वर ने सभी को एक जैसा बनाया है, इसलिए उनसे कर की अपेक्षा नहीं होनी चाहिए और उन्हें अपना पादरी चुनने का अधिकार हो।

46टिंडेल के अनुसार पुरोहित वर्ग क्या नहीं चाहता था?

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कि धर्मग्रंथ के अनुवाद लोगों की मातृभाषा में उपलब्ध हों।

47इंग्लैंड में पोप से संबंध तोड़ने का क्या परिणाम हुआ?

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राजा/रानी इंग्लैंड के चर्च के प्रमुख बन गए।

48जेसुइटों का ध्येय क्या था?

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निर्धनों की सेवा करना और दूसरी संस्कृतियों के बारे में अपने ज्ञान को व्यापक बनाना।

49कोपरनिकस अपनी पांडुलिपि प्रकाशित क्यों नहीं कराना चाहते थे?

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वे भयभीत थे कि परंपरावादी ईसाई धर्माधिकारियों में घोर-प्रतिक्रिया उत्पन्न हो सकती है।

50गैलीलियो की बाईबल संबंधी प्रसिद्ध टिप्पणी क्या थी?

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बाईबल जिस स्वर्ग का मार्ग आलोकित करता है, वह स्वर्ग किस प्रकार चलता है — उसके बारे में कुछ नहीं बताता।

51वैज्ञानिक संस्थाओं ने क्या किया?

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लोगों की जानकारी के लिए व्याख्यानों का आयोजन और सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए प्रयोग करवाए।

52पीटर बर्क की मुख्य आपत्ति क्या है?

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बर्कहार्ट ने इस काल और पहले के कालों के फ़र्कों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया।

53इस काल में ‘निजी’ और ‘सार्वजनिक’ क्षेत्र का क्या अर्थ था?

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सार्वजनिक = सरकार का कार्यक्षेत्र और औपचारिक धर्म; निजी = परिवार और व्यक्ति का निजी धर्म।

54अठारहवीं शताब्दी में व्यक्ति की पहचान किस रूप में अभिव्यक्त हुई?

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राजनीतिक रूप में — इस विश्वास के साथ कि प्रत्येक व्यक्ति के एकसमान राजनीतिक अधिकार हैं।

खंड घ — अति लघूत्तरात्मक प्रश्न [2 अंक]

1‘रेनेसाँ’ शब्द किसने, कब और किस अर्थ में प्रयोग किया?
उन्नीसवीं शताब्दी के इतिहासकारों ने; शाब्दिक अर्थ पुनर्जन्म (हिंदी: पुनर्जागरण); उस काल के सांस्कृतिक परिवर्तनों के लिए; बर्कहार्ट ने विशेष बल दिया।

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संकेत:

2रांके और बर्कहार्ट के इतिहास-दृष्टिकोण में अंतर बताइए।
रांके — राज्यों-राजनीति पर लिखना, स्रोत सरकारी कागज़ात-फाइलें; बर्कहार्ट — “इतिहास-लेखन में राजनीति ही सब कुछ नहीं; इतिहास का सरोकार उतना ही संस्कृति से है”; साहित्य-वास्तुकला-चित्रकला पर ध्यान।

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संकेत:

3इटली के राजनीतिक विखंडन ने सांस्कृतिक पुनरुत्थान में कैसे सहायता की?
कोई एकीकृत सरकार नहीं, पोप यूरोपीय राजनीति में कमज़ोर, इटली अनेक टुकड़ों में बँटा — इसी से स्वतंत्र नगर-राज्यों का उदय, स्वायत्तता और नागरिकता की भावना।

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संकेत:

4इटली के नगर-राज्य यूरोप के अन्य क्षेत्रों से किस प्रकार भिन्न थे?
धर्माधिकारी व सामंत वर्ग राजनैतिक रूप से शक्तिशाली नहीं; धनी व्यापारी-महाजन शासन में सक्रिय; नागरिकता की भावना; सैनिक तानाशाही में भी नागरिक कहलाने में गर्व।

उत्तर देखिए

संकेत:

5कोन्तारिनी के अनुसार वेनिस की शासन-व्यवस्था कैसी थी?
‘दि कॉमनवेल्थ एण्ड गवर्नमेंट ऑफ़ वेनिस’ (1534); 25+ वर्ष के संभ्रांत पुरुषों की परिषद्; सामान्य जनता बाहर; गरीबों को छोड़कर सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व।

उत्तर देखिए

संकेत:

6इटली में कानून का अध्ययन प्रिय विषय क्यों बना?
व्यापार-वाणिज्य प्रमुख; वकीलों व नोटरी की आवश्यकता (नियम लिखना, व्याख्या, समझौते); इनके बिना बड़े पैमाने का व्यापार असंभव; बाद में रोमन संस्कृति के संदर्भ में अध्ययन।

उत्तर देखिए

संकेत:

7‘मानवतावाद’ से क्या अभिप्राय है?
19वीं सदी के इतिहासकारों का दिया नाम; व्याकरण, अलंकारशास्त्र, कविता, इतिहास व नीतिदर्शन पढ़ाने वाले अध्यापक; ‘ह्यूमेनिटास’ (सिसरो — संस्कृति); धार्मिक नहीं, चर्चा-वाद-विवाद के कौशल पर बल।

उत्तर देखिए

संकेत:

8‘रेनेसाँ व्यक्ति’ किसे कहा जाता है?
वह मनुष्य जिसकी अनेक रुचियाँ हों और अनेक हुनर में महारत हो; उदाहरण — एक ही व्यक्ति विद्वान, कूटनीतिज्ञ, धर्मशास्त्रज्ञ और कलाकार (लियोनार्दो, माईकल ऐंजेलो)।

उत्तर देखिए

संकेत:

9मानवतावादियों के कालक्रम-विभाजन को लिखिए और उस पर आपत्ति बताइए।
5–14 मध्य युग (5–9 अंधकार, 9–11 आरंभिक, 11–14 उत्तर), 15 से आधुनिक; आपत्ति — शोध बढ़ने पर तीक्ष्ण विभाजन में दुविधा; किसी काल को ‘अंधकार युग’ कहना अनुचित।

उत्तर देखिए

संकेत:

10यूरोपीय विद्वान अरब अनुवादकों के ऋणी क्यों थे?
उन्होंने प्लेटो-अरस्तू आदि की पांडुलिपियों का संरक्षण और अनुवाद सावधानी से किया; अरबी में अफ़लातून व एरिस्टोटिल; अलमजेस्ट का ‘अल’ उपपद इसका प्रमाण।

उत्तर देखिए

संकेत:

11वेसेलियस का योगदान लिखिए।
बेल्जियम मूल (1514–64); पादुआ विश्वविद्यालय में आयुर्विज्ञान के प्राध्यापक; पहले व्यक्ति जिन्होंने मानव शरीर की चीर-फाड़ की; आधुनिक शरीर-क्रिया विज्ञान का प्रारंभ।

उत्तर देखिए

संकेत:

12‘यथार्थवाद’ के चार वैज्ञानिक आधार बताइए।
रेखागणित से परिदृश्य; प्रकाश-अध्ययन से त्रि-आयामी रूप; तेल-माध्यम से रंग-चमक; शरीर विज्ञान का ज्ञान (साथ में चीनी-फ़ारसी प्रभाव)।

उत्तर देखिए

संकेत:

13वास्तुकला की ‘शास्त्रीय शैली’ क्या थी?
रोम साम्राज्य कालीन शैली का पुनरुद्धार; पुरातत्त्वविदों द्वारा अवशेषों का उत्खनन; पोप-व्यापारी-अभिजात द्वारा वास्तुविदों की नियुक्ति; लेपचित्र-मूर्ति सज्जा।

उत्तर देखिए

संकेत:

14मुद्रण-प्रौद्योगिकी के लिए यूरोप किनका ऋणी था और क्यों?
चीनियों और मंगोल शासकों का; यूरोपीय व्यापारी-राजनयिक मंगोल राज-दरबार की यात्राओं में परिचित हुए; साथ में आग्नेयास्त्र, कम्पास, फलक (Abacus)।

उत्तर देखिए

संकेत:

15मुद्रण के तीन सामाजिक परिणाम लिखिए।
छात्र नोट पर निर्भर नहीं; विचारों का तेज़ प्रसार (एक पुस्तक कई सौ पाठकों तक); एकांत-पठन से पढ़ने की आदत; आल्प्स के पार संस्कृति का प्रसार।

उत्तर देखिए

संकेत:

16मैक्यिावेली के मनुष्य-संबंधी विचार लिखिए।
‘दि प्रिंस’ (1513), 15वाँ अध्याय; विरोधी गुण-युग्म; “सभी मनुष्य बुरे हैं”; कारण — मनुष्य अपने समस्त कार्यों में अपना स्वार्थ देखता है।

उत्तर देखिए

संकेत:

17मानवतावादी संस्कृति में महिलाओं की स्थिति संक्षेप में बताइए।
वैयक्तिकता व नागरिकता के विचारों से दूर; लड़कों को ही शिक्षा; दहेज़ पर राय का अधिकार नहीं; दहेज़ के अभाव में मठ; व्यापारी परिवारों में अपेक्षाकृत भिन्न स्थिति।

उत्तर देखिए

संकेत:

18कसान्द्रा फेदेले का महत्त्व लिखिए।
वेनिस (1465–1558); “प्रत्येक महिला को सभी प्रकार की शिक्षा की इच्छा रखनी चाहिए”; इस विचारधारा को चुनौती दी कि मानवतावादी विद्वान के गुण महिला में नहीं हो सकते; यूनानी-लातिनी की विद्वान; पादुआ में भाषण।

उत्तर देखिए

संकेत:

19‘पाप-स्वीकारोक्ति’ (Indulgences) क्या थी?
वह दस्तावेज़ जो व्यक्ति को उसके किए सारे पापों से छुटकारा दिला सकता था; पादरियों का धन ठगने का सबसे सरल तरीका; मोर-इरेस्मस ने आलोचना की।

उत्तर देखिए

संकेत:

20एनाबेपटिस्ट सम्प्रदाय के विचार बताइए।
उग्र-सुधारक; मोक्ष को सामाजिक-उत्पीड़न के अंत से जोड़ा; ईश्वर ने सबको एक जैसा बनाया — कर की अपेक्षा नहीं, अपना पादरी चुनने का अधिकार; सामंतवाद से उत्पीड़ित किसानों को आकर्षित किया।

उत्तर देखिए

संकेत:

21प्रति-सुधार (Counter-Reformation) क्या था?
कैथलिक चर्च के आंतरिक सुधार; स्पेन-इटली में सादा जीवन व निर्धन-सेवा पर ज़ोर; लोयोला द्वारा 1540 में ‘सोसाइटी ऑफ़ जीसस’; जेसुइट — निर्धन-सेवा व अन्य संस्कृतियों का ज्ञान।

उत्तर देखिए

संकेत:

22कोपरनिकस की खोज और उनके भय का वर्णन कीजिए।
पृथ्वी समेत सारे ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं; वे निष्ठावान ईसाई थे और धर्माधिकारियों की घोर-प्रतिक्रिया से भयभीत; ‘दि रिवल्यूशनिबस’ मृत्यु-शैया पर रिटिकस को सौंपी।

उत्तर देखिए

संकेत:

23कैप्लर और गैलीलियो के योगदान लिखिए।
कैप्लर — ‘कॉस्मोग्राफ़िकल मिस्ट्री’; सूर्य-केंद्रित सिद्धांत लोकप्रिय; ग्रह दीर्घवृत्ताकार मार्ग पर; गैलीलियो — ‘दि मोशन’; गतिशील विश्व के सिद्धांतों की पुष्टि।

उत्तर देखिए

संकेत:

24पीटर बर्क की आपत्ति के दो बिंदु लिखिए।
(i) बर्कहार्ट ने फ़र्क बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए; (ii) ‘पुनर्जागरण’ शब्द में यूनानी-रोमन सभ्यता के ‘पुनर्जन्म’ और ‘पूर्व-ईसाई विश्वदृष्टि के प्रचार’ की दोनों बातें अतिशयोक्तिपूर्ण हैं।

उत्तर देखिए

संकेत:

खंड ङ — लघूत्तरात्मक प्रश्न [3–4 अंक]

1चौदहवीं से सत्रहवीं शताब्दी की ‘नगरीय-संस्कृति’ की विशेषताएँ लिखिए।
नगरों की बढ़ती संख्या; ‘सभ्य’ होने का भाव; फ़्लोरेंस-वेनिस-रोम कला-विद्या के केंद्र; स्वायत्तता; आश्रयदाता; मुद्रण; इतिहास-बोध; धर्म-चयन का विचार; वैज्ञानिक व भौगोलिक ज्ञान से पुरानी धारणाओं का खंडन।

उत्तर देखिए

बिंदु:

2बर्कहार्ट के योगदान का मूल्यांकन कीजिए।
रांके के शिष्य पर उनके सीमित लक्ष्यों से असंतुष्ट; संस्कृति-केंद्रित इतिहास; 1860 की पुस्तक; ‘मानवतावादी संस्कृति’ की अवधारणा; ‘आधुनिक’ बनाम ‘मध्यकालीन मानव’; साथ में पीटर बर्क की आलोचना।

उत्तर देखिए

बिंदु:

3इटली के नगरों के पुनरुत्थान के कारण बताइए।
राजनीतिक विखंडन व पोप की कमज़ोरी; बाइज़ेंटाइन-इस्लामी व्यापार से बंदरगाहों का पुनर्जीवन; मंगोलों का रेशम-मार्ग व्यापार (12वीं सदी से); स्वतंत्र नगर-राज्यों की चेतना; व्यापारी-महाजनों की भागीदारी।

उत्तर देखिए

बिंदु:

4मानवतावाद के उदय में विश्वविद्यालयों की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
पादुआ-बोलोनिया विधिशास्त्र के केंद्र; व्यापार से वकील-नोटरी की माँग; रोमन संदर्भ में कानून; पेट्रार्क का प्राचीन-ग्रंथ अध्ययन; फ़्लोरेंस विश्वविद्यालय (1349); पाठ्यचर्या में मानवतावादी विषयों का प्रवेश।

उत्तर देखिए

बिंदु:

5मानवतावादी इतिहास-दृष्टि और उसकी सीमाएँ बताइए।
‘अंधकारयुग’ की धारणा; ‘मध्यकाल’ संज्ञा; चर्च द्वारा सोच को जकड़ने का तर्क; ‘आधुनिक’ का प्रयोग; कालक्रम-तालिका; सीमा — आधुनिक इतिहासकारों का ‘अंधकार युग’ शब्द पर आपत्ति।

उत्तर देखिए

बिंदु:

6यूरोपीय पुनर्जागरण में अरब-इस्लामी विद्वानों के योगदान का वर्णन कीजिए।
पांडुलिपियों का संरक्षण-अनुवाद; अफ़लातून-एरिस्टोटिल; दोतरफा अनुवाद; अलमजेस्ट व ‘अल’; इब्न-सिना, अल-राज़ी, इब्न रूश्द (जिनकी पद्धति ईसाई चिंतकों ने अपनाई); यूरोपीय वर्तनी से उपजा भ्रम।

उत्तर देखिए

बिंदु:

7कला में यथार्थवाद के विकास का वर्णन कीजिए।
प्राचीन कृतियों-अवशेषों से प्रेरणा; दोनातल्लो (1416); वेसेलियस व शरीर-रचना; रेखागणित-परिदृश्य; प्रकाश व त्रि-आयाम; तेल-माध्यम; चीनी-फ़ारसी प्रभाव; ड्यूरर का कथन; परंपरा 19वीं सदी तक।

उत्तर देखिए

बिंदु:

8पुनर्जागरणकालीन वास्तुकला की विशेषताएँ लिखिए।
रोम का पुनर्जीवन; पोप की शक्ति (1417); पुरातत्त्वीय उत्खनन; ‘शास्त्रीय’ शैली; आश्रयदाता; भवन-सज्जा; माईकल ऐंजेलो व ब्रूनेलेशी; अल्बर्टी की परिभाषा; कलाकार की नाम-आधारित पहचान।

उत्तर देखिए

बिंदु:

9मुद्रण-क्रांति और उसके परिणामों का वर्णन कीजिए।
चीन-मंगोल से तकनीक; गूटेनबर्ग व 1455 की 150 प्रतियाँ बनाम भिक्षु की एक प्रति; क्लासिकी ग्रंथों का मुद्रण; छात्रों की स्वतंत्रता; विचारों का तेज़ प्रसार; एकांत-पठन व पढ़ने की आदत; आल्प्स-पार प्रसार।

उत्तर देखिए

बिंदु:

10‘मनुष्य की एक नयी संकल्पना’ से क्या अभिप्राय है?
धर्म का कमज़ोर नियंत्रण पर अधार्मिकता नहीं; बरबारो व वल्ला; अच्छे व्यवहार-दक्षता; सत्ता-दौलत की होड़ से परे जीवन को रूप देना; बहुमुखी स्वभाव — तीन वर्गों के विरुद्ध; मैक्यिावेली का यथार्थवादी मनुष्य-दर्शन।

उत्तर देखिए

बिंदु:

11पुनर्जागरणकालीन महिलाओं की स्थिति और आकांक्षाओं पर टिप्पणी लिखिए।
बहिष्करण (शिक्षा, निर्णय, दहेज़-राय); विवाह व मठ; व्यापारी परिवारों की भिन्नता; फेदेले का कथन व गणतंत्र की आलोचना; ईसाबेला दि इस्ते; निष्कर्ष — आर्थिक स्वायत्तता, संपत्ति और शिक्षा की माँग; कास्तिल्योनी का प्रतिपक्ष।

उत्तर देखिए

बिंदु:

12उत्तरी यूरोप के मानवतावाद की विशेषताएँ बताइए।
चर्च-सदस्यों को आकर्षित (इटली से भिन्न); पुराने धर्मग्रंथों के अनुसार धर्म-पालन; अनावश्यक कर्मकांडों का त्याग; मानव = मुक्त विवेकपूर्ण कर्ता; दूरवर्ती ईश्वर; इसी विश्व में सुख।

उत्तर देखिए

बिंदु:

13धर्म-सुधार आंदोलन के कारणों का वर्णन कीजिए।
चर्च की लालच व लूट-खसोट (मोर, इरेस्मस); Indulgences; स्थानीय भाषा में बाईबल; किसानों का कर-विरोध; राजाओं का असंतोष; ‘कॉन्स्टैनटाइन के अनुदान’ की जालसाजी; लूथर का 1517 का अभियान।

उत्तर देखिए

बिंदु:

14लूथर के विचारों और उनकी सीमाओं का वर्णन कीजिए।
पादरी की आवश्यकता नहीं; केवल विश्वास से मोक्ष; प्रोटैस्टेंट सुधारवाद; जर्मनी-स्विट्ज़रलैंड का चर्च से अलगाव; ज्विंगली-कैल्विन; सीमा — आमूल परिवर्तनवाद का विरोध और 1525 के किसान विद्रोह के दमन का आह्वान।

उत्तर देखिए

बिंदु:

15कोपरनिकसीय क्रांति का वर्णन कीजिए।
पुरानी मान्यता (पापों से भरी स्थिर पृथ्वी, ब्रह्मांड का केंद्र); कोपरनिकस की घोषणा; उनका भय व पांडुलिपि का प्रसंग; कैप्लर (दीर्घवृत्त), गैलीलियो (गति); न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से पराकाष्ठा।

उत्तर देखिए

बिंदु:

16‘वैज्ञानिक क्रांति’ के परिणामों का वर्णन कीजिए।
ज्ञान = विश्वास से हटकर अवलोकन-प्रयोग; भौतिकी-रसायन-जीव विज्ञान में प्रयोग; प्रकृति का ईश्वर-स्थान लेना; दूरस्थ ईश्वर की धारणा; वैज्ञानिक संस्थाएँ (पेरिस अकादमी, रॉयल सोसाइटी 1662) व सार्वजनिक प्रदर्शन।

उत्तर देखिए

बिंदु:

17इस काल के दो स्थायी परिवर्तन बताइए।
(i) ‘निजी’ और ‘सार्वजनिक’ क्षेत्रों का अलग होना; व्यक्ति तीन वर्गों का सदस्य मात्र नहीं; कलाकार गिल्ड-सदस्य मात्र नहीं; 18वीं सदी में समान राजनीतिक अधिकार की अभिव्यक्ति। (ii) भाषा के आधार पर क्षेत्रीय पहचान व अलग-अलग राज्यों में विभाजन।

उत्तर देखिए

बिंदु:

18“पुनर्जागरण केवल यूरोप की उपलब्धि नहीं थी।” स्पष्ट कीजिए।
एशिया की प्रौद्योगिकी-कार्यकुशलता अधिक विकसित; नौसंचालन की नयी तकनीकें; इस्लाम-विस्तार व मंगोल विजयों से जुड़ाव; भारत, अरब, ईरान, मध्य एशिया व चीन से ज्ञान; ऋण स्वीकार न किए जाने का कारण

उत्तर देखिए

यूरोप-केंद्रित दृष्टिकोण।

बिंदु:

खंड च — निबंधात्मक/विश्लेषणात्मक प्रश्न [6–8 अंक]

1“मानवतावाद पुनर्जागरण की आत्मा था।” मानवतावादी विचारों के अभिलक्षणों का विवेचन कीजिए। (अभ्यास प्र. 5)
रूपरेखा: उत्पत्ति (पेट्रार्क, ह्यूमेनिटास, सिसरो); विषय-सूची; वाद-विवाद का कौशल; मानव की नयी संकल्पना (मुक्त कर्ता, इसी जीवन में सुख, बहुमुखी स्वभाव); कला-वास्तुकला में अभिव्यक्ति; ‘रेनेसाँ व्यक्ति’; सीमाएँ (महिलाएँ, साक्षरता); निष्कर्ष।

2इटली के नगरों में मानवतावादी विचारों का अनुभव सबसे पहले क्यों हुआ? विस्तार से लिखिए। (अभ्यास प्र. 3)
रूपरेखा: भौगोलिक-ऐतिहासिक स्थिति (रोम के अवशेष); राजनीतिक विखंडन व नगर-राज्यों की स्वायत्तता; व्यापार व वकीलों की माँग; विश्वविद्यालय; धनी आश्रयदाता; बाइज़ेंटाइन-इस्लामी व रेशम-मार्ग संपर्क; मुद्रण; निष्कर्ष।

3पुनर्जागरणकालीन कला और वास्तुकला में हुए परिवर्तनों का विश्लेषण कीजिए।
रूपरेखा: प्रेरणा-स्रोत; दोनातल्लो; यथार्थवाद के चार आधार; ड्यूरर-लियोनार्दो; वेसेलियस व शरीर-रचना; शास्त्रीय वास्तुशैली; माईकल ऐंजेलो-ब्रूनेलेशी-अल्बर्टी; कलाकार की नयी पहचान; एशियाई प्रभाव।

4मुद्रण-क्रांति ने यूरोपीय समाज और संस्कृति को कैसे बदला? विवेचना कीजिए।
रूपरेखा: पूर्व-स्थिति (हस्तलिखित प्रतियाँ); चीन-मंगोल से तकनीक व अन्य तीन नवाचार; गूटेनबर्ग; आँकड़े (150 प्रतियाँ बनाम एक); शिक्षा, विचार-प्रसार, एकांत-पठन; आल्प्स-पार प्रसार; धर्म-सुधार से संबंध (मातृभाषा में बाईबल — टिंडेल, लूथर 1522); निष्कर्ष।

5“पुनर्जागरण की संस्कृति में महिलाओं की जगह विरोधाभासी थी।” इस कथन का परीक्षण कीजिए।
रूपरेखा: बहिष्करण के प्रमाण (शिक्षा, दहेज़, विवाह, मठ, विद्यालय केवल लड़कों के लिए); व्यापारी परिवारों की भिन्न स्थिति; फेदेले व ईसाबेला दि इस्ते; फेदेले की गणतंत्र-आलोचना; कास्तिल्योनी का ‘स्त्रियोचित’ आदर्श; निष्कर्ष — नयी वैयक्तिकता का दायरा सीमित था।

6धर्म-सुधार आंदोलन के कारण, स्वरूप और परिणामों का विवेचन कीजिए।
रूपरेखा: पृष्ठभूमि (उत्तरी मानवतावाद, Indulgences, कर-विरोध, राजाओं का असंतोष, ‘कॉन्स्टैनटाइन के अनुदान’ की जालसाजी); लूथर 1517; ज्विंगली-कैल्विन; शहर बनाम ग्रामीण; एनाबेपटिस्ट व किसान; टिंडेल व मातृभाषा; लूथर की सीमा (1525); इंग्लैंड-फ्रांस; प्रति-सुधार व जेसुइट।

7वैज्ञानिक क्रांति के विकास-क्रम और उसके बौद्धिक परिणामों का विश्लेषण कीजिए।
रूपरेखा: पुरानी ईसाई ब्रह्मांड-धारणा; कोपरनिकस

उत्तर देखिए

कैप्लर → गैलीलियो → न्यूटन; वेसेलियस व हार्वे; गैलीलियो का कथन; ज्ञान का नया आधार (अवलोकन-प्रयोग); दूरस्थ ईश्वर व नास्तिकता; वैज्ञानिक संस्थाएँ व सार्वजनिक विज्ञान।

8“चौदहवीं सदी में यूरोप में ‘पुनर्जागरण’ हुआ था — यह कथन अतिशयोक्तिपूर्ण है।” पीटर बर्क के तर्कों के आधार पर विवेचना कीजिए।
रूपरेखा: बर्कहार्ट का मत; बर्क की दोहरी आपत्ति; खंडन (पिछली सदियों के विद्वान यूनानी-रोमन से परिचित; धर्म का महत्त्वपूर्ण स्थान); 12वीं-13वीं सदी व 9वीं सदी के फ्रांस के उदाहरण; ‘अंधकार युग’ का खंडन; एशियाई ऋण व यूरोप-केंद्रित दृष्टिकोण; निष्कर्ष — निरंतरता और परिवर्तन दोनों।

9सत्रहवीं शताब्दी के यूरोपियों को विश्व किस प्रकार भिन्न लगा? सुनिश्चित विवरण दीजिए। (अभ्यास प्र. 6)
रूपरेखा: भौगोलिक (कोलम्बस, मरकेटर, यूरोप-केंद्र की धारणा का खंडन); खगोलीय (कोपरनिकस से न्यूटन); शारीरिक-चिकित्सा (वेसेलियस, हार्वे); धार्मिक (सुधार, मातृभाषा में बाईबल, धर्म-चयन); बौद्धिक-सामाजिक (मुद्रण, निजी/सार्वजनिक, भाषा-पहचान, वैज्ञानिक संस्थाएँ); निष्कर्ष — ज्ञान का आधार विश्वास से हटकर अवलोकन-प्रयोग पर।

10चौदहवीं और पंद्रहवीं शताब्दियों में यूनानी और रोमन संस्कृति के किन तत्वों को पुनर्जीवित किया गया? (अभ्यास प्र. 1)
रूपरेखा: ग्रंथ (प्लेटो-अरस्तू, अरबी अनुवादों से); लातिनी क्लासिकी ग्रंथों का मुद्रण; सिसरो का ह्यूमेनिटास; रोमन विधि; वाद-विवाद की पद्धति; शास्त्रीय वास्तुकला व उत्खनन; ‘संतुलित’ मूर्तियाँ; इतिहास व नीतिदर्शन; साथ में यह भी कि यह ‘पुनर्जन्म’ आंशिक था (बर्क की आपत्ति)।

खंड छ — स्रोत-आधारित प्रश्न [4–5 अंक]

स्रोत 1 (पृ. 108): कार्डिनल कोन्तारिनी — नगर-राज्य

”… हमारे वेनिस के संयुक्तमंडल की संस्था के बारे में जानने पर आपको ज्ञात होगा कि नगर का संपूर्ण प्राधिकार… एक ऐसी परिषद् के हाथों में है जिसमें 25 वर्ष से अधिक आयु वाले [संभ्रांत वर्ग के] सभी पुरुषों को सदस्यता मिल जाती है…। गरीब लोगों को छोड़कर सभी नागरिकों का प्रतिनिधित्व सत्ता में होना चाहिए…”

1कोन्तारिनी कौन थे और उनकी पुस्तक का नाम व वर्ष क्या है?

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(कार्डिनल गेसपारो कोन्तारिनी, 1483–1542; ‘दि कॉमनवेल्थ एण्ड गवर्नमेंट ऑफ़ वेनिस’, 1534)

2वेनिस की परिषद् में कौन सदस्य बन सकता था?

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(25 वर्ष से अधिक आयु वाले संभ्रांत वर्ग के सभी पुरुष)

3सामान्य जनता को शासन से बाहर रखने का क्या तर्क दिया गया?

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(जहाँ सरकार पर जन-सामान्य का प्रभाव रहता है वहाँ अनेक गड़बड़ियाँ और जन उपद्रव होते रहते हैं)

4इस स्रोत से वेनिस की ‘लोकतांत्रिक’ सरकार की सीमाएँ क्या दिखती हैं?

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(महिलाएँ, गरीब और सामान्य जनता बाहर; केवल संभ्रांत/उदात्त गुण वाले पुरुष — यानी यह सीमित, अभिजात-प्रधान गणतंत्र था)

स्रोत 2 (पृ. 110): पिको देल्ला मिरांदोला

“(प्लेटो और अरस्तू) के अनुसार सत्य की खोज करने और इसे प्राप्त करने के लिए वे हमेशा जुटे रहते थे… जहाँ तक हो सके विचारगोष्ठियों में जाना चाहिए और वाद-विवाद करना चाहिए। यह उसी तरह है जैसे शरीर को मज़बूत बनाने के लिए कसरत ज़रूरी है, दिमाग की ताकत को बढ़ाने के लिए शब्दों के दंगल में उतरना ज़रूरी है।”

1पिको देल्ला मिरांदोला कौन थे और उनकी पुस्तक कौन-सी है?

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(फ़्लोरेंस के मानवतावादी, 1463–94; ‘ऑन दि डिगनिटी ऑफ़ मैन’, 1486)

2इस अंश में किन दो यूनानी दार्शनिकों का उल्लेख है?

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(प्लेटो और अरस्तू)

3लेखक ने वाद-विवाद की तुलना किससे की है?

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(शरीर को मज़बूत बनाने वाली कसरत से)

4यह अंश मानवतावादी शिक्षा की किस विशेषता को उजागर करता है?

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(विषय धार्मिक नहीं थे; वे चर्चा और वाद-विवाद से विकसित होने वाले कौशल पर बल देते थे)

स्रोत 3 (पृ. 112): अल्ब्रेट ड्यूरर

“कला प्रकृति में रची-बसी होती है। जो इसके सार को पकड़ सकता है वही इसे प्राप्त कर सकता है… इसके अतिरिक्त आप अपनी कला को गणित द्वारा दिखा सकते हैं। ज़िंदगी की अपनी आकृति से आपकी कृति जितनी जुड़ी होगी उतना ही सुंदर आपका चित्र होगा।”

1ड्यूरर का काल क्या है?

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(1471–1528)

2उनके अनुसार कला का स्रोत और उसे व्यक्त करने का साधन क्या है?

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(स्रोत — प्रकृति; साधन — गणित)

3उनका कौन-सा रेखाचित्र NCERT में दिया गया है?

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(‘प्रार्थना रत हस्त’, 1508)

4यह चित्र सोलहवीं शताब्दी की इतालवी संस्कृति के किस विरोधाभास को दर्शाता है?

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(लोग गहन रूप से धार्मिक थे, पर उन्हें मनुष्य की योग्यता पर भरोसा था कि वह निकट पूर्णता प्राप्त कर सकता है और ब्रह्मांड के रहस्य सुलझा सकता है)

स्रोत 4 (पृ. 115): निकोलो मैक्यिावेली — ‘दि प्रिंस’

“मैक्यिावेली यह मानते थे कि ‘सभी मनुष्य बुरे हैं और वह अपने दुष्ट स्वभाव को प्रदर्शित करने में सदैव तत्पर रहते हैं क्योंकि कुछ हद तक मनुष्य की इच्छाएँ अपूर्ण रह जाती हैं।’ मैक्यिावेली ने देखा कि इसके पीछे, प्रमुख कारण है कि मनुष्य अपने समस्त कार्यों में अपना स्वार्थ देखता है।”

1यह अंश किस ग्रंथ के किस अध्याय से है?

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(‘दि प्रिंस’ (1513) के पंद्रहवें अध्याय से)

2मैक्यिावेली किन लोगों के गुणों की चर्चा विशेष रूप से करते हैं?

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(राजकुमारों की, जो जनता की नज़र में रहते हैं)

3उनके अनुसार मनुष्य के दुष्ट स्वभाव का मूल कारण क्या है?

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(वह अपने समस्त कार्यों में अपना स्वार्थ देखता है; इच्छाएँ अपूर्ण रह जाती हैं)

4यह दृष्टिकोण मानवतावादी चिंतन से किस प्रकार जुड़ता है?

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(यह मनुष्य का आदर्शीकृत नहीं, यथार्थवादी अध्ययन है — ‘काल्पनिक बातों को अलग कर केवल उन्हीं विषयों के बारे में सोचें जो वास्तव में हैं’)

स्रोत 5 (पृ. 116): कसान्द्रा फेदेले और कास्तिल्योनी

फेदेले: “यद्यपि महिलाओं को शिक्षा न तो पुरस्कार देती है न किसी सम्मान का आश्वासन, तथापि प्रत्येक महिला को सभी प्रकार की शिक्षा को प्राप्त करने की इच्छा रखनी चाहिए और उसे ग्रहण करना चाहिए।” कास्तिल्योनी (‘दि कोर्टियर’, 1528): “मेरे विचार से… एक महिला पुरुष के सदृश नहीं होनी चाहिए… एक स्त्री के लिए यह अच्छा ही है कि उसमें कोमलता और सहृदयता हो, एक स्त्रियोचित मधुरता का आभास उसके हर हाव-भाव में हो…”

1फेदेले किस नगर की थीं और किन भाषाओं की विद्वान के रूप में विख्यात थीं?

उत्तर देखिए

(वेनिस; यूनानी और लातिनी)

2उन्होंने किस प्रचलित विचारधारा को चुनौती दी?

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(कि एक मानवतावादी विद्वान के गुण एक महिला के पास नहीं हो सकते)

3दोनों अंशों के दृष्टिकोण में मूल अंतर क्या है?

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(फेदेले — महिला को शिक्षा और बौद्धिक समानता चाहिए; कास्तिल्योनी — महिला को ‘स्त्रियोचित’ गुणों तक सीमित रहना चाहिए)

4फेदेले ने गणतंत्र की क्या आलोचना की?

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(उसने स्वतंत्रता की बहुत सीमित परिभाषा निर्धारित की जो महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों की इच्छा का ज्यादा समर्थन करती थी)

स्रोत 6 (पृ. 118): विलियम टिंडेल

“इस बात से सब लोग सहमत होंगे कि वे आपको धर्मग्रंथ के ज्ञान से दूर रखने के लिए यह चाहते थे कि धर्मग्रंथ के अनुवाद आपकी मातृभाषा में उपलब्ध न हो सकें जिससे दुनिया अंधकार में ही रहे… सामान्य लोगों को किसी भी सच्चाई की तब तक जानकारी नहीं हो सकती जब तक उनके पास अपने धर्मग्रंथ के मातृभाषा में अनुवाद उपलब्ध न हों।”

1टिंडेल कौन थे और उन्होंने कब अनुवाद किया?

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(लूथरवादी अंग्रेज़, 1494–1536; 1506 में अंग्रेज़ी भाषा में बाईबल का अनुवाद)

2उनके अनुसार पुरोहित वर्ग मातृभाषा में अनुवाद क्यों नहीं चाहता था?

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(ताकि उनके बनाए अंधविश्वास और झूठे धर्मसिद्धांत चलते रहें और वे लोगों के अंत:करण में बने रहें)

3‘न्यू टेस्टामेंट’ क्या है?

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(बाईबल का वह खंड जिसमें ईसा मसीह का जीवन-चरित्र, धर्मोपदेश और प्रारंभिक अनुयायियों का उल्लेख है)

4इस स्रोत का मुद्रण-क्रांति से क्या संबंध है?

उत्तर देखिए

(मातृभाषा में छपे अनुवादों से ही आम ईसाइयों को पता चला कि उनका धर्म Indulgences जैसी प्रथाओं की आज्ञा नहीं देता — मुद्रण ने सुधार-आंदोलन को जन-आधार दिया)